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गैर हिंदू से शादी पर इंदिरा गांधी के घुसने पर लगाया था बैन, जगन्नाथ मंदिर को सुप्रीम कोर्ट ने दी यह सलाह

मंदिर अपने नियमों को लेकर काफी सख्त है। मंदिर में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी प्रवेश नहीं दिया गया था। इंदिरा द्वारा अन्य धर्म के व्यक्ति से शादी करने के कारण मंदिर ने उनके प्रवेश पर भी रोक लगा दी थी। मंदिर प्रशासन ने कहा था कि केवल हिंदू ही अंदर प्रवेश कर सकते हैं।

Author Published on: July 6, 2018 12:37 PM
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

पुरी के जगन्नाथ मंदिर के सामने बोर्ड पर धर्म को लेकर लिखे नियम के बारे में हर कोई जानता है। जगन्नाथ मंदिर में हिंदू धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म के व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जाता है। मंदिर के बाहर बोर्ड पर भी स्पष्ट तौर पर यह लिखा है कि गैर धर्म के व्यक्ति को मंदिर में प्रेश नहीं दिया जा सकता। इस मामले पर अब सुप्रीम कोर्ट ने जगन्नाथ मंदिर के प्रशासन से विचार करने को कहा है।

कोर्ट का कहना है कि मंदिर को इस बारे में विचार करना चाहिए कि क्या धार्मिक स्थल के अंदर किसी अन्य धर्म के व्यक्ति या किसी अन्य आस्था वाले व्यक्ति को प्रवेश दिया जा सकता है। जस्टिस एके गोयल और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच ने इस मामले में एमिकस गोपाल सुब्रमण्यम ने सुझाव मांगे हैं। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से एक पैनल बनाने को कहा जो देशभर में स्थित हिंदू मंदिरों में अन्य धर्म के लोगों के प्रवेश के मामले पर विचार करेगा।

आपको बता दें कि मंदिर अपने नियमों को लेकर काफी सख्त है। मंदिर में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी प्रवेश नहीं दिया गया था। इंदिरा द्वारा अन्य धर्म के व्यक्ति से शादी करने के कारण मंदिर ने उनके प्रवेश पर भी रोक लगा दी थी। मंदिर प्रशासन ने कहा था कि केवल हिंदू ही अंदर प्रवेश कर सकते हैं।

द टेलीग्राफ के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के प्रस्ताव पर मंदिर के मुख्य प्रशासक पीके महापात्र का कहना है कि अगली सुनवाई 5 सितंबर को है, तब तक उनके पास काफी वक्त है इस मामले पर विचार करने के लिए। उन्होंने कहा, ‘जो मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के द्वारा उठाया गया है, उस पर विचार करने के लिए अभी काफी समय है। जैसे ही हमें कोर्ट के फैसले की कॉपी मिलती है, हम विचार करेंगे।’ वहीं मंदिर के एक अन्य सेवाकर्ता जगन्नाथ स्वान महापात्रा का कहना है कि यह एक हिंदू मंदिर है और इसलिए इसमें किसी अन्य धर्म को मानने वाले लोगों को प्रवेश नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा, ‘जिस तरह के विचारों के साथ एक हिंदू इस मंदिर में प्रवेश करता है, वैसे विचारों के साथ गैर धर्म का व्यक्ति कभी प्रवेश नहीं कर सकता। अगर हम मंदिर के दरवाजे अन्य धर्म के लोगों के लिए खोलते हैं तो जगन्नाथ की संस्कृति प्रदुषित हो जाएगी।’

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