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जिस विदेशी एक्‍सपर्ट को बुला अखिलेश 2017 में हारे, उसी के सहारे राहुल लड़ेंगे 2019 का चुनाव

बताया जाता है कि स्टीव जार्डिंग ने अखिलेश यादव के चुनाव प्रचार की रणनीति बनाते वक्त ग्रामीण इलाकों पर काफी फोकस किया था। स्टीव जार्डिंग ने 2017 के विधानसभा चुनावों के दौरान राज्य की बड़ी जनसंख्या तक पहुंचने का लक्ष्य रखा था।

राहुल गांधी ने स्टीव जार्डिंग को बनाया है अपना रणनीतिकार। (file pic)

2019 लोकसभा चुनाव के लिए राजनैतिक पार्टियों ने रणनीति बनानी शुरु कर दी है। इसी के तहत कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हावर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और मशहूर राजनैतिक रणनीतिकार स्टीव जार्डिंग को अपने साथ जोड़ा है। हालांकि स्टीव जार्डिंग का भारत के साथ अभी तक का अनुभव कोई प्रभावशाली नहीं रहा है। दरअसल सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने साल 2017 के विधानसभा चुनावों में स्टीव जार्डिंग की सेवाएं ली थीं, लेकिन जैसा कि सभी जानते हैं कि उन चुनावों में समाजवादी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा फिर से स्टीव जार्डिंग की सेवाएं लेना कई लोगों को अखर सकता है। बता दें कि स्टीव जार्डिंग का राजनैतिक रणनीति बनाने का करीब 4 दशक का अनुभव है। जिसमें अधिकतर अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी के चुनाव शामिल हैं।

जार्डिंग कैसे जुड़े अखिलेश के साथः विधानसभा चुनावों के दौरान समाजवादी पार्टी किसी विदेशी रणनीतिकार की सेवाएं लेने पर विचार कर रही थी। रिपब्लिक टीवी की एक खबर के अनुसार, अद्वैत सिंह, जो कि स्टीव जार्डिंग के पूर्व छात्र रहे हैं, उन्होंने अखिलेश यादव और स्टीव जार्डिंग की मुलाकात करायी। बताया जाता है कि स्टीव जार्डिंग उस वक्त अखिलेश यादव से काफी प्रभावित हुए थे। बताया जाता है कि स्टीव जार्डिंग ने अखिलेश यादव के चुनाव प्रचार की रणनीति बनाते वक्त ग्रामीण इलाकों पर काफी फोकस किया था। स्टीव जार्डिंग ने 2017 के विधानसभा चुनावों के दौरान राज्य की बड़ी जनसंख्या तक पहुंचने का लक्ष्य रखा था, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपने साथ जोड़ा जा सके।

इसके लिए जार्डिंग ने अपने स्पेशलाइज्ड फील्ड मैसेज और मीडिया ट्रेनिंग पर भी खासा ध्यान दिया था, ताकि अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी की इमेज को बूस्ट किया जा सके। इस दौरान स्टीव जार्डिंग लगातार अखिलेश यादव के संपर्क में रहे और समय समय पर उन्हें सलाह देते रहे। स्टीव जार्डिंग और अखिलेश का यह गठजोड़ विवादों में भी रहा। दरअसल जब यादव परिवार में फूट पड़ी तो स्टीव जार्डिंग का एक ईमेल सामने आया था, जिसमें इस झगड़े को सुनियोजित बताया गया था। हालांकि बाद में स्टीव जार्डिंग ने इस मेल को फर्जी करार दिया था। बहरहाल चुनाव के नतीजों से स्पष्ट हो गया था कि अखिलेश यादव को स्टीव जार्डिंग का साथ रास नहीं आया और पिछले विधानसभा चुनावों में 403 सीटें जीतने वाली समाजवादी पार्टी 2017 के विधानसभा चुनावों में सिर्फ 54 सीटों पर सिमट गई। ऐसे में जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आगामी लोकसभा चुनावों में स्टीव जार्डिंग की सेवाएं लेने का फैसला किया है तो देखने वाली बात होगी कि क्या इस बार स्टीव जार्डिंग दुनिया के इस सबसे बड़े लोकतंत्र में जनता के रुझान को राहुल गांधी के पक्ष में मोड़ पाने में सफल होंगे?

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