Ragha Chadha Left AAP: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपने 6 सांसद साथियों के साथ AAP छोड़ दी। राघव चड्ढा ने अशोक मित्तल और संदीप पाठक के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि राज्यसभा के दो तिहाई सदस्य उनके साथ हैं और वे BJP में अपना विलय कर रहे हैं। AAP को लगे इस बड़े सियासी झटके के बाद पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल से लेकर सांसद संजय सिंह और भगवंत मान ने BJP पर ऑपरेशन लोटस का आरोप लगाया है।
अहम बात यह भी है कि राघव चड्ढा और उनके साथियों द्वारा AAP में की गई इस बगावत का सीधा असर राज्यसभा के नंबर गेम पर भी पड़ने वाला है। राघव का कहना है कि वे सभी बीजेपी में विलय कर रहे हैं। इसके चलते BJP और NDA राज्यसभा में और ज्यादा मजबूत होगा है और ये आंकड़ा 141 तक चला जाएगा।
राघव चड्ढा ने ऐलान किया है कि वे और उनके सभी साथी यानी 7 राज्यसभा सांसद बीजेपी में जाएंगे। संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने इस दौरान पीएम मोदी ने के 12 साल के कार्यकाल की तारीफ की और आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। राज्यसभा और पंजाब की सियासत के लिहाज से इस घटनाक्रम से AAP को बड़ा झटका लगा है क्योंकि अगले साल फरवरी मार्च में पंजाब के विधानसभा चुनाव होने हैं।
BJP पर फूटा AAP का गुस्सा
राघव चड्ढा सहित आम आदमी पार्टी के सात सासंदों के बीजेपी में शामिल होने पर पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने प्रतिक्रिया दी है। अरविंद केजरीवाल ने X पर पोस्ट कर कहा, “बीजेपी ने फिर से पंजाबियों के साथ किया धक्का”।
वहीं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इसे बीजेपी का ऑपरेशन लोटस करार दिया और दावा किया कि बीजेपी पंजाब सरकार के कामकाज को रोकना चाहती है। कुछ ऐसा ही बयान पंजाब के सीएम भगवंत मान की तरफ से भी आया और उन्होंने भी आप में हुई इस फूट के लिए बीजेपी को जिम्मेदार बताया।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि बीजेपी की पंजाबियों से बिलकुल भी नहीं बनती है। जिस भी चीज से पंजाबी खुश होते हैं, बीजेपी उसे खराब कर देती है। उन्होंने कहा कि भगवंत मान ने कहा कि बीजेपी ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा के कुछ सांसदों को अपनी तरफ बुला लिया है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी में जाने वाले ये सांसद गद्दार हैं। इन्हें बैठे-बैठे गद्दी मिल गई। वहां जाकर तिकड़म-बाजी कर रहे हैं। पंजाब में बीजेपी का कोई बेस नहीं है, ये जिसके साथ गठबंधन कर लेते हैं, उसे खा जाते हैं और खाने के बाद डकार भी नहीं मारते।
क्या कहते हैं विलय के नियम?
राघव चड्ढा ने कहा कि आप के दो तिहाई सांसद बीजेपी में विलय कर लेंगे। इसको लेकर नियमों पर गौर करना भी जरूरी है। नियमों के मुताबिक, यदि सदन में किसी पार्टी के कम से कम दो-तिहाई सदस्य किसी अन्य पार्टी के साथ विलय करने पर सहमत होते हैं, तो इसे वैध विलय माना जाता है। इसीलिए इस पर दल-बदल का कानून लागू नहीं होगा। जिससे सांसदों द्वारा घोषित किए गए जैसे समूह-स्तरीय राजनीतिक पुनर्गठन में यह प्रावधान महत्वपूर्ण हो जाता है।
वर्तमान में राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (AAP) के 10 सांसद हैं। इस कदम के बाद दो-तिहाई यानी 7 सांसद भाजपा में विलय कर लेंगे। अगर यह संख्या इससे कम होती, तो विलय चाहने वाले सांसदों को राज्यसभा की सदस्यता छोड़नी पड़ती। इसलिए अगर चड्ढा अकेले इस्तीफा देते, तो उन्हें राज्यसभा की सदस्यता छोड़नी पड़ती। ऐसे में उन्होंने अपने अन्य 6 राज्यसभा साथियों के साथ पार्टी छोड़ दी।
क्या होता है दल-बदल का कानून?
सदन के नियमों को लेकर संविधान की दसवीं अनुसूची के अंतर्गत दल-बदल विरोधी कानून का उद्देश्य सांसदों को निर्वाचित होने के बाद दल-बदल करने से रोकना और राज्यसभा सहित संसद में स्थिरता बनाए रखना है। यह कानून किसी सदस्य को स्वेच्छा से पार्टी की सदस्यता छोड़ने या पार्टी के व्हिप के विरुद्ध मतदान करने पर अयोग्य घोषित करने का प्रावधान करता है।
बता दें कि राज्यसभा में अयोग्यता का फैसला राज्यसभा के अध्यक्ष द्वारा किसी अन्य सदस्य की याचिका के आधार पर लिया जाता है। हालांकि कानून में विलय के लिए एक अपवाद भी शामिल है, जहां दो-तिहाई की शर्त महत्वपूर्ण हो जाती है।
राज्यसभा में मजबूत BJP-NDA
राज्यसभा में एक तरफ आम आदमी पार्टी सिकुड़ गई है, तो दूसरी ओर नंबर गेम के लिहाज से इसका सबसे बड़ा फायदा बीजेपी और एनडीए को मिलेगा। अभी राज्यसभा में बीजेपी के सांसदों की संख्या 106 है, जबकि एनडीए के सांसदों की संख्या 134 तक चली जाती है। 245 सीटों वाले सदन में बीजेपी को अकेले नहीं लेकिन गठबंधन के साथ बहुमत हासिल है।
वहीं बीजेपी में राघव चड्ढा और अन्य 6 सांसदों के शामिल होने के बाद बीजेपी का आंकड़ा 113 हो जाएगा, जबकि एनडीए 141 तक पहुंच जाएगा। अगर बीजेपी को अकेले राज्यसभा में बहुमत हासिल करना है, तो उसे जून और नवंबर में होने वाले राज्यसभा चुनाव में जीत हासिल करनी होगी।
‘सही आदमी गलत पार्टी में’ राघव चड्ढा ने 7 सांसदों के साथ छोड़ी AAP, BJP में होंगे शामिल

आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है क्योंकि पार्टी का बड़ा चेहरा रहे राघव चड्ढा ने अपने राज्यसभा के 6 साथियों के साथ AAP छोड़ दी है। राघव के साथ आप छोड़ने वाले साथियों में संदीप पाठक, अशोक मित्तल, विक्रम साहनी, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह और राजिंदर गुप्ता का नाम भी है। पढ़िए पूरी खबर…
