संसद में तीन दिन के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा हो रही है। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सच यह है कि यह महिला आरक्षण बिल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि परिसीमन बिल से महिला सशक्तिकरण नहीं हो सकता है। राहुल गांधी ने 2023 में पास हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र किया और कहा कि आप उसे फिर से लाइए और हम पास करेंगे।
भारत के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा, “पहली सच्चाई तो यह है कि यह महिलाओं का विधेयक नहीं है। इसका महिलाओं के सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है। यह भारत के चुनावी नक़्शे को बदलने का एक प्रयास है।”
राहुल गांधी ने कहा कि यह बिल राष्ट्र विरोधी है और आप ओबीसी भाई बहनों को उनकी ताकत नहीं देना चाहते। राहुल गांधी ने कहा कि आप दलितों को हिंदू कहते हैं, लेकिन उन्हें उनका अधिकार नहीं देते, आप आदिवासियों को हिंदू कहते हैं लेकिन उन्हें उनका अधिकार नहीं देते हैं। राहुल गांधी ने मोदी सरकार को डरी हुई सरकार बताया।
प्रियंका की राहुल ने की तारीफ
राहुल गांधी ने कहा कि हमने महिलाओं से बहुत कुछ सीखा है। राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि मैंने जो 20 साल में हासिल किया, उसे मेरी बहन ने 5 साल में हासिल कर लिया। उन्होंने कहा कि मैंने प्रियंका के बयान पर अमित जी को भी मुस्कुराते हुए देखा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश के एससी-एसटी से उनका अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है।
‘यह राष्ट्रविरोधी कृत्य से कम नहीं’
राहुल गांधी ने कहा, “आप (भाजपा) जो कर रहे हैं, वह देश की राजनीति में हो रही उथल-पुथल से डरे हुए हैं, अपनी शक्ति के क्षरण से भयभीत हैं, और भारत के राजनीतिक मानचित्र को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। आपने असम और जम्मू-कश्मीर में ऐसा किया, और अब आप सोच रहे हैं कि आप पूरे भारत में ऐसा कर सकते हैं। इसके लिए आपको संविधान में संशोधन की आवश्यकता है। आप दक्षिण भारत, उत्तर-पूर्वी राज्यों और भारत के छोटे राज्यों से कह रहे हैं कि भाजपा को सत्ता में बने रहने के लिए, हम आपसे प्रतिनिधित्व छीन लेंगे। यह राष्ट्रविरोधी कृत्य से कम नहीं है। और हम आपको ऐसा करने नहीं देंगे।”
(यह भी पढ़ें- SIR को मुद्दा बनाकर कैसे बीजेपी को हराना चाहती है TMC)
पश्चिम बंगाल के चुनाव में एसआईआर (SIR) का मुद्दा ज़ोर पकड़ता दिख रहा है। तृणमूल कांग्रेस इस मुद्दे को बड़ा बनाने की कोशिश में लगी है। पढ़ें पूरी खबर
