शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा के सात सांसदों ने बगावत कर दी। राघव चड्ढा समेत कुल 7 सांसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। संसद के उपस्थिति रिकॉर्ड के मुताबिक, स्वाति मालीवाल, अशोक कुमार मित्तल और राघव चड्ढा उच्च सदन में सबसे अधिक नियमित रहे।

डेटा के मुताबिक, क्रिकेटर हरभजन सिंह और कारोबारी राजिंदर गुप्ता तथा विक्रमजीत सिंह साहनी सदन में अपेक्षाकृत कम उपस्थित रहे। इन सांसदों ने संसद में अलग-अलग अवधि तक समय बिताया है। इसलिए उनकी उपस्थिति की तुलना पूरी तरह सटीक नहीं मानी जा सकती। सामान्य रूप से देखा जाए तो स्वाति मालीवाल सबसे ज्यादा और हरभजन सबसे कम बार सदन में दिखाई दिए हैं।

स्वाति मालिवाल का रिकॉर्ड सबसे बेहतर

राज्यसभा सचिवालय के रिकॉर्ड के अनुसार, साल 2022 में 256वें, 257वें और 258वें सत्रों के दौरान 245 सदस्यों वाले सदन में औसत उपस्थिति क्रमशः 159, 178 और 175 रही।

259वें, 260वें, 261वें और 262वें सत्र (2023) के लिए ये आंकड़े क्रमशः 167, 186, 197 और 168 रहे। वहीं 263वें, 264वें, 265वें और 266वें सत्र (2024) में औसत उपस्थिति क्रमशः 170, 192, 184 और 183 रही।

पहली बार राज्यसभा सांसद बनीं स्वाति मालीवाल जनवरी 2024 में उच्च सदन में शामिल हुईं। उन्होंने 94.87% बैठकों में उपस्थिति दर्ज की, 105 प्रश्न पूछे, पांच विधेयक पेश किए, दो समितियों में कार्य किया और 17 बहसों में भाग लिया।

राघव चड्ढा की राज्यसभा में हाज़िरी

अरविंद केजरीवाल के सहयोगी रहे राघव चड्ढा ने शुक्रवार को AAP में बगावत की शुरुआत की। मई 2022 में राज्यसभा में प्रवेश करने के बाद से 82.44% उपस्थिति दर्ज की है। उन्होंने 350 प्रश्न पूछे, नौ विधेयक पेश किए, तीन संसदीय समितियों के सदस्य रहे और 332 बहसों में भाग लिया।

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक अशोक मित्तल मई 2022 में ही सदन में आए। उन्होंने अब तक 84.96% उपस्थिति दर्ज की है। उन्होंने 361 प्रश्न पूछे और 341 बहसों में हिस्सा लिया।

हरभजन सिंह की मौजूदगी सबसे कम

AAP के संगठन महासचिव संदीप पाठक अब BJP में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने मई 2022 में राज्यसभा में आने के बाद से 78.95% उपस्थिति दर्ज की है।

वहीं राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी ने क्रमशः अक्टूबर 2025 और जुलाई 2022 में उच्च सदन में प्रवेश करने के बाद से 56% और 56.49% उपस्थिति दर्ज की है। गुप्ता ने अब तक किसी भी बहस में हिस्सा नहीं लिया है।

अप्रैल-मई 2022 में निर्वाचित हुए क्रिकेटर हरभजन सिंह की उपस्थिति सबसे कम 25.95% रही है। वे सदन की 131 बैठकों में से केवल 34 में उपस्थित रहे और 172 प्रश्न पूछे।

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राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के लगभग दो-तिहाई सांसदों ने राघव चड्ढा और संदीप पाठक के नेतृत्व में घोषणा की कि वे संसदीय दल का भाजपा में विलय करेंगे। इससे मुझे कोई आश्चर्य नहीं हुआ। यह घोषणा मात्र एक औपचारिकता थी, पार्टी में पदोन्नत किए गए और सत्ता के पदों पर आसीन किए गए लोगों का अपरिहार्य परिणाम, जिन्होंने अन्ना आंदोलन के प्रति ईमानदार और वफादार लोगों की कीमत पर ऐसा किया। पढ़ें पूरी खबर…