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संजय निरुपम का निशाना- शस्त्रपूजा को नहीं कहा जा सकता तमाशा, मल्लिकार्जुन खड़गे हैं नास्तिक, पर सारे कांग्रेस नहीं

मल्लिकार्जुन खड़गे नास्तिक हैं पर सारे कांग्रेसी नहीं। निरुपम ने कहा कि शस्त्रपूजन को तमाशा नहीं कह सकते हैं। शस्त्रपूजन की हमारे देश में परंपरा रही है। परेशानी यह है कि खड़गे जी नास्तिक हैं। कांग्रेस पार्टी में हर कोई नास्तिक नहीं है।

Author नई दिल्ली | Published on: October 9, 2019 5:49 PM
कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने खड़गे के बयान से किनारा कसा है और उनपर निशाना साधा है।(फोटो-ANI)

कांग्रेस के खिलाफ बागी सुर अपनाने वाले संजय निरुपम ने एक बार फिर से पार्टी लाइन से हटकर बयान दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राजनाथ सिंह द्वारा शस्त्र पूजन को दिखावा व तमाशा बताए जाने के बाद संजय निरुपम ने पार्टी के नेता के इस बयान से किनारा कस लिया है। न्यूज एजेंसी एनएनआई से बातचीत के दौरान संजय निरुपम ने कहा कि शस्त्र पूजन को तमाशा नहीं कहा जा सकता है।

मल्लिकार्जुन खड़गे नास्तिक हैं पर सारे कांग्रेसी नहीं। निरुपम ने कहा कि शस्त्रपूजन को तमाशा नहीं कह सकते हैं। शस्त्रपूजन की हमारे देश में परंपरा रही है। परेशानी यह है कि खड़गे जी नास्तिक हैं। कांग्रेस पार्टी में हर कोई नास्तिक नहीं है।

गौरतलब है कि कांग्रेस नेता संजय निरुपम पहले ही पार्टी के प्रति अपनी नाराजगी जता चुके हैं और  महाराष्ट्र विधानसभा 2019 के चुनाव  में प्रचार नहीं करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस में अब सुझाव नहीं माने जा रहे हैं जिसकी वजह से वह प्रचार नहीं करने का फैसला ले रहे हैं। निरुपम ने इससे पहले भी खड़गे को निशाने पर लिया था। पार्टी बैठक को लेकर खड़गे ने कहा कि महान नेता खड़गे ने रविवार को चुनाव की रणनीति बनाने के लिए मीटिंग बुलाई जो 15 मिनट में खत्म हो गई। बैठक में किसी को बोलने नहीं दिया गया। मीटिंग में वो खुद बोले और मेरा मजाक उड़ाकर चले गए। कांग्रेस के ऐसे रणनीतिकार कांग्रेस को जिताएंगे या निपटाएंगे।

बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांस से खरीदे गए 36 राफेल लड़ाकू विमानों की सीरीज में पहला विमान मंगलवार को औपचारिक तौर पर हासिल किया। फ्रांस के दक्षिण-पश्चिम स्थित मेरिनियाक में इस विमान सौंपे जाने के लिए आयोजित कार्यक्रम में सिंह फ्रांसीसी समकक्ष फ्लोरेंस पार्ले के साथ शामिल हुए।

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