तमिलनाडु में अभिनेता से राजनेता बने विजय ने स्टालिन सरकार को धूल चटा दी है। तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने इतिहास रचते हुए डीएमके को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
इसे लेकर जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के मुखिया रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने एक पोस्ट किया है।
राजा भैया ने क्या लिखा?
राज भैया ने एक अपने 2023 के पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा, “मिट गये सनातन को मिटाने का सपना देखने वाले।” दरअसल 2023 में स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने एक सभा के दौरान सनातन धर्म के खिलाफ कुछ बातें कहीं थीं, जिस पर राजा भैया ने एक पोस्ट लिखा था।
2023 में राजा भैया ने अपने पोस्ट में लिखा था, “कल उदयनिधि स्टालिन ने भरी सभा में सनातन धर्म को समाप्त करने की बात कही, हर भारतवासी को इस घृणित वक्तव्य का मुखर विरोध करना चाहिये। ये बयान हिन्दुओं के प्रति डीएमके की घृणा को दर्शाता है। इंडिया गठबंधन डीएमके से सहमत है या उसे निकाल बाहर करेगा? चुनाव होने हैं, स्थिति स्पष्ट करनी होगी।”
पिता-पुत्र दोनों को मिली हार
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन दोनों ही इस चुनाव में अपनी सीट नहीं बचा सके हैं। राजनीति विद्वानों ने इस करारी हार का कारण सनातन धर्म पर हमला और उनका हिंदू विरोधी होना बताया है।
2023 में उदयनिधि ने क्या कहा था?
दरअसल साल 2023 में उदयनिधि स्टालिन सनातन धर्म की तुलना डेंगु-मलेरिया की थी। उदयनिधि ने अपने भाषण में कहा था कि सनातन धर्म सामाजिक समानता के खिलाफ है और इस खत्म कर देना चाहिए। इस बयान पर खूब बवाल हुआ था, कई राज्यों में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी। वहीं विपक्षी पार्टियों ने इस हिंदू धर्म का अपमान बताया था।
इतना ही नहीं एमके स्टालिन ने अपने बेटे के इस बयान का बचाव भी किया था। विवाद बढ़ता देख सीएम स्टालिन ने कहा था कि उदयनिधि का बयान धर्म के खिलाफ नहीं बल्कि जाति आधारित भेदभाव और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ था।
किसी भी पार्टी को नहीं मिला बहुमत
विजय की पार्टी टीवीके 107 सीटें जीत चुकी है, जबकि एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके 60 सीटों पर सिमट कर रह गई है। इधर एआईडीएमके 47 सीटें जीत चुकी है। वहीं कांग्रेस पांच सीटें जीत चुकी है। तमिलनाडु में कुल 234 सीटें हैं, ऐसे में सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 118 सीटें लानी चाहिए। हालांकि कोई भी पार्टी बहुमत का यह जादुई आंकड़ा पार नहीं कर सकी है।
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तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में एक नया इतिहास रच दिया है। अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ. विजय ने तमिल राज्य में DMK-AIDMK के दशकों लंबे वर्चस्व को खत्म कर दिया। सत्तारूढ़ डीएमके तीसरे नंबर पर खिसक गई है। तमिलनाडु में सोमवार को विधानसभा चुनाव की मतगणना जारी रहने के बीच अभिनेता-नेता विजय की पार्टी 107 सीटों पर बढ़त के साथ सबसे आगे चल रही है। वहीं 55 सीटों पर यह दूसरे पायदान पर हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
