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राहुल गांधी का मीडिया पर आरोप, खो चुकी है अपनी आवाज, लोग बोले- आपके सांसद संसद में क्यों नहीं बोलते?

राहुल गांधी ने रीट्वीट कर लिखा कि क्या कोई सरकार दस हज़ार आदिवासियों के खिलाफ कठोर देशद्रोह का मामला दर्ज कर सकती है। जो आदिवासी सरकार के दमन के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज कर दिया गया।

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मीडिया पर तीखा हमला बोला है। राहुल ने ट्वीट कर लिखा कि मीडिया अपनी आवाज़ खो चुकी है। नागरिक होने के नाते क्या हम ये बर्दाश्त कर सकते हैं? इसे लेकर देश की अंतरात्मा हिल जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। राहुल ने ऐसा एक पत्रकार की  रिपोर्ट को रीट्वीट करते हुए कहा है जिसमें 10000 आदिवासियों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज होने की बात कही गई है। ऑनलाइन न्यूज़ वैबसाइट स्क्रॉल scroll.in में प्रसारित एक रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड के खूंटी जिले में दस हज़ार आदिवासियों के खिलाफ  देशद्रोह का मामला दर्ज़ किया गया है। रिपोर्ट लिखने वाली पत्रकार सुप्रिया शर्मा ने इसे ट्वीट कर शेयर किया। राहुल ने इसी ट्वीट को रीट्वीट कर मीडिया पर निशाना साधा है।

राहुल गांधी ने रीट्वीट कर लिखा कि क्या कोई सरकार दस हज़ार आदिवासियों के खिलाफ कठोर देशद्रोह का मामला दर्ज कर सकती है। जो आदिवासी सरकार के दमन के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज कर दिया गया। राहुल ने ट्वीट किया “क्या कोई सरकार राज्य के उत्पीड़न के खिलाफ लड़ रहे 10,000 आदिवासियों पर राजद्रो का मुकदमा कर सकती है। इस घटना से हमारे देश की अंतरात्मा को झटका लगना चाहिए था और मीडिया में तूफान आना चाहिए था। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। बिकाऊ मीडिया शायद अपनी आवाज खो चुकी है। क्या बतौर नागरिक हम ये बर्दाश्त कर सकते हैं?”

 

राहुल के ये ट्वीट करते ही यूजर्स के रिएक्शन आने लगे। यूजर्स ने राहुल से पूछा कि आपके सांसद संसद में क्यों नहीं बोलते? एक यूजर ने लिखा “गोदी मीडिया अजेंडा सेट करने में माहिर है। मीडिया को बायकाट करो।” एक ने लिखा “पिछड़े दलितों आदिवासियों का इस समय जो शोषण हो रहा है उसकी थोड़ी भी बात की जाए वह कम है चारों तरफ जुल्म और सत्ता के नशे में मगरूर सरकार गरीब तबके को कुचलने पर आमादा है।” एक ने लिखा “अगर सब देश द्रोही है, तो सही कौन है? सरकार के पक्ष पर ना बोलो वो कैसे गुनाहगार है?”

बता दें आदिवासियों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने का ये केस 2018 का है। scroll.in कि रिपोर्ट के मुताबिक जून 2017 और जुलाई 2018 के बीच खूंटी जिले में पुलिस द्वारा दर्ज की गई 19 एफ़आईआर में 11,200 से अधिक लोगों को सार्वजनिक व्यवस्था में गड़बड़ी से संबंधित अपराधों के आरोप में चार्ज किया गया है। इन एफ़आईआर में 10000 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए के तहत राजद्रोह देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। इस देशद्रोह के मामले के खिलाफ हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसकी एक प्रति झारखंड सरकार और पुलिस विभाग को दी गई है। इस याचिका पर पहली सुनवाई अभी होनी बाकी है।

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