दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन जारी है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी कांग्रेस सांसदों के साथ धरने पर बैठे हैं। पीएम आवास के पास कांग्रेस सांसदों का प्रदर्शन जारी है। राहुल गांधी ने छात्रों पर हुए लाठी चार्ज के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया है।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफ़ा देना चाहिए- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने X पर एक पोस्ट में कहा, “कल युवा छात्रों के साथ हुई बर्बरता के बारे में जवाब मांगने के लिए हम प्रधानमंत्री मोदी के घर तक मार्च कर रहे हैं। सरकार न तो इसकी कोई ज़िम्मेदारी लेना चाहती है और न ही संसद में इस पर कोई बहस करना चाहती है। भारत के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।”
नारेबाजी कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ता
वहां पर कांग्रेस के भी कई कार्यकर्ता मौजूद हैं, जो मोदी सरकार के विरोध में नारेबाजी कर रहे हैं। पुलिस ने नारेबाजी कर रहे कई कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं पर कोई जवाब नहीं दे रही है और संसद में चर्चा से बच रही है।
पुलिस ने कांग्रेस सांसद के. सुरेश को भी हिरासत में ले लिया है। जब पुलिस के सुरेश को हिरासत में ले रही थी तो उन्होंने समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा, “हमें बेरहमी से हिरासत में ले रहे हैं। हम प्रधानमंत्री आवास के सामने विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि कल दिल्ली पुलिस ने हमारे छात्रों को बेरहमी से पीटा था। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री शांत हैं।”
संसद में चर्चा की मांग कर रही कांग्रेस
राहुल गांधी ने आज सुबह ही कई विपक्षी सांसदों के साथ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की थी। इसको लेकर राहुल गांधी ने X पर एक पोस्ट में कहा था, “आज विपक्ष के MPs के साथ माननीय लोकसभा स्पीकर से मिले।हमारी मांग सीधी है- पार्लियामेंट में कल स्टूडेंट्स पर हुई बेरहमी और एग्जाम की मुश्किल के लिए सरकार की पूरी तरह से गैर-ज़िम्मेदारी पर डिटेल में चर्चा होनी चाहिए। स्टूडेंट्स को उनके अपने भविष्य के बारे में सही सवाल पूछने पर पीटा गया। अगर पार्लियामेंट भारत के युवाओं के भविष्य पर चर्चा नहीं कर सकती, तो वह किस काम की? विपक्ष इसे दबने नहीं देगा। हम यह पक्का करेंगे कि स्टूडेंट्स की आवाज़ सड़कों पर और पार्लियामेंट में सुनी जाए।”
यह भी पढ़ें: सोनम वांगचुक को मेदांता में किया जाएगा शिफ्ट
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंग्मो ने हाई कोर्ट से अपील की थी कि वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से किसी प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट किया जाए। दिल्ली हाई कोर्ट में आज सुनवाई के दौरान SG तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र को सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने पर कोई आपत्ति नहीं है। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
