पंजाब की ड्राफ्ट मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के कुछ ही दिनों बाद बीजेपी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम दिल्ली की मतदाता सूची में शामिल हो गया है। आम आदमी पार्टी ने कहा है कि राघव चड्ढा ने गैर-कानूनी तरीके से खुद को दिल्ली में वोटर के तौर पर रजिस्टर करवाया है लेकिन चड्ढा ने कहा है कि उन्होंने चुनाव आयोग के सभी नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया है।
चड्ढा ने आम आदमी पार्टी के आरोपों को ‘बेबुनियाद’ बताया है।
राघव चड्ढा का नाम हटाए जाने को लेकर विवाद हुआ था। चड्ढा ने इसे राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया था। चड्ढा का नाम ‘Absent, Shifted, Deceased and Duplicate’ यानी ASDD श्रेणी में शामिल किया गया था। चड्ढा का नाम 13 अगस्त को प्रकाशित पंजाब की ड्राफ्ट एसआईआर सूची से हटा दिया गया था और इस बारे में द इंडियन एक्सप्रेस ने तीन सितंबर को खबर छापी थी।
सीईओ कार्यालय ने क्या कहा?
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अशोक कुमार के दफ्तर की ओर से इस बारे में बयान जारी किया गया है। बयान में कहा गया है कि 16 जून से 31 अगस्त तक SIR ड्राफ्ट चरण के लिए दिल्ली की मतदाता सूची को फ्रीज किए जाने के दौरान 2.14 लाख ‘फॉर्म 6’ प्राप्त हुए। ड्राफ्ट चरण के दौरान, नए वोटर रजिस्ट्रेशन फॉर्म को ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं किया जाता है।
सीईओ कार्यालय ने कहा कि ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन से लेकर सोमवार तक आठ दिनों में मतदाताओं द्वारा कुल 25,011 ‘फॉर्म 6’ जमा किए गए थे। सीईओ ने बताया कि इनमें से मंगलवार तक दिल्ली भर में ERO द्वारा 700 फॉर्म मंजूर किए जा चुके थे। बयान में राघव चड्ढा को लेकर कोई बात नहीं कही गई है।
आम आदमी पार्टी ने क्या कहा?
मंगलवार को आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा का नाम दिल्ली के राजिंदर नगर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 46 की मतदाता सूची में जोड़ दिया गया था। चुनाव आयोग के पोर्टल पर राघव चड्ढा के बारे में जानकारी खोजने पर पता चला कि वह बूथ नंबर 46 पर रजिस्टर्ड हैं और उनका सीरियल नंबर 747 है।
अहम बात यह है कि दिल्ली में एसआईआर के तहत चुनाव आयोग की ओर से 31 अगस्त को इस बूथ की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जब जारी की गई थी तो यह सीरियल नंबर 746 पर खत्म हो गई थी और इसमें राघव चड्ढा का नाम नहीं था।
सौरभ भारद्वाज ने चड्ढा की वोटर जानकारी की इलेक्ट्रॉनिक कॉपी भी शेयर की।
सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया है कि जब दिल्ली में एसआईआर के ड्राफ्ट चरण के दौरान मतदाता सूची फ्रीज थी और चड्ढा खुद पंजाब में मतदाता के तौर पर पंजीकृत होने की बात कह रहे थे, ऐसे में उनका नाम दिल्ली के उसी बूथ में दोबारा कैसे जुड़ गया।
चुनाव आयोग दे जवाब- भारद्वाज
भारद्वाज ने कहा, “खुद राघव चड्ढा कह रहे थे कि वे पंजाब के वोटर हैं और वहीं अपना वोट बनवाएंगे। चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को भी फ्रीज कर दिया था। ऐसे में, एसआईआर के दौरान दिल्ली के उसी बूथ पर वोटर लिस्ट में राघव चड्ढा जी का नाम कैसे जुड़ गया? किस प्रक्रिया के तहत यह नया वोट बनाया गया? चुनाव आयोग को इसका जवाब देना चाहिए।”
आम आदमी पार्टी के आरोपों को लेकर द इंडियन एक्सप्रेस के द्वारा पूछे गए सवालों का चुनाव आयोग ने जवाब नहीं दिया।
राजिंदर नगर विधानसभा क्षेत्र के मामले में सीईओ की वेबसाइट पर 1 सितंबर से 7 सितंबर तक अपलोड किए गए फॉर्म 9 में आवेदकों के कुल 205 नाम हैं और इसमें राघव चड्ढा का नाम शामिल नहीं है।
चड्ढा ने पंजाब के मोहाली में डाला था वोट
2022 के राज्यसभा चुनावों में राघव चड्ढा ने जो हलफनामा दिया था, उसमें उन्होंने बताया था कि उनका नाम दिल्ली के राजिंदर नगर में बूथ नंबर 52 पर रजिस्टर्ड था। पंजाब से राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद चड्ढा ने अपना नाम पंजाब में ट्रांसफर करा लिया। 1 जून, 2024 को हुए लोकसभा चुनावों में पंजाब के एसएएसनगर (यानी मोहाली) के एक बूथ पर उन्होंने वोट डाला था।
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