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यूपी, बिहार में राहुल गांधी के सिपहसालार सक्रिय, इन दलों से हो रही गठबंधन की बात

हालांकि जिस तरह से बिहार में जदयू ने महागठबंधन तोड़कर भाजपा का दामन थामा है, उसके बाद कांग्रेस को राजद और जदयू को एक साथ लाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी। (file pic)

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के सिपहसलारों ने पर्दे के पीछे से उत्तर प्रदेश और बिहार में महागठबंधन बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। ऐसी खबरें आ रही हैं कि कांग्रेस के कुछ नेता क्षेत्रीय पार्टियों के संपर्क में हैं और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ महागठबंधन तैयार करने की कोशिशों में जुटे हैं। कांग्रेस नेता उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के साथ विभिन्न स्तरों पर बातचीत कर रहे हैं। इसके साथ ही बिहार में कांग्रेस नेता बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) के साथ अपने भेदभाव मिटाकर गठजोड़ की कोशिशों में हैं। हालांकि जिस तरह से बिहार में जदयू ने महागठबंधन तोड़कर भाजपा का दामन थामा है, उसके बाद कांग्रेस को राजद और जदयू को एक साथ लाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

कांग्रेस नेतृत्व उत्तर प्रदेश की 80 और बिहार की 40 लोकसभा सीटों को काफी अहमियत दे रहा है। भाजपा के लिए भी ये दोनों प्रदेश अहम हैं और मौजूदा समय में इन राज्यों में भाजपा के क्रमश 69 और 23 सांसद हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की एक खबर के अनुसार, कांग्रेस के एक वरिष्ठ रणनीतिकार का कहना है कि उनकी पार्टी अखिलेश यादव, मायावती और अजीत सिंह के बातचीत कर रही है, ताकि आगामी लोकसभा चुनावों में एक गठबंधन या फिर सीटों के बंटवारे पर सहमति बन सके। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद लगातार क्षेत्रीय पार्टियों के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। कांग्रेस के एक अन्य रणनीतिकार का कहना है कि बसपा और सपा 65-70 सीटों की मांग कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस और रालोद को 10-15 सीटें देने की बात कह रहे हैं। ऐसे में कांग्रेसी नेताओं का मानना है कि इस कंडीशन पर महागठबंधन खतरे में पड़ सकता है।

बिहार में भी ऐसी चर्चाएं हैं कि नीतीश कुमार महागठबंधन में वापसी कर सकते हैं। हालांकि राजद नेता तेजस्वी यादव साफ कह चुके हैं कि उनकी पार्टी लोकजनशक्ति पार्टी और रालोसपा के साथ गठबंधन के लिए तैयार है, लेकिन जदयू के महागठबंधन में वापसी का वह विरोध करेंगे। वहीं भाजपा और जदयू के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत चल रही है और दोनों ही पार्टियों के नेताओं का मानना है कि जल्द ही इस पर सहमति बन जाएगी। राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र बेहद अहम रहेंगे और यही वजह है कि कांग्रेस इन राज्यों में गठबंधन कर भाजपा को झटका देने की तैयारी कर रही है।

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