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भड़के राहुल गांधी का तंज- सिर्फ एक NGO चलेगा, RSS, बाकी जो शिकायत करे उसे गोलियों से उड़ा दो

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने देश में जगह-जगह जाने-माने कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह 'न्यू इंडिया' है। यहां सिर्फ एक ही एनजीओ के लिए स्थान है- राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ, बाकी जो शिकायत करे उसे गोलियों से उड़ा दो।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फोटो सोर्स- REUTERS)

देश के कई हिस्सों में एक साथ छापे के बाद माओवादियों से संबंध रखने के आरोप में कई जाने-माने कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और आरएसएस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह ‘न्यू इंडिया’ है। यहां  सिर्फ एक ही एनजीओ के लिए स्थान है- राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ, जो कि भाजपा का वैचारिक सलाहकार है। राहुल गांधी ने भीमा कोरेगांव हैसटैग के साथ ट्वीट कर कहा, “देश में सिर्फ एक एनजीओ के लिए स्थान है, जिसे आरएसएस कहा जाता है। अन्य सभी एनजीओ को बंद कर दो। जो शिकायत करते हैं उन्हें जेल भेज दो और गोलियों से उड़ा दो। न्यू इंडिया में आपका स्वागत है।”

यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने आरएसएस पर तंज किया है। वे अक्सर ऐसा करते रहते हैं। पिछले सप्ताह लंदन में उन्होंने कहा था कि, “आरएसएस और अरब के मुस्लिम ब्रदरहुड का विचार एक था। दोनों एक समान चले।” इसके बाद भाजपा ने उनके इस बयान की निंदा करते हुए तत्काल माफी मांगने की मांग की थी और कहा था कि राहुल गांधी अपरिपक्व हैं।

दरअसल, मंगलवार (28अगस्त) को पुणे पुलिस ने देश के पांच अलग-अलग शहरों में छापेमारी कर नौ लोगों को गिरफ्तार किए। इनमें पांच प्रसिद्ध कार्यकर्ता है। यह गिरफ्तारी महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव में दलित और ऊंची जाति के लोगों के बीच हुई हिंसा की जांच का एक हिस्सा है। पिछले साल 31 दिसंबर को पुणे में एल्गार परिषद नाम के एक कार्यक्रम के बाद महाराष्ट्र के कोरेगांव-भीमा गांव में हुई हिंसा की जांच के तहत ये छापे मारे गए हैं। कार्यकर्ताओं को आईपीसी की धारा 153 (ए), जो कि धर्म, जाति, स्थान या जन्म, निवास, भाषा के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने का काम करता है, के तहत गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस दौरान वामपंथी विचारक प्रो.वारवरा राव, अरुण परेरा, गौतम नवलखा, वर्नन गोंजाल्वेज और सुधा भारद्वाज समेत छह लोग गिरफ्तार किए गए। इससे पहले इस मामले में एक जनवरी को नौ कार्यकर्ताओं के यहां छापे मारे थे, जिसमें से पांच को गिरफ्तार किया गया था।

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