Rahul Gandhi News: कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस समय संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठे हैं। राहुल गांधी कथित तौर पर पैलेट गन के पीड़ित छात्रों के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे हैं। 20 जुलाई को जंतर मंतर से संसद मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया था। इसी दौरान कथित तौर पर RAF द्वारा पैलेट गन चलाने की बात भी सामने आई थी। हालांकि पुलिस ने राहुल गांधी की शिकायत ले ली है।
राहुल गांधी के साथ पीड़ित छात्र राहुल लोहचब भी है। राहुल गांधी ने शिकायत दी है। हालांकि FIR नहीं दर्ज हुई है। राहुल गांधी ने कहा है कि जब तक FIR नहीं दर्ज होगी, हम यहीं पर रहेंगे। राहुल गांधी FIR दर्ज न होने के विरोध में धरना दे रहे हैं।
राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “20 जुलाई को पैलेट गन चली थी। एम्स की रिपोर्ट इसकी पुष्टि करती है। साहिल के दिल के पास भी छर्रे मिले हैं। इनकी आंख की रोशनी खतरे में है। बिना एफआईआर के साहिल को न्याय नहीं मिलेगा। देश के युवा पर गोली चली है। FIR हमारी मांग है। पुलिस बता रही ऊपर से आर्डर आ रहे हैं।”
सीआरपीएफ कर रही मामले की जांच
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को जांच में पता चला है कि कनॉट प्लेस में तैनात रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के एक जवान ने पैलेट गन से सात राउंड फायर किए थे। जवान ने यह फायर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 20 जुलाई को हुए संसद मार्च के दौरान किए थे।इनमें से पांच राउंड फायर प्रदर्शनकारियों को लगे जबकि दो जमीन पर गिए गए। सीआरपीएफ ने आरएएफ जवानों के लॉग एंट्री की जांच की है।
सीआरपीएफ की ओर से इस बात की जांच की जा रही थी कि संसद मार्च के दौरान क्या आरएएफ कर्मियों ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया था? साथ ही गोलियों के छर्रे लगने से तीन लोग घायल हुए थे। इनमें गुड़गांव में काम करने वाले 25 साल के इरशाद शेख, दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र 19 साल के साहिल लोहचब और आउटलुक पत्रिका का पत्रकार शामिल है।
आरएएफ के जवानों को यह निर्देश दिया गया था कि ताकत का इस्तेमाल एक जरूरी सीमा तक ही किया जाना चाहिए। इससे पहले चेतावनी देनी चाहिए और हालात के मुताबिक ही लाठीचार्ज, आंसू गैस और अन्य उपाय किए जाने चाहिए।
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कांग्रेस ने केंद्र की E20 (20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित पेट्रोल) नीति की तत्काल समीक्षा करने तथा लोगों को बिना एथनॉल वाला पेट्रोल उपलब्ध कराने की मांग की है। कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि मोदी सरकार की इस नीति के कारण जनता को ‘महंगे खाने और महंगे सफर’ दोनों की कीमत चुकानी पड़ रही है। पढ़ें पूरी खबर
