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नरेंद्र मोदी में हिम्मत की कमी: राहुल गांधी

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पलटवार और वित्त मंत्री अरुण जेटली के तर्कों से अविचलित कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि वह ललित मोदी विवाद पर सवाल उठाती रहेगी क्योंकि सरकार प्रमुख मुद्दों पर कार्रवाई करने में विफल रही है। पार्टी ने लोकसभा में बुधवार को हुई चर्चा के दौरान राजीव गांधी के खिलाफ लगाए गए आरोपों के लिए सुषमा से बिना शर्त माफी मांगने को कहा। पार्टी ने लोकसभा अध्यक्ष से मांग की कि पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ लगाए गए आरोपों को कार्यवाही से हटाया जाए।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पलटवार और वित्त मंत्री अरुण जेटली के तर्कों से अविचलित कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि वह ललित मोदी विवाद पर सवाल उठाती रहेगी क्योंकि सरकार प्रमुख मुद्दों पर कार्रवाई करने में विफल रही है। (फोटो: अनिल शर्मा)

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पलटवार और वित्त मंत्री अरुण जेटली के तर्कों से अविचलित कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि वह ललित मोदी विवाद पर सवाल उठाती रहेगी क्योंकि सरकार प्रमुख मुद्दों पर कार्रवाई करने में विफल रही है। पार्टी ने लोकसभा में बुधवार को हुई चर्चा के दौरान राजीव गांधी के खिलाफ लगाए गए आरोपों के लिए सुषमा से बिना शर्त माफी मांगने को कहा। पार्टी ने लोकसभा अध्यक्ष से मांग की कि पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ लगाए गए आरोपों को कार्यवाही से हटाया जाए।

राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि उनमें साहस की कमी है। साथ ही राहुल ने आइपीएल के पूर्व प्रमुख ललित मोदी को राजनीतिक व्यवस्था व कालेधन के बीच की सबसे बड़ी कड़ी बताते हुए प्रधानमंत्री को उन्हें भारत वापस लाने की मोदी को चुनौती भी दी।

ललित मोदी को ब्रिटेन से यात्रा दस्तावेज दिलवाने में मदद करने के लिए सुषमा स्वराज पर दबाव बनाए रखते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि इस संबंध में विदेश मंत्री ने बुधवार को लोकसभा में लंबा बयान दिया लेकिन इस बात का जवाब नहीं दिया कि उन्होंने भारत के उस भगोड़े की मदद क्यों की जिसकी प्रवर्तन निदेशालय को तलाश है।

 

ललित मोदी की मदद के लिए कांग्रेस की ओर से इस्तीफा मांगे जाने के बाद बुधवार को सुषमा स्वराज ने लोकसभा में पलटवार करते हुए अपने बयान में राहुल से कहा था कि वे अपनी मां से पूछें कि बोफर्स के आरोपी ओत्तावियो क्वात्रोकी से उन्हें कितने पैसे मिले। उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि भोपाल गैस मामले में आरोपी वारेन एंडरसन को भारत से भगाने में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने मदद की थी।

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अपने पिता राजीव गांधी के खिलाफ लगाए गए सुषमा स्वराज के आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि देश की न्यायिक प्रणाली से पूर्व प्रधानमंत्री निर्दोष साबित हुए हैं। दूसरी ओर सुषमा और वित्त मंत्री अरुण जेटली बुधवार को संसद में कालेधन के नेटवर्क का बचाव कर रहे थे। उन्होंने विदेश मंत्री से सवाल किया अगर ललित मोदी को मदद करना पूरी तरह से मानवीय दृष्टिकोण का भी मामला था, जैसा कि वे दावा कर रही हैं, तो उन्होंने जो कुछ किया, उसे आखिर छिपाया क्यों।

प्रधानमंत्री पर प्रहार करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि कई लोग सोचते हैं कि मोदीजी में साहस है, कुछ लोग मानते हैं कि उनमें ऐसा नहीं है। अगर आप ललित मोदी को वापस नहीं लाते हैं, तब आप ऐसे लोगों को ललित मोदी का बचाव करने का मौका देते हैं जैसे सुषमाजी ने किया। हम समझते हैं कि प्रधानमंत्री भयभीत हो गए हैं।

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सुषमा के गांधी परिवार को निशाना बनाए जाने पर राहुल ने कहा- इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। मैं यहां देश को आरएसएस और मोदी से बचाने के लिए आया हूं। उन्होंने कहा कि ललित मोदी का नेटवर्क बंद दरवाजों के पीछे से चलता है और यह नेटवर्क भ्रष्टाचार और राजनीतिक नेताओं का है। ललित मोदी राजनीतिक व्यवस्था और कालेधन के बीच की सबसे बड़ी कड़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सुषमा, जेटली और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे इस नेटवर्क का बचाव कर रहे हैं।

राहुल ने कहा कि पहले उन्हें लगता था कि नरेंद्र मोदी में कुछ साहस है लेकिन अब महसूस होता है कि इस व्यक्ति में कोई साहस नहीं है। उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री ने कई चीजों का वादा किया था। उन्होंने 15 लाख रुपए का वादा किया था। उन्होंने वादा किया था कि न खाऊंगा, न खाने दूंगा। लेकिन दुखद बात यह है कि वे सदन में ही नहीं आए। मुझे लगता था कि इस व्यक्ति में कुछ दम है। लेकिन आज मैं महसूस कर रहा हूं कि इस आदमी में कोई दम नहीं है।

प्रधानमंत्री को ललित मोदी को पकड़ने और भारत वापस लाने की चुनौती देते हुए राहुल ने कहा, ‘हम समझ गए हैं कि इस प्रधानमंत्री को डर लगता है और हम प्रधानमंत्री को आड़े हाथ लेते रहेंगे और इतना दबाव बनाते रहेंगे कि ललित मोदी को वापस लाया जाए।’

उधर, एआइसीसी में संवाददाता सम्मेलन में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि पार्टी ललित मोदी विवाद पर सवाल उठाती रहेगी क्योंकि सरकार अहम मुद्दों पर कार्रवाई नहीं कर पाई है। पार्टी ने लोकसभा में बुधवार को हुई चर्चा के दौरान राजीव गांधी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर सुषमा से बिना शर्त माफी मांगने की मांग भी की और लोकसभा अध्यक्ष से पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ आरोपों को कार्यवाही से हटाने का आग्रह किया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा कि सुषमा और जेटली ने आखिरी प्रयास किए हैं। उन्होंने ललित मोदी की ओर से सुषमा के हस्तक्षेप से उठे अहम सवालों का जवाब देने के बजाय सबकुछ किया। चिदंबरम ने कहा कि तीन तरह के सवाल थे। एक विदेश मंत्री के हस्तक्षेप से संबंधित, दूसरा ललित मोदी के पासपोर्ट मामले से जुड़ा और तीसरा वित्त मंत्री के रूप में उनकी ओर से ब्रिटेन के वित्त मंत्री को लिखी गई चिट्ठियों के संबंध में। सुषमा और जेटली ने इनका जवाब नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि मुझे चिंता होती है कि हमें चर्चा के बजाय आक्षेप सुनने को मिला। जवाबों के बजाय उपदेश मिले। तथ्यों के बजाय हमें निरर्थक बातें मिलीं। अगर मंत्री सोचते हैं कि ये सवाल टल जाएंगे तो ऐसा नहीं होगा। इसके अलावा चिदंबरम ने राजीव गांधी को लेकर और बोफोर्स मामले में ओत्तावियो क्वात्रोकी को कथित भुगतान के आरोपों को लेकर सुषमा पर दो टूक झूठा संदर्भ देने का आरोप लगाते हुए इस पर कड़ी आपत्ति जताई।

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