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डीएसपी की हत्या से दुखी राहुल गांधी, बोले- शब्दों में बयां नहीं हो सकता दर्द, पीडीपी-बीजेपी की नाकामी ने जम्मू-कश्मीर को कई दशक पीछे ढकेला

श्रीनगर स्थित जामिया मस्जिद के समीप लोगों के एक समूह ने पुलिस उपाधीक्षक को तस्वीरें लेते हुए पकड़ा। जिसके बाद अधिकारी ने उन पर कथित तौर पर गोली चलाई। इस पर नाराज भीड़ ने अधिकारी के कपड़े उतरवाए और पत्थर मार मार कर उन्हें मार डाला।

rahul gandhi vs narendra modi, rahul gandhi modi, rahul gandhi sahara, narendra Modi Saharaकांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी। (File Photo: PTI)

जम्मू-कश्मीर में भीड़ द्वारा डीएसपी की पीट-पीटकर जाने लिए जाने की घटना की चारों ओर निंदा की जा रही है। कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना की ट्विटर पर तीव्र आलोचना की और राज्य के मौजूदा हालात को लेकर राज्य की पीडीपी और बीजेपी गठबंधन पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा- “डिप्टी एसपी मोहम्मद अयूब पंडित की हत्या एक नई गिरावट को दर्शाती है। इस भयानक घटना से उपजे दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है।” उन्होंने अपने अगले ट्वीट में लिखा- “जम्मू-कश्मीर को दशकों पहले की दशा में खड़ा देखना दिल को तकलीफ पहुंचाने वाला है। पीडीपी और बीजेपी सरकार की पूर्ण विफलता जम्मू कश्मीर को कई दशक पीछे धकेल रही है।”

राहुल गांधी से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम बनी आज़ाद, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी इस घटना की कड़ी निंदा कर चुके हैं। आज़ाद ने एएनआई से बातचीत में कहा, “डीएसपी की पीट-पीटकर हत्या किया जाना शर्मनाक है। रमजान के पाक महीने में किसी की हत्या किया जाना निंदनीय है। अगर भीड़ को इस शख्स की पहचान को लेकर कोई संदेह था तो उन्हें कानून हाथ में लेने के बजाए इस बात की जानकारी पुलिस को देनी चाहिए थी। इस तरह की चीजें इस्लाम और मानवता दोनों के खिलाफ है। वहीं, जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा, “जिस तरह डीएसपी की हत्या हुई है वो शर्मनाक है और जो भी लोग इस घटना में शामिल हैं वो नरक की आग में जलेंगे।

श्रीनगर स्थित जामिया मस्जिद के समीप लोगों के एक समूह ने पुलिस उपाधीक्षक को तस्वीरें लेते हुए पकड़ा। जिसके बाद अधिकारी ने उन पर कथित तौर पर गोली चलाई। इस पर नाराज भीड़ ने अधिकारी के कपड़े उतरवाए और पत्थर मार मार कर उन्हें मार डाला। राज्य ने डीजीपी वैद ने बताया कि डीएसपी को मस्जिद के एक्सेस कंट्रोल पर इसलिए तैनात किया गया था ताकि वह असामाजिक तत्वों को माहौल खराब न करने दें और लोग शांतिपूर्वक नमाज पढ़ सकें। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन वह जिनकी सुरक्षा के लिए तैनात थे, उनमें से कुछ ने उनकी जान ले ली। यह अत्यंत दुखद है।’’

इस मामले में पुलिस अब तक दो लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और बाकियों की तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है। वैध ने कहा कि अधिकारी की जान लेने में शामिल सभी लोगों को कानून का सामना करना होगा।

 

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