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शाम तक कांग्रेस अध्‍यक्ष बन सकते हैं राहुल गांधी, जानिए कैसे चुना जाता है देश की सबसे पुरानी पार्टी का मुखिया

पार्टी अध्यक्ष बनने का राहुल गांधी का रास्ता पूरी तरह से साफ है, क्योंकि उनके अलावा किसी भी अन्य व्यक्ति ने नामांकन दाखिल नहीं किया है।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी। (फाइल फोटो)

सोमवार को राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। पार्टी अध्यक्ष बनने का उनका रास्ता पूरी तरह से साफ है, क्योंकि उनके अलावा किसी भी अन्य व्यक्ति ने नामांकन दाखिल नहीं किया है। नामांकन दाखिल करने की आज अंतिम तिथि है और राहुल गांधी को किसी ने भी चुनौती नहीं दी है, इसलिए शाम तक उन्हें कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। उनके अध्यक्ष बनने के साथ ही कांग्रेस में नए युग की शुरुआत होने की बात कही जा रही है। राहुल अपनी मां सोनिया गांधी के बाद कांग्रेस के अध्यक्ष का पद संभालेंगे। सोनिया गांधी ने 19 सालों तक अध्यक्ष का पद संभाला है।

राहुल गांधी ने आज सुबह करीब 11 बजे कांग्रेस मुख्यालय में पर्चा भरा है। इस मौके पर उनके साथ पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद थे। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से कांग्रेस सांसद कमलनाथ, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, अहमद पटेल, जितिन प्रसाद, वी नारायणसामी, अशोक गहलोत, तरूण गोगोई, सुशील कुमार शिंदे और ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में राहुल गांधी ने नामांकन दाखिल किया।

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए भले ही राहुल गांधी के अलावा किसी ने भी नामांकन दाखिल नहीं किया है, लेकिन इस चुनाव की एक खास प्रक्रिया है। एक खास प्रक्रिया का पालन करते हुए देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस का मुखिया चुना जाता है। यहां पढ़ें क्या है कांग्रेस अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया-

– पार्टी का सबसे शीर्ष कार्यकारी निकाय यानी कांग्रेस वर्किंग कमेटी चुनाव के कार्यक्रम को निर्धारित करता है। पार्टी के कोई दस प्रतिनिधि संयुक्त रूप से अध्यक्ष पद के लिए किसी प्रतिनिधि के नाम का प्रस्ताव रख सकते हैं।

– पार्टी के कॉन्स्टिट्यूशन के आर्टिकल 12 में लिखा है, ‘प्रदेश कांग्रेस समितियों के सभी सदस्य इंडियन नेशनल कांग्रेस के प्रतिनिधि होंगे।’ किसी भी आम चुनाव की तरह ही सभी प्रतिभागियों के नाम का ऐलान होने के बाद नामांकन से नाम वापस लेने के लिए सात दिन का समय भी दिया जाता है।

– अगर चुनाव में केवल एक ही उम्मीदवार है तो उसे विजेता घोषित कर दिया जाता है और कांग्रेस के अगले सत्र के लिए अध्यक्ष के रूप में ताजपोशी की जाती है। चुनाव के बाद से लेकर ताजपोशी के वक्त के बीच विजेता को निर्वाचित अध्यक्ष कहा जाता है। कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यकाल 5 वर्षों का होता है।

– अगर चुनाव में दो या उससे अधिक उम्मीदवार होते हैं तो ऐसी स्थिति में 50 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल करने वाले को विजेता घोषित किया जाता है। अगर पहले प्राथमिक वोटों की काउंटिंग में कोई भी उम्मीदवार 50 फीसदी से ज्यादा वोट्स हासिल करने में नाकामयाब हो जाता है तब दूसरे पसंद के वोटों को काउंट किया जाता है।

सोनिया गांधी को साल 1998 में पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया था तब से लेकर अभी तक यानी 19 सालों से वह अध्यक्ष के पद पर हैं। सोनिया गांधी ने सबसे ज्यादा लंबे समय तक के लिए इस पद को संभाला है।

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