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गोरखपुर में महिला IPS को रुलाने वाले विधायक हैं सीएम के बेहद करीबी, इनके लिए बीजेपी से भी बगावत कर चुके हैं योगी

बात साल 2002 के विधानसभा चुनाव के दौरान की है। योगी आदित्य नाथ ने गोरखपुर शहरी सीट से सिटिंग विधायक शिव प्रताप शुक्ला का टिकट काटकर राधा मोहन दास अग्रवाल को देने के लिए कहा था।

Author नई दिल्ली | Updated: May 8, 2017 4:10 PM
पीएम मोदी के साथ बीजेपी विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल। (Photo Source: Facebook)

यूपी के नए सीएम योगी आदित्य नाथ की सीख का बीजेपी नेताओं पर कोई असर पड़ता हुआ नजर नहीं आ रहा है। योगी के संसदीय क्षेत्र गोरखपुर के अंतर्गत आने वाले गोरखपुर अर्बन विधानसभा क्षेत्र से विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल द्वारा महिला आईपीएस को कथित तौर पर फटकार लगाने का मामला सामने आया। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई। विधायक ने महिला पुलिस अधिकारी को हद पार न करने की चेतावनी दी। इस पूरे प्रकरण के दौरान महिला अधिकारी की आंखों से आंसू निकल आएं। बीजेपी विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल को सीएम योगी आदित्य नाथ का बहुत करीबी माना जाता है। योगी आदित्य नाथ और राधा मोहन दास अग्रवाल की करीबी इस कदर है कि योगी उनके लिए अपनी पार्टी बीजेपी से भी बगावत कर चुके हैं और पार्टी के खिलाफ जाकर उनको चुनाव लड़ाया। यही नहीं अग्रवाल को चुनाव जीताने में कामयाब भी रहे।

अग्रवाल के लिए बीजेपी से भी बगावत कर चुके हैं योगी
बात साल 2002 के विधानसभा चुनाव के दौरान की है। योगी आदित्य नाथ ने गोरखपुर शहरी सीट से सिटिंग विधायक शिव प्रताप शुक्ला का टिकट काटकर राधा मोहन दास अग्रवाल को देने के लिए कहा था। जिससे पार्टी ने इनकार कर दिया और शिव प्रताप शुक्ला को इसी सीट से टिकट दे दिया था। यह बात योगी को बर्दाश्त नहीं हुई और उन्होंने बीजेपी से बगावत करते हुए राधा मोहन दास अग्रवाल को अपने संगठन हिंदू युवा वाहिनी की ओर से चुनाव मैदान में उतार दिया। चुनाव के नतीजे आने पर शिव प्रताप शुक्ला हार गए और बीजेपी में हाशिए पर चले गए। वहीं राधा मोहन दास अग्रवाल इस चुनाव को जीतने में कामयाब रहे थे। पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ राधा मोहन दास अग्रवाल गोरखपुर के जाने-माने लोगों में शुमार किए जाते हैं। वह 2002 से लगातार जीतते आ रहे हैं। वह योगी ही थे जिन्होंने पहली बार अग्रवाल के लिए सिफारिश की थी।

आईपीएस ने कहा आंसूओं को कमजोरी न समझें

राधा मोहन दास अग्रवाल के मुताबिक आईपीएस ने कच्ची शराब के विरोध में प्रदर्शन करने वाली महिलाओं पर लाठीचार्ज कराया। लाठीचार्ज के विरोध में वहां के लोगों ने सड़क जाम कर दिया था। जाम देखकर गुस्साए बीजेपी विधायक ने चारु निगम को इतनी जोर से डांटा कि उनके आंसू निकल आए थे। इस पर जवाब देते हुए महिला आईपीएस ने फेसबुक पर कहा कि उनके आंसूओं को उनकी कमजोरी न समझी जाए।

 

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