नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान छर्रे लगने से घायल हुए 19 वर्षीय साहिल लोचब की मां ज्योति पिछले कई दिनों से एफआईआर दर्ज कराने के लिए एक थाने से दूसरे थाने के चक्कर काट रही हैं। शुक्रवार को वह अपने बेटे के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचीं, जहां कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी उनके साथ मौजूद रहे।

ज्योति ने पुलिस पर FIR दर्ज नहीं करने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि अगर पुलिस की ओर से कोई गोली या छर्रा नहीं चलाया गया, तो उनके बेटे के चेहरे और आंख में छर्रे कैसे लगे? राहुल गांधी ने भी साहिल की चोटों का हवाला देते हुए पुलिस से मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की और संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए।

‘एक थाने से दूसरे थाने भेजा जा रहा है’

ज्योति ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 14 अगस्त को वह पहले कनॉट प्लेस पुलिस थाने गई थीं, लेकिन उन्हें दूसरे थाने जाने के लिए कहा गया। इसके बाद उन्हें दोबारा कनॉट प्लेस थाने भेज दिया गया। ज्योति के मुताबिक, पुलिस का कहना है कि कोई गोली नहीं चलाई गई।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “अगर गोली नहीं चली तो मेरे बेटे को छर्रे कैसे लगे?” उनका कहना है कि वह कई दिनों से अपने बेटे को लगी चोटों के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन उन्हें लगातार अलग-अलग थानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

सर्जरी के बाद आंख पर चश्मा लगाकर घूम रहा साहिल

19 वर्षीय साहिल अब बड़े काले चश्मे में नजर आता है। 20 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान उसके चेहरे और दाहिनी आंख के आसपास छर्रे लगे थे। इसके बाद उसकी आंख की सर्जरी करनी पड़ी। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के छात्र साहिल ने पहले बताया था कि वह दिल्ली पुलिस में भर्ती होना चाहता था। उसने 2024 में पुलिस भर्ती परीक्षा भी दी थी, लेकिन पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसी मुद्दे से नाराज होकर वह प्रदर्शन में शामिल हुआ था।

‘सुरक्षाबल हमारी तरफ दौड़ रहे थे और तभी…’

साहिल ने पिछले महीने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया था कि 20 जुलाई को कनॉट प्लेस में प्रदर्शन के दौरान अचानक स्थिति बिगड़ गई। उन्होंने कहा था, “उस समय मैं कनॉट प्लेस में था… जब सुरक्षाबल हमारी तरफ दौड़ रहे थे, तो मैंने हाथ जोड़ लिए। और तभी जोर से कुछ हुआ। मेरे चेहरे के दाहिने हिस्से पर किसी चीज की टक्कर लगी और मैं गिर पड़ा।” इसके बाद उसे इलाज के लिए लेडी हार्डिंग अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका मेडिको-लीगल केस दर्ज किया गया।

राहुल गांधी ने पढ़ी मेडिकल रिपोर्ट

शुक्रवार को साहिल और उसकी मां के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे राहुल गांधी ने पुलिस अधिकारियों से एफआईआर दर्ज करने की मांग की। इससे पहले वह मंडी हाउस पुलिस थाने पहुंचे थे और प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर छर्रे चलाने के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। मांग स्वीकार नहीं होने के बाद राहुल गांधी साहिल और ज्योति के साथ नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) कार्यालय पहुंचे।

कुछ देर बातचीत के बाद वह संसद मार्ग थाने के बाहर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। राहुल गांधी ने साहिल की लेडी हार्डिंग अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट भी मीडिया के सामने पढ़ी। रिपोर्ट में मरीज के जंतर-मंतर के पास छर्रे लगने और चेहरे समेत शरीर के अन्य हिस्सों में कई घाव होने का उल्लेख था।

‘उसे दिखाई नहीं देगा, हमें सिर्फ एफआईआर चाहिए’

राहुल गांधी ने साहिल से चश्मा हटाने को कहा और उसकी आंख के आसपास लगी चोटों की ओर इशारा किया। उन्होंने दावा किया कि साहिल की आंखों में तीन चोटें हैं और उसकी नजर प्रभावित हुई है। राहुल गांधी ने कहा कि परिवार की मांग केवल एफआईआर दर्ज कराने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्योति को एक पुलिस थाने से दूसरे थाने भेजा जा रहा है और उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है।

धरने में प्रियंका गांधी समेत कई नेता पहुंचे

राहुल गांधी के धरने में उनकी बहन और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल हुईं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश, अधीर रंजन चौधरी और कुमारी सैलजा भी डीसीपी कार्यालय पहुंचे। डीसीपी कार्यालय के बाहर पुलिस अधिकारियों और कांग्रेस नेताओं के बीच बातचीत जारी रही। कार्यालय के बड़े लोहे के गेट बंद रहे, जबकि बाहर कांग्रेस कार्यकर्ता जुटते रहे। कई कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर नारे लगाते और देशभक्ति के गीत गाते नजर आए।

साहिल की मां की मांग अब भी वही है, उनके बेटे को लगी चोटों की जांच हो और मामले में FIR दर्ज की जाए। वहीं, यह सवाल भी बना हुआ है कि प्रदर्शन के दौरान साहिल को लगी चोटों की वजह क्या थी और उसके चेहरे में मिले छर्रे आखिर कहां से आए।

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