क्वाड समूह के विदेश मंत्रियों की मंगलवार को हैदराबाद में बैठक होगी। बैठक के दौरान महत्वपूर्ण खनिज, समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों ने द इंडियन एक्सप्रेस को यह जानकारी दी।

भारत के विदेश विदेश मंत्री एस जयशंकर हैदराबाद हाउस में ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को एंटोनियो रुबियो की मेजबानी करेंगे। क्वाड देशों के विदेश मंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे।

सूत्रों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर समुद्री और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ा है। ऐसे में बैठक में यह चर्चा का प्रमुख विषय रहेगा। खासतौर पर होर्मुज जलमार्ग में पैदा हुए हालात और वैश्विक समुद्री मार्गों पर उसके प्रभाव को लेकर चारों देश चिंतित हैं।

क्वाड देशों को आशंका है कि अगर होर्मुज जलमार्ग में व्यवधान जारी रहा, तो इसका असर दुनिया भर के अहम समुद्री व्यापार मार्गों और इंडो पैसिफिक में जहाजों की मूवमेंट की स्वतंत्रता पर पड़ेगा। इसी संदर्भ में मंत्री “फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक” के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने की तैयारी में हैं।

यह चिंता इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि क्रिटिकल मिनरल्स और सेमीकंडक्टर्स का बड़ा हिस्सा समुद्री मार्गों के जरिए दुनिया भर में पहुंचता है। ऐसे में सप्लाई चेन में किसी भी तरह की बाधा वैश्विक AI उद्योग की दौड़ को प्रभावित कर सकती है।

अमेरिका की प्रतिबद्धता का संकेत

क्वाड विदेश मंत्रियों की पिछली बैठक जुलाई 2025 में वॉशिंगटन डीसी में हुई थी, जिसकी मेजबानी मार्को रुबियो ने की थी। जनवरी 2025 में पद संभालने के बाद यह उनकी पहली बड़ी कूटनीतिक बैठक थी। रुबियो इस समय भारत की द्विपक्षीय यात्रा पर हैं। सोमवार को उन्होंने आगरा और जयपुर का दौरा किया और रविवार को जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।

जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग सोमवार को दिल्ली पहुंचे। मोतेगी से मुलाकात के दौरान जयशंकर ने कहा कि भारत और जापान के बीच “विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी” है, जिसका व्यापक प्रभाव और महत्व है। उन्होंने आगामी क्वाड बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें “फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक” को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी।

दोनों देशों के बीच हुई बातचीत में द्विपक्षीय सहयोग, वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों के साथ-साथ पश्चिम एशिया संकट और उसके ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं पर प्रभाव पर भी चर्चा हुई। जयशंकर ने कहा कि भारत और जापान दोनों ऊर्जा इंपोर्टर और व्यापारिक देश हैं और उनके महत्वपूर्ण समुद्री हित जुड़े हुए हैं।

ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने दिल्ली पहुंचने के बाद कहा, “इन अनिश्चित समय में क्वाड एक बेहद महत्वपूर्ण साझेदारी है। ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका मिलकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र के शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध भविष्य के लिए काम कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि चारों देश समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति, बुनियादी ढांचे के विकास और आपदा राहत जैसे साझा हितों पर ठोस परिणाम देने की दिशा में काम कर रहे हैं।

वोंग मंगलवार शाम जयशंकर से द्विपक्षीय बैठक भी करेंगी। उन्होंने कहा, “ऑस्ट्रेलिया और भारत की साझेदारी पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।”

उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश व्यापार और निवेश, रक्षा और समुद्री सुरक्षा, जलवायु और ऊर्जा परिवर्तन, रणनीतिक प्रौद्योगिकी, शिक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। माना जा रहा है कि यह बैठक इस वर्ष होने वाले क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन की तैयारी का भी मार्ग प्रशस्त करेगी।

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