राम मंदिर के सीईओ के पद के लिए देश भर से 1000 से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया है और आवेदकों की लिस्ट में रिटायर्ड नौकरशाहों की संख्या सबसे ज्यादा है। सोमवार को भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने के 24 घंटे के अंदर ही चयन समिति के ऑफिशियल ईमेल एड्रेस पर बड़ी संख्या में आवेदन आने लगे।
मंदिर में दान की कथित चोरी को लेकर चल रहे विवाद के बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने नए सीईओ को चुनने के लिए तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाई है। यह सीईओ मंदिर ट्रस्ट के रोजाना के कामकाज की देखरेख करेगा। आवेदन की आखिरी तारीख 18 जुलाई है, इसलिए चयन समिति ने तय किया है कि वे अपनी तय की गई योग्यता के आधार पर आवेदनों को अलग-अलग करने में मदद के लिए एक सेक्रेटरी नियुक्त करेंगे।
कुछ घंटों में लगभग 750 आवेदन मिले
चयन समिति के एक सदस्य ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “नोटिफिकेशन जारी होने के कुछ ही घंटों के अंदर हमें पहले दिन लगभग 750 आवेदन मिले। 24 घंटे से भी कम समय में मिले इस रिस्पॉन्स को देखते हुए हमें उम्मीद है कि 18 जुलाई की डेडलाइन तक यह संख्या हजारों में पहुंच जाएगी। इसलिए, हमें तय मानदंडों के आधार पर आवेदनों को इकट्ठा करने और उनकी जांच-पड़ताल करने के लिए एक सेक्रेटरी की जरूरत है।”
उन्होंने आगे कहा कि कमेटी 19 जुलाई को बैठक करेगी ताकि आवेदनों की जांच-पड़ताल शुरू की जा सके और इंटरव्यू का शेड्यूल तय किया जा सके। सूत्रों ने बताया कि सेक्रेटरी के पद पर किसी रिटायर्ड अधिकारी के होने की संभावना है।
पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर का नाम शामिल
आवेदन करने की सार्वजनिक रूप से पुष्टि करने वालों में पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, “राम जन्मभूमि ट्रस्ट द्वारा सीईओ पद के लिए तय किए गए मानदंडों के तहत खुद को उपयुक्त पाते हुए मैंने अपना आवेदन जमा कर दिया है।”
विवादों में रहे ठाकुर को पिछले साल लखनऊ पुलिस ने 1999 में देवरिया जिले में एक इंडस्ट्रियल प्लॉट हासिल करने के लिए कथित धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया था।
कमेटी में रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और रिटायर्ड न्यूक्लियर साइंटिस्ट और शिरडी में श्री साईंबाबा संस्थान ट्रस्ट के पूर्व चेयरपर्सन सुरेश हवारे शामिल हैं।
क्या है पात्रता?
सोमवार को समिति ने पात्रता मानदंड तय किए। इसमें आवेदक की उम्र 50 से 70 साल के बीच होनी चाहिए, कम से कम 20 साल का प्रशासनिक अनुभव होना चाहिए और अयोध्या में रहने के लिए तैयार होना चाहिए। पात्रता की एक प्रमुख शर्त में कहा गया है कि आवेदक भगवान राम के प्रति श्रद्धा रखने वाला एक अभ्यासशील हिंदू होना चाहिए और उसे हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में कुशल होना चाहिए।
सूत्रों ने बताया कि आवेदनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त नौकरशाह शामिल हैं। इनमें से कुछ को धार्मिक स्थलों में प्रबंधकीय पदों पर काम करने का अनुभव है।
चयन समिति के एक सदस्य ने बताया, “मानदंड में किसी बड़े सार्वजनिक संगठन, संस्थान या विभाग को 20 सालों तक संभालने का अनुभव शामिल है और यह भी निर्दिष्ट है कि सामान्य प्रशासन, वित्त, जनसंपर्क, कानून में बहुस्तरीय अनुभव और कौशल रखने वाले सेवानिवृत्त अधिकारी भी आवेदन कर सकते हैं। अब तक देश के विभिन्न हिस्सों से वरिष्ठ प्रबंधकीय स्तर के आवेदकों के आवेदन आए हैं। इनमें सैन्य सेवा अधिकारी भी शामिल हैं।”
सूत्रों ने बताया कि इस पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। उम्मीदवारों की वरिष्ठता को ध्यान में रखते हुए जरूरत पड़ने पर पैनल ऑनलाइन इंटरव्यू भी आयोजित करेगा, लेकिन आखिरी फैसला 19 जुलाई की बैठक के बाद लिया जाएगा। ट्रस्ट की बैठक 22 जुलाई को भी तय है।
चयन समिति की अगली बैठक दिल्ली में होने की संभावना
चयन समिति की अगली बैठक दिल्ली में होने की संभावना है। समिति के सदस्य ने बताया, “प्रत्येक आवेदन की जांच निर्धारित मानदंडों के आधार पर की जाएगी। योग्य उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया जाएगा या उन्हें व्यक्तिगत चर्चा के लिए बुलाया जाएगा। हमारा दायित्व ट्रस्ट को तीन नामों की सिफारिश करना है और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रक्रिया पारदर्शी हो और चयन योग्यता के आधार पर हो।”
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अयोध्या स्थित राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच एसआईटी कर रही है। SIT ने कहा है कि जिनके पास इससे जुड़े सबूत हैं, वह उन्हें सौंप सकते हैं। इसी क्रम में एसआईटी ने अयोध्या के धर्मसेना प्रमुख संतोष दुबे से पूछताछ की थी और सोमवार तक उनसे इससे जुड़े सबूत जमा करने को कहा था। ऐसे में अब चंपत राय के खिलाफ संतोष दुबे ने एसआईटी को 75 से अधिक पन्नों के सबूत सौंपे हैं। इसमें धोखाधड़ी से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्य शामिल है। संतोष दुबे ने सीओ सिटी श्रेयस त्रिपाठी को सबूत सौंपे हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
