राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने फिर से एक वीडियो जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि कल से मेरे खिलाफ स्क्रिप्टेड कैंपेन चलाया जा रहा है। जिसमें एक जैसी भाषा, एक जैसी बातें और एक जैसे आरोप हैं। उन्होंने कहा कि एक कोई संयोग नहीं, बल्कि कोऑर्डिनेटेड अटैक है। पहले मैंने सोचा इसका जवाब मुझे नहीं देना चाहिए, फिर लगा एक झूठ को सौ बार बोला जाए तो कहीं लोग मान न लें। इसलिए मैंने सोचा जवाब दूं।

राघव चड्ढा ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने तीन आरोप लगाते हुए यह कहा कि इन तीन आरोपों की वजह से हम राघव चड्ढा को पार्लियामेंट में बोलने का मौका नहीं देंगे। राघव चड्ढा के पार्लिय़ामेंट बोलने पर रोक इसलिए लगाई गई कि उन्होंने ये तीन गलतियां कीं। राघव चड्ढा ने कहा कि मैं इन तीन मुद्दों पर आप लोगों से बात करना चाहता हूं।

AAP के पहले आरोप का राघव ने दिया जवाब

चड्ढा ने कहा कि पहला आरोप जो मेरे ऊपर लगाया गया, वो है- जब अपोजिशन पार्लियामेंट से वॉकआउट करता है को राघव चड्ढा वहीं बैठे रहते हैं, वो वॉकआउट नहीं करते हैं। राघव चड्ढा ने कहा कि यह सरासर, सफेद झूठ है। उन्होंने कहा कि मैं चुनौती देता हूं कि एक दिन ऐसा बताइए, जब ऑपोजिशन ने वॉकआउट किया हो और मैंने उनका साथ न दिया हो और मैंने उनका साथ वॉकआउट न किया हो। चड्ढा ने कहा कि पार्लियामेंट में तो हर जगह सीसीटीवी कैमरा है। आप सीसीटीवी कैमरा निकालकर दिखा दीजिए। दूध का दूख और पानी का पानी हो जाएगा।

दूसरे आरोप का जवाब

उन्होंने कहा कि दूसरा आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने चीफ इलेक्शन कमीशनर को हटाने वाली जो याचिका थी, उस पर साइन करने से मना कर दिया? राघव चड्ढा ने कहा कि यह आम आदमी पार्टी का दूसरा सफेद झूठ है। राघव ने कहा कि मुझे आम आदमी पार्टी के किसी नेता मुझे इस साइन करने के लिए नहीं कहा। न तो औपचारिक तौर पर और न ही अनौपचारिक तौर पर कहा। राघव चड्ढा ने कहा कि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में कुल 10 सांसद हैं। जिनमें से छह या सात सांसदों ने इस मोशन पर खुद ही साइन नहीं किए। तो भला इसमें मेरी क्या गलती है। इसका सारा दोष मुझ पर ही क्यों मढ़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मोशन के लिए राज्यसभा में कुल 50 सिग्नेचर की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में विपक्ष के कुल 105 सांसद हैं। उनमें से मात्र 50 विपक्षी सांसदों के सिग्नेचर से यह याचिका पूरी हो जाती है तो फिर इतना सोर क्यों?

तीसरे आरोप का भी दिया जवाब

राघव चड्ढा ने कहा कि तीसरा आरोप आम आदमी पार्टी ने जो मुझ पर लगाया वो यह था कि राघव चड्ढा डर गए हैं। इसलिए वो बेकार के मुद्दे उठाते हैं। चड्ढा ने कहा कि पहली बात यह है कि मैं पार्लियामेंट में सोर मचाने, चीखने, चिल्लाने, माइक तोड़ने या गाली देने नहीं गया हूं। मैं वहां पर जनता के मुद्दे उठाने गया हूं। लोगों की बात करने गया हूं। राघव चड्ढा ने पूछा कि और मैंने कौन सा मुद्दा नहीं उठाया है। मैंने जीएसटी से लेकर इनकम टैक्स तक की बात की। पंजाब के पानी से लेकर दिल्ली की हवा का मुद्दा उठाया। सरकारी स्कूलों की हालत से लेकर कैसे पब्लिक हेल्थ के इंस्टीट्यूशन को मजबूत किया जाए। इंडियन रेलवे में जो पैसेंजर ट्रैवल करते हैं उनकी समस्याएं रखीं। यहां तक की मेंस्ट्रुअल हेल्थ का मुद्दा उठाया, जिसके बारे में लोग बात करने से कतराते हैं। वो बातें रखी। बेरोजगारी से लेकर महंगाई तक तमाम बातें उठाईं।

‘मैं घायल हूं, इसीलिए घातक हूं’

उन्होंने कहा कि आप मेरे पार्लियामेंट के चार साल का ट्रैक रिकॉर्ड उठाकर देख लीजिए। जो पार्लियामेंट टैक्सपेयर के पैसे से चलती है, मैं उन टैक्सपेयर के मुद्दे उठाने गया हूं। राघव ने कहा कि अंत में केवल मैं इतना कहना चाहता हूं कि जो लोग आज मुझ झूठे आरोप लगा रहे हैं। ऐसे हर झूठ को बेनकाब किया जाए और हर सवाल का जवाब दिया जाए। क्योंकि मैं घायल हूं, इसीलिए घातक हूं।

राघव चड्ढा को AAP ने डिप्टी लीडर पद से हटाया, क्या पार्टी से भी होगी विदाई? ये घटनाक्रम करते हैं बड़ा इशारा

आम आदमी पार्टी और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में जो चर्चा काफी दिनों से चल रही थी, वो आखिरकार गुरुवार (2 मार्च, 2026) को सही साबित हुई। चर्चा यह थी कि क्या राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और वो भाजपा का दामन थाम सकते हैं, लेकिन यह बात तो आज साफ हो गई कि हां, आम आदमी पार्टी और राघव चड्ढा के बीच रिश्ते ठीक नहीं थे। यही वजह रही कि आज पार्टी ने उन्हें राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटाकर साफ कर दिया कि यह महज शिगूफा नहीं, बल्कि वास्तविक कलह थी, लेकिन यह बात अभी साफ नहीं हो सकी है कि क्या वो भाजपा के साथ जाएंगे? या फिर पार्टी से उनको बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर।