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उमर-अनिर्बान से पूछताछ में परेशान हुई पुलिस, अफसर को ही दी नारे ‘देशविरोधी’ साबित करने की चुनौती

दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को खालिद और अनिर्बान से पूछताछ जारी रखी लेकिन इस मामले में उच्च न्यायालय के उस आदेश का हवाला देते हुए कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया जिसमें उसने अत्यंत गोपनीयता बरतने का निर्देश दिया है।

Author नई दिल्‍ली | Updated: February 26, 2016 2:23 AM
JNU Sedition Case, Ashutosh Kumar, umar khalid, anirban bhattacharya, police custody, JNU, Delhiदेशद्रोह के मामले के आरोपी उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य (Source: Express photo by Tashi Tobgyal)

राजद्रोह मामले में गिरफ्तार जेएनयू छात्रों उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्या से पूछताछ कर रहे अधिकारियों को दोनों से जानकारी निकलवाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। उमर किसी भी नारेबाजी में शामिल होने से इनकार कर रहा है, जबकि अनिर्बान इन दावों को चुनौती दे रहा है कि नारे ‘‘देश विरोधी’’ थे। दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को खालिद और अनिर्बान से पूछताछ जारी रखी लेकिन इस मामले में उच्च न्यायालय के उस आदेश का हवाला देते हुए कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया जिसमें उसने अत्यंत गोपनीयता बरतने का निर्देश दिया है।

बता दें कि उमर और अनिर्बान के अलावा तीन अन्य छात्रों ने भी पुलिस को काफी चकमा दिया। पुलिस इनकी तलाश 10 से अधिक दिनों तक विभिन्न शहरों में करती रही। ये छात्र मंगलवार को देर रात विश्वविद्यालय के परिसर में अचानक सामने आ गए। खालिद और अनिर्बान ने उसके बाद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस इसके साथ ही जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के पेशी वारंट का इंतजार कर रही है जो कि न्यायिक हिरासत में है ताकि तीनों से साथ में पूछताछ की जा सके। पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि उमर और अनिर्बान से वर्तमान में एसीपी रैंक के अधिकारियों के नेतृत्व में दो अलग अलग टीमों द्वारा पूछताछ की जा रही है। दोनों से जेएनयू में गत नौ फरवरी को आयोजित कार्यक्रम के दौरान लगाये गए नारों तथा उस विवादास्पद कार्यक्रम में शामिल अन्य की पहचान के बारे में पूछताछ की जा रही है।

कहां छिपे थे आरोपी, जानने की तलाश में जुटी पुलिस
सूत्र ने कहा कि पुलिस दोनों से ये भी पूछ रही है कि संसद हमले के दोषी अफजल गुरू की फांसी के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से की गई भारत विरोधी नारेबाजी को रोकने के लिए कि उन्होंने ‘‘मुख्य आयोजक’’ के तौर पर क्या किया? सूत्र ने कहा, ‘‘खालिद ने कहा है कि वह किसी भी नारेबाजी में लिप्त नहीं हुआ, अनिर्बान ने जांचकर्ताओं से पूछा कि किस तरह से नारों की प्रकृति देश विरोधी थी।’’ सूत्र ने कहा कि खालिद ने पुलिस को बताया है कि कार्यक्रम के बाद वह गाजियाबाद में था लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि अनिर्बान उस अवधि के दौरान कहां था। सूत्र ने कहा कि पुलिस उन लोगों का पता लगाने का प्रयास कर रही है, जिन्होंने खालिद और अनिर्बान को आश्रय दिया था।

‘बाहरियों’ को लेकर पूछताछ
जब कन्हैया से पूछताछ की गई थी तब उसने स्वयं को विवादास्पद कार्यक्रम से अलग कर लिया था। इसके बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि खालिद और अनिर्बान कार्यक्रम के मुख्य आयोजक थे जिनके नाम कार्यक्रम के पोस्टर पर पहले दिखे थे। खालिद और अनिर्बान को कार्यक्रम का असंपादित फुटेज दिखाया गया और उन्होंने उसमें कुछ ‘‘बाहरी तत्वों’’ को देखा है जिनकी पहचान अभी की जानी है। सूत्र ने कहा कि कुछ बाहरी व्यक्तियों में से कुछ के बारे में संदेह है कि वे राष्ट्रीय राजधानी की कुछ अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों से थे। विरोध प्रदर्शन में अन्य राज्यों के लोग भी थे, विशेष तौर पर जम्मू कश्मीर से।

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