Rahul Gandhi Leave For Some Week For Congress Party Future Planning - Jansatta
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सोनिया के करीबियों से नाख़ुश राहुल छुट्टी पर

राहुल गांधी के कुछ हफ्ते के लिए अचानक छुट्टी पर चले जाने को लेकर शुरू हुई अटकलबाजी के बीच कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि अवकाश से लौटने के बाद निकट भविष्य में राहुल गांधी पार्टी की सभी प्रक्रियाओं में सक्रियता से हिस्सा लेंगे। राहुल गांधी के छुट्टी पर जाने की घोषणा संसद के बजट […]

देश की सत्ता तो लाल के पराक्रम से जाती रही पर बच्चे को कुछ तो चाहिए खेलने के लिए। (फ़ोटो-पीटीआई)

राहुल गांधी के कुछ हफ्ते के लिए अचानक छुट्टी पर चले जाने को लेकर शुरू हुई अटकलबाजी के बीच कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि अवकाश से लौटने के बाद निकट भविष्य में राहुल गांधी पार्टी की सभी प्रक्रियाओं में सक्रियता से हिस्सा लेंगे।

राहुल गांधी के छुट्टी पर जाने की घोषणा संसद के बजट सत्र की पूर्व संध्या पर की गई। पार्टी ने इस बजट सत्र के दौरान भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की योजना बनाई थी और खुद राहुल गांधी यहां जंतर मंतर पर बुधवार को एक धरने का नेतृत्व करने वाले थे। संसद के बजट सत्र के पहले दिन कांग्रेस उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति को लेकर भाजपा ने विपक्षी दल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में पार्टी के नेताओं की लोकसभा में अनुपस्थिति के चलते ही सदन में पार्टी सदस्यों की संख्या घटकर 44 पर पहुंच गई है।

कांग्रेस पार्टी के बुधवार को जंतर-मंतर पर धरने के कार्यकम में राहुल हिस्सा नहीं ले सकेंगे और उनके बजट सत्र के पहले महत्त्वपूर्ण सप्ताह के दौरान अनुपस्थित रहने की संभावना है, जब आम बजट और रेल बजट पेश किए जाएंगे। राहुल के अचानक छुट्टी पर जाने से पार्टी में उनकी भविष्य की भूमिका को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई है। साथ ही यह भी अटकलबाजी है कि वे पार्टी अध्यक्ष के करीबी कुछ वरिष्ठ नेताओं की लॉबी से नाखुश हैं और पार्टी के जल्दी होने जा रहे आगामी फेरबदल में उन्हें हटाना चाहते थे।

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, पार्टी में राहुल के सुधार करने के कुछ विचारों से दल के पुराने नेताओं का एक प्रभुत्वकारी हिस्सा सहमत नहीं है और इन दोनों खेमों के अलग विचारों से बार-बार तनाव उभर कर सामने आते हैं। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने हालांकि इन अटकलबाजियों को खारिज करते हुए कहा कि वे ऐसे अनुचित सवालों की निंदा करते हैं और खारिज करते हैं। सिंघवी ने कहा कि राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से अनुरोध किया था कि उन्हें पार्टी से जुड़े हाल के घटनाक्रमों और पार्टी की आगे की रणनीति पर चिंतन-मनन करने के लिए कुछ सप्ताह का समय चाहिए क्योंकि उनका मानना है कि यह आत्ममंथन पार्टी के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है।

पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि वे (राहुल) मानते हैं कि कांग्रेस का अधिवेशन अहम है और वे इसमें कुछ खास इनपुट देना चाहेंगे। हाल के समय में और पहले कांग्रेस के साथ क्या कुछ हुआ इस पर वे आत्मनिरीक्षण करना चाहते हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस समिति का अधिवेशन अप्रैल में होने की संभावना है और मीडिया की खबरों के मुताबिक इस अवसर पर राहुल को पार्टी प्रमुख बनाया जा सकता है।

सिंघवी ने कहा कि इन मुद्दों पर अपना दिमाग लगाने के बाद राहुल गांधी कांग्रेस के राजनीतिक मामलों में अपनी सक्रिय भागीदारी में फिर से लौटेंगे। सिंघवी ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि राहुल गांधी भारत में हैं या विदेश में। राहुल आज सदन में नहीं पहुंचे जहां संसद का बजट सत्र दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ।

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि वे नहीं मानते कि राहुल का छुट्टी पर जाना दिल्ली चुनावों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा- मेरा मानना है कि यह चिंतन और विचार का वक्त है। मेरा मानना है कि राहुल इसके लिए समय चाहते होंगे। मैं खुश हूं कि उन्होंने आवेदन किया और लोगों को आधिकारिक रूप से जानकारी दी कि कुछ समय के लिए वे मौजूद नहीं होंगे। लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और एक अन्य नेता वीरप्पा मोइली ने कहा कि पार्टी सोनिया और राहुल से मार्गदर्शन हासिल करना जारी रखेगी।

पार्टी के सांसद अश्वनी कुमार ने कहा कि भाजपा का जो भी आकलन हो, यह किसी सदस्य का प्रक्रिया के मुताबिक सदन से कुछ समय के लिए अनुपस्थित होने का सीधा और सहज मामला है।

राहुल गांधी के छुट्टी पर जाने को लेकर भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि अगर कोई छुट्टी पर जाना चाहता है तो वह जा सकता है। लेकिन देश के लोगों ने कांग्रेस को लंबी छुट्टी पर भेज दिया है। यह तय है। संसदीय मामलों के राज्यमंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि संसद का बजट सत्र शुरू होने के दौरान यह दर्शाता है कि वे कितने गंभीर हैं और यह उनके राजनीतिक रुझान पर भी सवाल खड़े करता है। शिवसेना के संजय राउत ने राहुल पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे समय में जब भूमि अधिग्रहण का मुद्दा संसद के समक्ष उठ रहा है तो वे कांग्रेस का खोया जनाधार प्राप्त करने गए हुए हैं।

कांग्रेस की सहयोगी राकांपा ने भी इस पर चुटकी ली और इसके नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि सभी को और खासकर नेताओं को संसद को काफी गंभीरता से लेना चाहिए ताकि लोगों की जरूरतों के मुद्दे को उठाया जा सके। राहुल गांधी का नाम लिए बगैर भाजपा की युवा शाखा के प्रमुख अनुराग ठाकुर ने कहा कि पिछले एक दशक के दौरान कांग्रेस नेताओं की संसद में अनुपस्थिति के चलते ही लोकसभा में इस पार्टी के सदस्यों की सख्या घटकर 44 पर पहुंच गई है।

ठाकुर ने कहा कि यह हालांकि कांग्रेस को तय करना है कि वह क्या करना चाहती है। उन्होंने कहा कि वैसे वे मानते हैं कि यह बेहतर होता अगर संसद के दोनों सदनों में चर्चा में सभी हिस्सा लेते। भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने भी कहा कि बजट सत्र की शुरुआत में सभी दलों के नेताओं को उपस्थित रहना चाहिए। हालांकि उन्होंने साथ ही कहा कि शायद कोई बाध्यता रही होगी जिसके चलते राहुल नहीं आ सके।

विपक्ष का कटाक्ष:

संसद के बजट सत्र के पहले दिन कांग्रेस उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति को लेकर भाजपा ने विपक्षी दल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में पार्टी के नेताओं की लोकसभा में अनुपस्थिति के चलते ही सदन में पार्टी सदस्यों की संख्या घटकर 44 पर पहुंच गई है।

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