कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के निकट धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने पीएम मोदी के इस्तीफे की मांग की। मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा राहुल गांधी से मिलकर बातचीत के बाद जब धरना समाप्त नहीं हुआ तो पुलिस ने राहुल, प्रियंका और कई अन्य नेताओं को बलपूर्वक हिरासत में लिया और उन्हें बस में बैठाकर ले गई।
‘7 लोक कल्याण मार्ग’ पर धरने की योजना न केवल सरकार और पुलिस के लिए आश्चर्यजनक थी बल्कि लगभग 25 कांग्रेस सांसदों के लिए भी यह आश्चर्यजनक था, जिन्हें प्रधानमंत्री के आवास पर पहुंचने तक यह भी नहीं बताया गया था कि वे कहां जा रहे हैं।
कांग्रेस नेतृत्व ने अपने सांसदों को प्लान नहीं बताया
कांग्रेस सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि विरोध प्रदर्शन और धरने को गुप्त रखने और पुलिस या सरकार को सतर्क न करने के लिए, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने अपने सांसदों को प्लान के बारे में सूचित नहीं किया। सांसदों को बस यह बताया गया कि उन्हें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर पार्टी प्रमुख के जन्मदिन समारोह के लिए पहुंचना होगा, जो प्रधानमंत्री आवास से लगभग 500 मीटर दूर है।
एक सांसद ने कहा कि खड़गे के आवास पर जमा हुए लगभग 25 सांसदों में से किसी को भी योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा, “हमें बस इतना बताया गया था कि हमें खड़गे जी को शुभकामनाएं देने का मौका मिलेगा और हमें उनके आवास पर पहुंचना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “जन्मदिन समारोह समाप्त होने के बाद, हमें बिना कोई सवाल पूछे राहुल गांधी के काफिले का पीछा करने के लिए कहा गया। हमने ऐसा ही किया और लोक कल्याण मार्ग स्थित 7 नंबर पर पहुंचे, जहां हमें बताया गया कि हमें यहीं बैठना होगा।”
राहुल गांधी को चोट आई
वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी को बलपूर्वक और घसीटते हुए उठाया गया, जिससे उन्हें चोट भी आई। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दे रहे कांग्रेस और विपक्षी दलों के सांसदों को पुलिस ने घसीटकर हिरासत में लिया और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी बलपूर्वक वहां से ले जाया गया।
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित होने के बाद राहुल, खड़गे, प्रियंका गांधी और कई अन्य सांसद अचानक से प्रधानमंत्री मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए ‘7 लोक कल्याण मार्ग’ के निकट पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठ गए। धरने में शामिल नेताओं ने ‘प्रधानमंत्री इस्तीफा दो’, ‘गुंडागर्दी नहीं चलेगी’ और ‘छात्रों को न्याय दो’ जैसे नारे लगाए। धरना शुरू होने के कुछ देर बाद ही लोकसभा सदस्य चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, शशिकांत सेंथिल और अन्य नेताओं को हिरासत में लिया गया।
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छात्र आंदोलन और NEET-UG पेपर लीक/परीक्षा धांधली से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी बहन प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के साथ प्रधानमंत्री आवास 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरना पर बैठ गए। इसको लेकर आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी ने हमला बोला और इसे बीजेपी और कांग्रेस की ‘जुगलबंदी’ करार दिया। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
