राजस्थान के कोटा में राहुल गांधी ने कांग्रेस की “छात्रों की गूंज” पहल के तहत छात्रों से बातचीत की। इसके बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता अब अपना अभियान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में ले जाने के लिए तैयार हैं। पार्टी ने इस रैली के लिए छात्रों और युवाओं को लामबंद करने के लिए गुरुवार से प्रचार अभियान शुरू किया है जो जुलाई के दूसरे सप्ताह में होगी।

कांग्रेस ने प्रयागराज छात्र सम्मेलन के लिए उत्तर प्रदेश के महासचिव अनिल यादव को समन्वयक नियुक्त किया है और उन्हें पेपर लीक, भर्ती में देरी, बेरोजगारी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच जैसे छात्र मुद्दों पर केंद्रित एक महीने तक चलने वाले अभियान की देखरेख का जिम्मा सौंपा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता प्रयागराज भर में नुक्कड़ सभाओं , नुक्कड़ नाटकों , पर्चे बांटने के अभियानों, मशाल जुलूसों और छात्रों, शिक्षकों और नागरिक समाज समूहों के साथ बैठकों का आयोजन करेंगे। छात्रों को कार्यक्रम में रजिस्टर कराने के लिए मिस्ड कॉल अभियान भी शुरू किया जा रहा है।

अभियान का उद्देश्य छात्रों की शिकायतों को राजनीतिक चर्चा में बदलना है

अनिल यादव ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “प्रयागराज ऐतिहासिक रूप से छात्र राजनीति का केंद्र रहा है। छात्रों को लगता है कि राहुल गांधी उनकी चिंताओं को उठाते हैं और उन मुद्दों पर बोलते हैं जो उन्हें प्रभावित करते हैं चाहे वह शिक्षा हो, पेपर लीक हो या भर्ती हो।”

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य छात्रों की शिकायतों को एक व्यापक राजनीतिक चर्चा में बदलना है। पार्टी की योजना न केवल कांग्रेस से जुड़े छात्र कार्यकर्ताओं को बल्कि अन्य संगठनों से जुड़े छात्रों, पूर्व छात्र संघ नेताओं और शिक्षाविदों को भी शामिल करने की है। पार्टी जुलाई के अंत में पटना और दिल्ली में राहुल गांधी द्वारा प्रस्तावित छात्र सम्मेलनों के लिए भी इसी तरह के जनसंपर्क प्रयास करने की योजना बना रही है।

कांग्रेस अगले 15 दिनों में छात्रों के बीच समर्थन जुटाने पर ध्यान केंद्रित करेगी

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी अगले 15 दिनों में कॉलेजों और प्रतियोगी परीक्षा के उम्मीदवारों के बीच समर्थन जुटाने पर ध्यान केंद्रित करेगी ताकि हाल ही में पेपर लीक, भर्ती में देरी और परीक्षा संबंधी विवादों को लेकर छात्रों की नाराजगी को राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे से पहले एक व्यापक राजनीतिक अभियान में तब्दील किया जा सके। सूत्रों ने बताया कि प्रयागराज कार्यक्रम की अंतिम तिथि अभी तय नहीं हुई है।

सूत्रों ने आगे बताया कि कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के भी प्रयागराज कार्यक्रम में राहुल गांधी के साथ शामिल होने की संभावना है, हालांकि अंतिम निर्णय अभी घोषित नहीं किया गया है। पार्टी नेता इस कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश में कांग्रेस संगठन को पुनर्जीवित करने और 2027 के विधानसभा चुनावों की नींव रखने की व्यापक रणनीति का हिस्सा मानते हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन

कांग्रेस का यह प्रयास ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों के नेतृत्व में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। हाल के महीनों में, परीक्षार्थी परीक्षा में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कुछ मामलों में रीएग्जाम की मांग करते हुए और आंसर शीट और मूल्यांकन प्रक्रियाओं को सार्वजनिक न किए जाने के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं। भर्ती में देरी और सरकारी नौकरियों में रिक्तियों को लेकर चिंताएं भी राज्य भर में छात्र आंदोलनों के प्रमुख मुद्दे बनकर उभरी हैं।

कांग्रेस द्वारा चुनाव प्रचार के लिए प्रयागराज का चयन एक सोची-समझी राजनीतिक चाल के रूप में देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े शिक्षा केंद्रों में से एक होने के अलावा, यह शहर लंबे समय से छात्र राजनीति का गढ़ रहा है जहां परीक्षा संबंधी मुद्दों और भर्ती को लेकर हाल ही में हुए कई विरोध प्रदर्शनों ने छात्रों के बीच काफी लोकप्रियता हासिल की है।

क्या है कांग्रेस का प्लान?

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पार्टी युवा मतदाताओं के एक वर्ग विशेषकर प्रतियोगी परीक्षाओं के उम्मीदवारों में बढ़ती निराशा का लाभ उठाना चाहती है जो कथित पेपर लीक, रद्द परीक्षाओं, भर्ती में देरी, री-एग्जाम और आरक्षण संबंधी विवादों से प्रभावित हैं। छात्रों की गूंज के माध्यम से पार्टी इन चिंताओं को व्यक्त करने के लिए एक मंच के रूप में खुद को स्थापित करना चाहती है, साथ ही पहली बार मतदान करने वाले और युवा मतदाताओं के बीच अपनी पहुंच बढ़ाना चाहती है। कांग्रेस को उम्मीद है कि वह इस क्षेत्र में अपनी बेहतर चुनावी स्थिति को और मजबूत करेगी। इलाहाबाद लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व वर्तमान में कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह कर रहे हैं जिनकी 2024 के चुनावों में जीत ने पार्टी को उस शहर में पैर जमाने का मौका दिया।

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जम्मू-कश्मीर कांग्रेस में आंतरिक टकराव और कलह के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी। कमेटी जम्मू कश्मीर का दौरा पूरा करने के बाद कांग्रेस आलाकमान को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगा। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें