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रैपर हार्ड कौर पर देशद्रोह का मुकदमा, संघ प्रमुख और योगी आदित्यनाथ पर की थी टिप्पणी

एफआईआर आईपीसी की धारा 124 ए (राजद्रोह), 153 ए, 500, 505 और आईटी एक्ट के धारा 66 के तहत दर्ज की गई है।

पंजाबी रैपर हार्ड कौर। फोटो: Facebook/Hard kaur

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने को लेकर रैपर हार्ड कौर की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। उन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है यह मुकदमा वाराणासी के वकील शशांक शेखर ने दर्ज करवाया है। एफआईआर आईपीसी की धारा 124 ए (राजद्रोह), 153 ए, 500, 505 और आईटी एक्ट के धारा 66 के तहत दर्ज की गई है।

पंजाबी सिंगर ने सोमवार (17 जून 2019) को अपने फेसबुक अकाउंट पर आरएसएस प्रमुख के खिलाफ आपत्तिजनत टिप्पणी की थी। उन्होंने इस पोस्ट में भागवत को जातिवाद करार दिया था। कौर ने कहा था कि महात्मा गांधी और महावीर ने ब्राह्मण द्वारा बनाई जातिवादी व्यवस्था का विरोध किया था। आप राष्ट्रवादी नहीं हैं। इसके अगले ही दिन हार्ड कौर ने यूपी के सीएम पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की।

उन्होंने 26/11 हमले में आतंकवादी हमले में मारे गए हेमंत करकरे से जुड़ी एक किताब (Who killed Karkare) के फ्रंट पेज की तस्वीर के साथ लिखा है कि यह आरएसएस ने किया है। उन्होंने देश में 26/11 मुंबई अटैक या पुलवामा आतंकवादी हमले जैसी बड़ी आतंकी घटनाओं के लिए भी आरएसएस को ही जिम्मेदार ठहराया।

हार्ड कौर ने सीएम योगी की एक तस्वीर शेयर कर उनके खिलाफ भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। सिंगर की इन पोस्ट्स पर सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें जमकर ट्रोल किया। ट्रोलर्स ने विरोध दर्ज करने के लिए उनकी पोस्ट पर कमेंट्स किए तो हार्ड कौर ने उन्हें भी नहीं बख्शा और उनके खिलाफ भी अभ्रद भाषा का इस्तेमाल किया।

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