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राहुल बोले- पीएम के आंसुओं की नहीं, लोगों को ऑक्सिजन की दरकार, मोदी बंद करें मार्केटिंग

राहुल ने कहा कि पीएम केवल अपनी मार्केटिंग में व्यस्त रहते हैं। जब लोग सड़कों, अस्पतालों में ऑक्सिजन के बगैर दम तोड़ रहे थे तब पीएम बंगाल में रैलियां कर रहे थे। जब पहली बार कोरोना ने देश में दस्तक दी तब वो काम की बजाए थाली-ताली बजवा रहे थे।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी (फोटो क्रेडिट- इंडियन एक्सप्रेस)

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि कोरोना से जिंदगी मौत की लड़ाई लड़ते लोगों को पीएम के आंसुओं की नहीं बल्कि ऑक्सिजन की दरकार है। पीएम केवल अपनी मार्केटिंग में व्यस्त रहते हैं। जब लोग सड़कों, अस्पतालों में ऑक्सिजन के बगैर दम तोड़ रहे थे तब पीएम बंगाल में रैलियां कर रहे थे। जब पहली बार कोरोना ने देश में दस्तक दी तब वो काम की बजाए थाली-ताली बजवा रहे थे।

कोरोना पर कांग्रेस का श्वेत पत्र जारी कर राहुल ने सरकार को 4 सुझाव दिए। वो बोले-मजाक उड़ाने की बजाए मोदी तीसरी वेव पर ध्यान दें। दरअसल उनका इशारा पूर्व प्रधानमंत्री के उस पत्र की तरफ था जिसमें उन्होंने मोदी को कुछ सुझाव दिए थे। लेकिन सरकार ने उन्हें मानने की बजाए अपने एक मंत्री को मनमोहन सिंह पर हमले का जिम्मा सौंप दिया। राहुल का कहना था कि उन्होंने भी सरकार को कई सुझाव दिए थे पर सरकार ने उनका भी मजाक बनाया। अलबत्ता जब हालात खराब हुए तो उन्हें मान भी लिया। राहुल का कहना था कि सरकार को ये रवैया छोड़ना होगा।

राहुल ने कहा कि तीसरी लहर सिर पर खड़ी है। वायरस तेजी के साथ खुद को बदल रहा है। सरकार को चाहिए कि वो 100 फीसदी लोगों को टीका लगाने की व्यवस्था करे। आबादी के एक हिस्से को वैक्सीन लगाने से बात नहीं बनेगी। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट में सरकार पूरी तरह से नाकाम रही। कांग्रेस नेता ने नसीहत दे कहा कि सरकार गलतियों से सबक ले तीसरी लहर का सामना करें।

उन्होंने कहा कि तीसरी वेव की तैयारी के लिए शहरों से लेकर गांवों तक ऑक्सिजन, बेड दवा, मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना होगा। जब तीसरी वेव आए तो शहर से लेकर गांव तक तैयारी मुकम्मल होनी चाहिए। दूसरी लहर की तरह लोग सड़कों पर भागते न दिखें। ऐसा हुआ तो हालात बहुत ज्यादा भयावह हो जाएंगे।

राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना बायोलॉजिकल बीमारी नहीं। कोरोना इकोनॉमिक-सोशल बीमारी है। फिलहाल कमजोर लोगों को आर्थिक सहायता देने की जरूरत है। सरकार गरीबों के पास डायरेक्ट पैसा पहुंचाएं। उनका कहना था कि कांग्रेस ने एक स्कीम इसके लिए दी है। सरकार चाहे तो उसका नाम बदलकर लागू कर सकती है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि कोविड कंपनसेशन फंड बनना चाहिए। जिन परिवारों में मुखिया की मौत हुई है उन्हें कोविड फंड से सहायता दी जाए। सरकार को ओपन माइंड से काम करना होगा। बीजेपी गैर बीजेपी करने से हालात और ज्यादा खराब होंगे। उनका कहना था कि सरकार इतने बड़े संकट में भी बीजेपी गैर बीजेपी की लड़ाई लड़ रही है। उनका कहना था कि देश यहां के लोगों का है। ये न तो कांग्रेस का है और न ही बीजेपी का। सरकार को लोगों की परेशानी दूर करने के लिए हर मुमकिन कदम उठाना चाहिए।

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