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मोदी विदेश दौरे में मस्त हैं, इससे नहीं होगा देश का भला: राहुल

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक के बाद एक विदेश दौरों पर तन्ज करते हुए बुधवार को कहा कि मोदी बार-बार विदेश जा रहे हैं लेकिन परदेस के लोग भी बहुत चालाक हैं..

Author अमेठी/रायबरेली | December 23, 2015 8:11 PM
अमेठी दौरे पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक के बाद एक विदेश दौरों पर तन्ज करते हुए बुधवार को कहा कि मोदी बार-बार विदेश जा रहे हैं लेकिन परदेस के लोग भी बहुत चालाक हैं और इन दौरों से देश को कोई फायदा नहीं होगा। राहुल ने अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र अमेठी के दो दिन के दौरे के पहले दिन मुसाफिरखाना में कांग्रेस के न्याय पंचायत अध्यक्षों के सम्मेलन में कहा ‘‘मोदी विदेश दौरे में मस्त हैं। वह बार-बार विदेश जा रहे हैं लेकिन विदेश के लोग बहुत चालाक हैं। इससे कोई फायदा नहीं होने वाला है।’’ मोदी इस वक्त रूस की यात्रा पर हैं।

राहुल ने कहा कि मोदी उद्योगपतियों से बात करते हैं। उनका जनता से कोई मतलब नहीं है। मोदी जहां भी चुनाव प्रचार के लिये जाते हैं, वहां हिन्दू-मुसलमान के बीच लड़ाई कराते हैं। वह विधानसभा चुनाव के बाद बिहार को ऐसे भूल गये हैं जैसे कि वह देश में नहीं हैं। बिहार चुनाव के बाद मोदी के तेवर ढीले हो गये हैं।

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा एवं सूचना का अधिकार (आरटीआई) जैसी योजनाओं को बंद करने में लगी है। इससे किसान, मजदूर और गरीब का बहुत नुकसान हो रहा है। कांग्रेस की जिम्मेदारी है कि वह मनरेगा, दुग्ध क्रांति और हरित क्रांति के लिये लड़ाई लड़े। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। अच्छा समय है। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी तो अमेठी का बहुत फायदा होगा। कार्यकर्ताओं को गांव में जाकर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की नाकामियों को जनता तक पहुंचाना होगा।

इस दौरान गौरीगंज में सम्राट साईकिल फैक्ट्री की स्थापना के लिये विस्थापित किये गये किसानों की संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने राहुल से मुलाकात की गुजारिश की लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। संघर्ष समिति के कानूनी सलाहकार उमाशंकर पाण्डेय ने बताया कि जमीन सम्राट साइकिल का कारखाना बनाने के लिये ली गयी थी। उस या तो कारखाना लगाया जाये या फिर जमीन किसानों को वापस दी जाए। वह दो-तीन दिन में दिल्ली उच्च न्यायालय जाकर इसके खिलाफ अपील करेंगे। इस जमीन को दिल्ली में हुई नीलामी में राजीव गांधी ट्रस्ट ने खरीदा था।

इसके पूर्व, राहुल ने रायबरेली जिले के छतोह ब्लाक के रमसापुर गांव स्थित एक इंटर कालेज में अमेठी संसदीय क्षेत्र के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों के सम्मेलन में कहा ‘‘मेगा फूड पार्क और हिन्दुस्तान पेपर मिल के जरिये हम अमेठी का चेहरा बदल सकते थे। इससे 15-20 हजार लोगों को रोजगार मिलता। इन परियोजनाओं के लिये जमीन भी मिल गयी थी लेकिन भाजपा नहीं चाहती कि यहां पर फूड पार्क और पेपर मिल बने।’’

उन्होंने कहा कि फूड पार्क में 40 अलग-अलग कारखाने बनने थे। इससे किसानों को ज्यादा फायदा मिलता, मगर वह सब खत्म हो गया। हम चाहते हैं कि इसके बारे में ग्राम प्रधान भी आवाज उठाएं। इसके अलावा वे अपने अधिकारों में हो रही कटौती के खिलाफ भी इकट्ठा होकर आवाज उठाएं। राहुल ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की ही सोच का नतीजा है। कांग्रेस चाहती है कि आने वाले समय में ग्राम प्रधानों को और भी अधिकार मिलें। कांग्रेस की इच्छा है कि केंद्र और प्रदेश के जितने भी कल्याणकारी कार्यक्रम हैं, वे सब ग्राम प्रधान ही संचालित करें।

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार ने जमीन अधिग्रहण विधेयक को खत्म करने की तीन बार कोशिश की। तीनों ही बार कांग्रेस ने उन्हें रोका। फर्क देखा जाए, तो कांग्रेस की पिछली सरकार के विभिन्न विधेयकों में प्रधानों को शक्ति दी गयी है, जबकि मोदी सरकार के विधेयकों में यह शक्ति छीन ली गयी है।

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