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फ्रांस के राष्‍ट्रपति से मिलेंगे राहुल गांधी मगर नहीं उठाएंगे राफेल डील का मुद्दा, जानिए क्‍यों

कांग्रेस का कहना है कि यह हमारा अंदरुनी मामला है और हम सरकार फ्रांस से इस बारे में बात करेगी ना कि कांग्रेस पार्टी। हम सिर्फ अपनी सरकार से सवाल पूछेंगे ना कि फ्रांस सरकार से। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने साल 2015 के फ्रांस दौरे पर राफेल विमान डील को हरी झंडी दी थी। लेकिन कांग्रेस ने इस डील पर सवाल खड़े किए हैं।

rahul gandhiकांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श के बाद यह फैसला किया है कि 26 मई को पार्टी विश्वासघात दिवस मनाएगी।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भारत दौरे पर आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से मुलाकात करेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रॉन इन दिनों 4 दिन की यात्रा पर भारत आए हुए हैं। राहुल गांधी फिलहाल थाईलैंड और सिंगापुर की यात्रा पर गए हुए हैं, वहां से आने के बाद रविवार को राहुल गांधी और फ्रांस के राष्ट्रपति की मुलाकात हो सकती है। हालांकि कांग्रेस का कहना है कि इस मुलाकात के दौरान राहुल गांधी फ्रांसीसी राष्ट्रपति के समक्ष राफेल डील का मुद्दा नहीं उठाएंगे। बता दें कि फ्रांस के साथ हुई राफेल फाइटर जेट की डील पर कांग्रेस ने सरकार पर धांधली करने का आरोप लगाया है, लेकिन पार्टी ने इस मुद्दे को मैक्रॉन के समाने नहीं उठाने का फैसला किया है।

कांग्रेस का कहना है कि यह हमारा अंदरुनी मामला है और हम सरकार फ्रांस से इस बारे में बात करेगी ना कि कांग्रेस पार्टी। हम सिर्फ अपनी सरकार से सवाल पूछेंगे ना कि फ्रांस सरकार से। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने साल 2015 के फ्रांस दौरे पर राफेल विमान डील को हरी झंडी दी थी। लेकिन कांग्रेस ने इस डील पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने फ्रांस से हुई राफेल डील महंगे दामों पर की है। जिससे सरकारी खजाने को करीब 12,612 करोड़ रुपए की चपत लगेगी। जबकि फ्रांस ने राफेल विमान मिस्त्र और कतर को कम कीमत पर बेचे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि जब भी कोई व्यक्ति सामान खरीदता है तो ये उसकी जिम्मेदारी है कि वो यह देखे कि खरीदे जाने वाला सामान अच्छा है या बुरा। बेचने वाला तो स्वाभाविक रुप से यही कहेगा कि उसका सामान अच्छा है। ऐसे में खरीददार को अपनी जेब देखते हुए फैसला लेना होता है।

सुरजेवाला ने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कम पैसे में अच्छी डील मिले और सरकारी खजाने को नुकसान ना उठाना पड़े। सुरजेवाला ने कहा कि यदि किसी देश के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति भारत का दौरा करते हैं तो वो हमारे मेहमान हैं इससे सरकार या विपक्ष का फर्क नहीं पड़ता। बता दें कि पहले भी विपक्षी दल के नेता दूसरे देश के राष्ट्राध्यक्षों से मिलते रहे हैं। चूंकि अब राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष हैं तो इसलिए राहुल गांधी फ्रांस के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे।

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