Rahul Gandhi Defamation Case: लोकसभा में कांग्रेस सांसद और नेता विपक्ष राहुल गांधी को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि की शिकायत को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। यह फैसला राहुल गांधी के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि वे पिछले कुछ समय से इस मामले में कानूनी जटिलताओं का सामना कर रहे थे।

दरअसल, यह पूरा मामला विनायक दमोदर सावरकर को लेकर राहुल गांधी द्वारा की गई टिप्पणियों से संबंधित हैं। राहुल गांधी का आरोप हैं कि राहुल गांधी ने साल 2022 में अपनी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए सावरकर का जिक्र किया था। इसके अलावा उन पर आरोप था कि उन्होंने 5 मार्च 2023 को अपने लंदन दौरे के दौरान भी प्रवासी भारतीय समुदाय से बातचीत करते हुए सावरकर के खिलाफ मानहानिकारक बातें कही थीं।

किसने दर्ज कराई थी शिकायत?

राहुल गांधी के इस बयान के विरोध में वी.डी. सावरकर के पोते सत्याकी सावरकर ने साल 2023 में उनके खिलाफ निचली अदालत में मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि राहुल गांधी ने जानबूझकर ऐसा बयान दिया, जिससे उनके परिवार और स्वतंत्रता सेनानी की छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने इस मामले में राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा चलाने की मांग की थी।

सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश की गई थी खाली सीडी

अपनी शिकायत को साबित करने के लिए सत्याकी सावरकर ने अदालत में कई दस्तावेज और सबूत पेश किए थे। इनमें कुछ अखबारों की रिपोर्टें, राहुल गांधी के लंदन भाषण का यूट्यूब लिंक और एक सीडी (CD) शामिल थी, जिसमें कथित भाषण का वीडियो होने का दावा किया गया था।

हालांकि, पिछले साल नवंबर में जब कोर्ट की सुनवाई के दौरान उस सीडी को चलाया गया, तो वह पूरी तरह से खाली (Blank) निकली, जिससे शिकायतकर्ता का पक्ष कमजोर पड़ गया।

यूट्यूब से ओरिजिनल वीडियो मांगने की हुई थी कोशिश

सीडी खाली निकलने के बाद सत्याकी सावरकर ने अदालत में एक नई अर्जी दाखिल की थी। 18 दिसंबर 2025 को अदालत ने इस आवेदन को स्वीकार करते हुए यूट्यूब/गूगल को निर्देश दिया था कि वह राहुल गांधी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर 5 मार्च 2023 को अपलोड किया गया ओरिजिनल भाषण का वीडियो कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करे, जिसका शीर्षक लंदन में प्रवासी भारतीयों के साथ बातचीत था।

सुप्रीम कोर्ट ने क्यों रद्द की शिकायत?

मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण कानूनी पहलू पर ध्यान दिया। शीर्ष अदालत ने गौर किया कि इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए कानून के तहत जो अनिवार्य मंजूरी (Prosecution Sanction) मिलनी चाहिए थी, वह नहीं दी गई थी। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और मंजूरी के अभाव को आधार बनाते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने इस मानहानि की शिकायत को रद्द कर दिया।

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राहुल गांधी ने एक बार फिर पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर बड़ा हमला बोला है। गुरुवार शाम राजधानी नई दिल्ली में रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और विपक्ष अब रुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी बिना नफरत के, बिना हिंसा के भारत की संस्कृति बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। पढ़िए पूरी खबर…