80 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले में आयोजित समारोह में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की गैर मौजूदगी को लेकर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा का बयान आया है। पवन खेड़ा ने कहा कि कुछ लोगों को हर बात में अपमान नजर आता है।

पवन खेड़ा ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा, “जो स्वतंत्रता के आंदोलन में नहीं आए, उन्हें स्वतंत्रता दिवस समारोह में कौन नहीं गया, इस पर वे अपमानित महसूस कर रहे हैं।”

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क्या वंदे मातरम को गाए जाने के दौरान कोई व्यवधान हुआ, इस बारे में पूछे जाने पर पवन खेड़ा ने कहा कि अक्टूबर 1937 में कलकत्ता में आयोजित कांग्रेस के अधिवेशन में महात्मा गांधी समेत कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं ने तय किया था कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा।

2024 में हुआ था विवाद

राहुल गांधी के स्वतंत्रता दिवस समारोह में बैठने की व्यवस्था को लेकर साल 2024 में विवाद हुआ था। उस समय राहुल गांधी को लाल किले पर आयोजित कार्यक्रम में पांचवीं पंक्ति में बैठाया गया था। कांग्रेस ने इसकी कड़ी आलोचना की थी। पार्टी ने आरोप लगाया था कि सरकार ने नेता प्रतिपक्ष के पद का अपमान किया है। 

इसके बाद 2025 में भी राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे।

राहुल गांधी को 2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए आधिकारिक तौर पर निमंत्रण मिला था। रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि उनकी सीटिंग व्यवस्था ‘टेबल ऑफ प्रिसीडेंस’ के मुताबिक ही होगी। 

इससे पहले कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित समारोह में तिरंगा फहराया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता शामिल रहे।

भाजपा-आरएसएस शांति भंग करना चाहते हैं : खड़गे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उनकी पार्टी ‘मोहब्बत की दुकान’ खोलने की बात करती है ताकि देश में शांति कायम रहे, जबकि भाजपा, आरएसएस और मौजूदा सरकार शांति भंग करना चाहते हैं। खड़गे ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में तिरंगा फहराने के बाद अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल स्वतंत्रता संग्राम को याद करने का दिन नहीं है, बल्कि यह आत्ममंथन करने का भी मौका है कि स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस भारत का सपना देखा था, वह कितना पूरा हुआ है।

खड़गे ने आरोप लगाया कि जैसे आरएसएस के लोगों ने आजादी से पहले देश के खिलाफ काम किया, वैसे ही भाजपा आजादी के बाद देश के खिलाफ काम कर रही है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का आह्वान किया और कहा कि ये सात शक्तियां भारत को नई गति तथा नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।