PM Modi On Petrol- Diesel And Gold: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जनता से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए एकजुट प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, गैरजरूरी विदेशी यात्राएं टालने और एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील की। इस पर अब कांग्रेस सांसद वेणुगोपाल ने सवाल उठाए हैं।
केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “ईरान-अमेरिका युद्ध के तीन महीने बीत चुके हैं और प्रधानमंत्री मोदी भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के बारे में अभी भी पूरी तरह से बेखबर हैं। यह शर्मनाक, गैरजिम्मेदाराना और सरासर अनैतिक है कि प्रधानमंत्री इस वैश्विक संकट से हमारी अर्थव्यवस्था को अप्रभावित रखने के लिए आकस्मिक योजनाएं बनाने के बजाय आम नागरिक को असुविधा में धकेल रहे हैं।”
कांग्रेस सांसद ने आगे लिखा, “जब चुनाव और ओछी राजनीति ही प्रधानमंत्री की एकमात्र प्राथमिकता बन जाती है, तो इसका अंतिम परिणाम एक आसन्न आर्थिक तबाही ही होता है। प्रधानमंत्री और उनकी सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम करने चाहिए कि हमारे पास ईंधन का पर्याप्त भंडार हो और उनकी योजना की कमी के कारण किसी भी नागरिक को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।।”

पीएम मोदी ने क्या अपील की?
हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने नागरिकों से यथासंभव सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने, इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का उपयोग बढ़ाने, कोविड-काल के उपायों जैसे कि वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था और वर्चुअल मीटिंग करने, एक साल के लिए गैर-जरूरी विदेशी यात्रा और सोने की खरीदारी से बचने और स्थानीय वस्तुओं को प्राथमिकता देने जैसे उपायों का आग्रह किया।
पीएम मोदी ने कहा, “एक बड़ा संकल्प है पेट्रोल और डीजल का कम से कम उपयोग करना। हमें पेट्रोल और डीजल के उपयोग को कम करना होगा। मेट्रो लाइन वाले शहरों में हमें केवल मेट्रो से ही यात्रा करने का फैसला लेना चाहिए। अगर हमें कार का इस्तेमाल करना ही पड़े, तो हमें कारपूलिंग करने का प्रयास करना चाहिए। इलेक्ट्रिक वाहनों वाले लोगों को इनका ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने का प्रयास करना चाहिए। कोरोना काल में हमने घर से काम करने, ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के कई सिस्टम विकसित किए और हम इनके अभ्यस्त भी हो गए।”
प्रधानमंत्री मोदी ने अपील करते हुए कहा, “आज समय की मांग ऐसी है कि अगर हम इन सिस्टम को फिर से शुरू करते हैं तो यह राष्ट्रहित में होगा। हमें वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन कॉन्फ्रेंसिंग और वर्चुअल मीटिंग को फिर से प्राथमिकता देनी चाहिए। हमें विदेशी मुद्रा की बचत पर भी विशेष जोर देना चाहिए, क्योंकि वैश्विक स्तर पर पेट्रोल और डीजल बहुत महंगे हो गए हैं। पेट्रोल और डीजल खरीदने पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा को बचाना हमारी जिम्मेदारी है। मिडिल क्लास में विदेश में शादियों, विदेश यात्रा और विदेश में छुट्टियां मनाने की संस्कृति तेजी से बढ़ रही है। हमें हमने फैसला किया है कि इस संकट के समय में हमें कम से कम एक साल के लिए विदेश यात्रा स्थगित कर देनी चाहिए।” पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
