कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के तहत 22 अगस्त को पुणे में युवाओं से बातचीत करेंगे। राहुल का यह कार्यक्रम मुख्य रूप से छात्राओं के मुद्दों पर केंद्रित होगा। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए राहुल गांधी देश के अलग-अलग शहरों में छात्र-छात्राओं के बीच पहुंचकर शिक्षा, रोजगार, परीक्षाओं में गड़बड़ियों, पेपर लीक और युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों पर बातचीत कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने इस कार्यक्रम की जानकारी X पर साझा करते हुए कहा कि देश की लड़कियों को बराबरी, सुरक्षा, मौका और अपनी बात कहने की आजादी चाहिए।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि लड़कियों को असुरक्षा और भेदभाव का सामना क्यों करना पड़ रहा है? राहुल ने कहा, ”क्या चाहिए देश की लड़कियों को? बराबरी, सुरक्षा, अवसर और अपनी बात कहने की आजादी। उन्हें मिला क्या है? असुरक्षा, भेदभाव और अपने असली अधिकारों के लिए बस इंतजार। अब और नहीं।”

पुणे शहर को भारत के प्रमुख शिक्षा केंद्रों में गिना जाता है और यहां देश के कई इलाकों से छात्र पढ़ने के लिए आते हैं।

छात्रों और युवाओं से संवाद

‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के तहत राहुल गांधी पिछले कुछ महीनों से छात्रों और युवाओं से संवाद कर रहे हैं। इससे पहले यह कार्यक्रम राजस्थान के कोटा, उत्तराखंड के देहरादून और उत्तर प्रदेश के प्रयाराज में हो चुका है। ‘छात्रों की गूंज’ के पिछले कार्यक्रमों में राहुल गांधी ने बेरोजगारी, महंगी शिक्षा, पेपर लीक जैसे बड़े मुद्दों को उठाया है।

प्रयागराज में राहुल गांधी ने युवाओं से आह्वान किया था कि वे नफरत के बजाय प्यार और मोहब्बत के जरिए मौजूदा व्यवस्था को बदलें। उन्होंने कहा था कि युवाओं की इस लड़ाई में वह उनके साथ खड़े हैं और आगे भी खड़े रहेंगे। राहुल ने दिल्ली में हुए युवाओं के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा था कि युवाओं ने ‘अंधेरे में टॉर्च’ जलाई और देश के छात्रों को जगाया।

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कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर दिए गए बयान पर सफाई दी है। शशि थरूर ने अफसोस जताया है कि मीडिया उनके बयान को कांग्रेस या उसके नेतृत्व पर हमले के तौर पर पेश कर रहा है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।