राघव चड्ढा ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के अपने फैसले को लेकर हो रही आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया दी। राज्य सभा सांसद ने बताया कि उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) क्यों छोड़ी। इंस्टाग्राम पर राघव ने एक वीडियो वीडियो शेयर किया और कहा कि इस घोषणा के बाद उन्हें बड़ी संख्या में लोगों के मैसेज मिल रहे हैं।
राघव चड्ढा ने कहा, ”पिछले तीन दिनों में मुझे बहुत सारे मैसेज आ रहे हैं, आप में से ज्यादातर लोग मुझे बेस्ट विशेज दे रहे हैं, बधाई दे रहे हैं। और कुछ लोग मेरे इस फैसले के पीछे के कारण जानना चाहते हैं। आज ये वीडियो उन लोगों के लिए है और उनके लिए भी है जिन्होंने शायद मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं देखी।”
राघव ने कहा, ”राजनीति में आने से पहले मैं एक प्रैक्टिसिंग चार्टेड अकाउंटेंट था और मेरे सामने एक बेहतरीन करियर था। लेकिन मैं उस करियर को छोड़कर राजनीति में आया ना कि अपने करियर को बनाने के लिए। और एक पॉलिटिकल पार्टी का फाउंडिंग मेंबर बना। जिस पार्टी को मैंने अपने प्राइम यूथ के 15 साल दिए। अपने खून-पसीने और बहुत मेहनत से इस पार्टी को सींचा। लेकिन आज ये पुरानी वाली पार्टी नहीं रही। आज इस पार्टी में टॉक्सिक वर्क एन्वायरमेंट है। आपको काम करने से रोका जाता है, पार्लियामेंट में बोलने से रोका जाता है।”
‘भ्रष्ट और कॉम्प्रोमाइज्ड लोगों के हाथों में फंसी पार्टी’
पार्टी के मौजूदा कामकाज के तरीके की आलोचना करते हुए राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि आज ये राजनीतिक पार्टी कुछ चंद भ्रष्ट और कॉम्प्रोमाइज्ड लोगों के हाथों में फंस कर रह गई है जो देश के लिए नहीं, अपने निजी फायदे के लिए काम कर रहे हैं।
चड्ढा ने कहा कि वह पिछले कुछ सालों से पार्टी में धीरे-धीरे खुद को असहज और अलग-थलग महसूस कर रहे थे। उन्होंने खुद को ‘सही व्यक्ति, लेकिन गलत पार्टी में’ बताया। राघव ने आगे आगे कहा, ”इसके चलते मेरे सामने सिर्फ तीन विकल्प थे, पहला विकल्प कि मैं राजनीति ही छोड़ दूं। दूसरा विकल्प था कि मैं इसी पार्टी में रहूं और चीजें ठीक करने की कोशिश करूं और तीसरा विकल्प था कि मैं अपनी एनर्जी और एक्सपीरियंस लेकर पॉजिटिव राजनीति करूं- एक और प्लेटफॉर्म के साथ, एक अन्य राजनीतिक पार्टी के साथ जुड़कर सकारात्मक राजनीति करूं। इसीलिए मैंने अकेले ने नहीं, मेरे साथ एक नहीं, दो नहीं, तीन नहीं, चार नहीं, पांच नहीं, छह नहीं बल्कि कुछ सात सांसदों ने मिलकर यह फैसला लिया कि हम अपनी इस राजनीतिक पार्टी से रिश्ता तोड़ते हैं। ”
‘सात लोग गलत नहीं हो सकते’
राघव ने आगे कहा, ”एक आदमी गलत हो सकता है, दो गलत हो सकते हैं लेकिन सात लोग गलत नहीं हो सकते। और वो तमाम लोग जो पढ़े-लिखे लोग थे, जो इस पार्टी के सपने के साथ जुड़े थे वो तमाम लोग छोड़कर चले गए। क्या वो सारे गलत हो सकते हैं?” दबाव या डर की वजह से आप छोड़ने और बीजेपी में शामिल होने के आरोपों को राघव चड्ढा ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ”आप ऐसे समझिए, आप में से जितने ऑफिस जाने वाले लोग हैं और अगर आपका वर्क प्लेस टॉक्सिक माहौल वाला हो जाए तो क्या आप काम कर पाएंगे? आप कितना काम कर पाएंगे? आपके काम को दबाया जाए, आपको चुप कराया जाए तो आप क्या करेंगे? उस स्थिति में सही फैसला वही है कि आप उस वर्क प्लेस को छोड़ दें। शायद हमने भी वही किया।”
राघव चड्ढा ने आगे कहा कि बहुत सारे लोगों ने उनसे पूछा कि क्या आप अब भी आम लोगों के साधारण मुद्दे और समस्याओं को उठाते रहेंगे? इस पर राघव ने कहा कि मैं और ज्यादा एनर्जी और जोश के साथ आपके मुद्दों को उठाता रहूंगा और उन समस्याओं का समाधान ढूंढने के साथ ही उन्हें लागू भी करा पाएंगे।
आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के उनके इस कदम के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। उनके कई समर्थकों ने BJP में शामिल होने के फैसले की आलोचना की। इसके अलावा, उनके पुराने वीडियो क्लिप और बयान- जिनमें उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की आलोचना की थी वो फिर से ऑनलाइन वायरल होने लगे जिससे उनके इस राजनीतिक बदलाव को लेकर बहस और तेज हो गई।
राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल और हरभजन सिंह: आप के 7 बागी सांसदों में किसकी रही सबसे ज्यादा हाज़िरी और कौन रहा सबसे पीछे?
हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा के सात सांसदों ने बगावत कर दी। राघव चड्ढा समेत कुल 7 सांसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। संसद के उपस्थिति रिकॉर्ड के मुताबिक, स्वाति मालीवाल, अशोक कुमार मित्तल और राघव चड्ढा उच्च सदन में सबसे अधिक नियमित रहे। पढ़ें पूरी खबर…
