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कभी स्टेशन पर संतरे बेचने वाला यह शख्स चला रहा 400 करोड़ की कंपनी! पढ़ें प्यारे खान की कामयाबी की कहानी

प्यारे खान बताते हैं कि उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस लेकर बतौर ड्राइवर एक कूरियर कंपनी में नौकरी शुरु कर दी। हालांकि 18 साल की उम्र में ही एक एक्सीडेंट के चलते उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी।

Author नई दिल्ली | Published on: July 1, 2019 12:06 PM
बिजनेसमैन प्यारे खान।

नागपुर बेस्ड बिजनेसमैन प्यारे खान की कहानी किसी भी व्यक्ति के लिए प्रेरणादायक हो सकती है। प्यारे खान ने रेलवे स्टेशन पर संतरे बेचने से शुरुआत की थी और आज अपनी मेहनत के दम पर 400 करोड़ रुपए के टर्नओवर वाली ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक हैं। प्यारे खान की कंपनी के पास मौजूदा वक्त में 125 ट्रकों का बेड़ा है, जबकि रोजाना उनकी कंपनी करीब 3000 ट्रक किराए पर लेती है। द इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में प्यारे खान ने बताया कि ‘मेरी मां राइसा खातून ने छोटी-मोटी नौकरी कर हम चार भाई-बहनों को पाला है। मेरे 2 भाई हैं और एक बहन है। हमने नागपुर रेलवे स्टेशन पर संतरे भी बेचे हैं।’

कैसे हुई शुरुआतः प्यारे खान बताते हैं कि उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस लेकर बतौर ड्राइवर एक कूरियर कंपनी में नौकरी शुरु कर दी। हालांकि 18 साल की उम्र में ही एक एक्सीडेंट के चलते उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी। 90 के दशक में प्यारे खान ने एक ऑटोरिक्शा खरीदा और कमाई के लिए उसे चलाना शुरु कर दिया। प्यारे खान मेलोडी मेकर्स ग्रुप का हिस्सा भी रहे, जिसमें वह कीबोर्ड बजाते थे। प्यारे खान के अनुसार, वह उन दिनों सोचा करते थे कि यदि उनके पास एक बस होती तो वह और उनका ग्रुप प्रोग्राम के लिए आसानी से सफर कर पाते। इसी दौरान प्यारे खान ने कुछ कीमती सामान बेचकर और अन्य साधनों से पैसा जुटाकर एक बस खरीदी। हालांकि इससे उन्हें मुनाफा नहीं हुआ। बाद में प्यारे खान ने एक ट्रक खरीदने का फैसला किया।

ट्रक खरीदने के लिए प्यारे खान को बैंक से लोन लेने की जरुरत महसूस हुई। हालांकि एक ऑटोरिक्शा ड्राइवर के लिए ट्रक खरीदने के लिए लोन लेना एक टेढी खीर थी। किसी तरह प्यारे खान ने आईएनजी वैश्य बैंक के ब्रांच मैनेजर भूषण बैस को लोन देने के लिए मना लिया। प्यारे खान को बैंक से 11 लाख रुपए का लोन मिला, जिससे उन्होंने एक ट्रक खरीदा और ट्रक खरीदने के सिर्फ दो साल में प्यारे खान ने बैंक का पूरा पैसा वापस लौटा दिया।

अब साल 2019 में प्यारे खान का बिजनेस काफी बढ़ चुका है और उनके बेड़े में आज 125 ट्रक हैं। साथ ही वह हर रोज करीब 3000 किराए के ट्रकों से स्टील और पॉवर इंफ्रास्ट्रक्चर के सामान को देशभर के साथ ही विदेशों में भी लाने-ले-जाने का काम करते हैं। साल 2013 में प्यारे खान ने आशमी रोड ट्रांसपोर्ट के नाम से अपनी कंपनी बनायी, जिसमें आज के वक्त में 500 के करीब लोग काम करते हैं। जरुरत के समय में जिस बैंक मैनेजर भूषण बैस ने प्यारे खान की मदद की, वह बैंक मैनेजर भी अब प्यारे खान की सफलता की इस कहानी में साथ है और वह मौजूदा वक्त में कंपनी के फाइनेंस हेड के तौर पर कंपनी के साथ जुड़े हुए हैं। इसी साल यूएई के एक निवेशक बैंक इंपीरियल कैपिटल एलएलसी ने आशमी रोड ट्रांसपोर्ट को 80 करोड़ रुपए का लोन देने की पेशकश की है।

प्यारे खान की कंपनी के ग्राहकों में केईसी इंटरनेशनल, जेएसडब्लू स्टील, टाटा और सेल जैसी फर्म के नाम शुमार हैं। खान को यंग ट्रांसपोर्ट एंटरप्रेन्योर का साल 2018 का अवार्ड भी मिल चुका है। फिलहाल प्यारे खान की नजर आशमी रोड ट्रांसपोर्ट के बिजनेस को बढ़ाने पर लगी हुई हैं। वह नागपुर शहर के नजदीक 7 करोड़ रुपए की लागत से बने कंपनी के नए कॉरपोरेट ऑफिस में शिफ्ट करने की योजना बना रहे हैं।

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