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पंजाबः सोनिया की टीम ने लिया 25 नेताओं के दिल का हाल, उधर, सिद्धू बोले- हाईकमान के निर्देश का इंतजार

देश के कई राज्यों से सूपड़ा साफ होने के बाद कांग्रेस पार्टी अब पंजाब में बड़े पैमाने पर अपने नेताओं के बीच असंतोष देख रही है। पंजाब उन कुछ राज्यों में से एक जहां पार्टी बिना किसी गठबंधन के सत्ता में है।

कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू। (एक्सप्रेस फोटो)।

देश के कई राज्यों से सूपड़ा साफ होने के बाद कांग्रेस पार्टी अब पंजाब में बड़े पैमाने पर अपने नेताओं के बीच असंतोष देख रही है। पंजाब उन कुछ राज्यों में से एक जहां पार्टी बिना किसी गठबंधन के सत्ता में है। मौजूदा शिकायतें पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ हैं। जिन्होंने पार्टी को 2017 विधानसभा चुनाव में जीत दिलाई थी और अकाली-भाजपा गठबंधन के 10 साल के शासन को उखाड़ फेंका था। कैप्टन, जो कि गांधी परिवार के वफादार माने जाते हैं, के खिलाफ बोलने वालों का तर्क है कि वे अगला विधानसभा चुनाव नहीं जीत सकते।

मामले में पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति को अब राज्य के सभी पार्टी नेताओं से व्यक्तिगत रूप से मिलने का काम सौंपा गया है। वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व वाली समिति ने आज राज्य के 25 नेताओं से मुलाकात की। इस समूह में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ भी शामिल थे। शनिवार को दिल्ली में अपनी पहली बैठक करने वाली समिति ने सभी मंत्रियों, वर्तमान और राज्य इकाई के पूर्व प्रमुखों, सांसदों, विधायकों और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को बुलाने का फैसला किया है।

पार्टी के सूत्र बताते हैं कि हालांकि शिकायतें अलग-अलग हैं- कुछ नेताओं ने सीएम पर प्रताड़ित करने का आरोप भी लगाया है। लेकिन नेताओं की मुख्य चिंता गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी का मामला है। साथ ही नेता 2015 में हुए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस फायरिंग को लेकर भी परेशान हैं।

चूंकि दोषियों को दंडित करना पार्टी के चुनाव पूर्व वादों का हिस्सा था, कई नेताओं को लगता है कि उन्हें इस मुद्दे पर मतदाताओं के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है। पार्टी के भीतर कैप्टन अमरिंदर सिंह को नवजोत सिंह सिद्धू से कड़ी टक्कर मिल रही है। सिद्धू राज्य सरकार में नंबर दो होने की उम्मीद कर रहे थे लेकिन उन्हें उपमुख्यमंत्री का पद नहीं दिया गया था। इसके पीछे कैप्टन को जिम्मेदार बताया गया था। तभी से दोनों में विवाद चल रहा है।

अमरिंदर सिंह ने सिद्धू की पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा और पीएम इमरान खान को लेकर आलोचना की थी। उन्होंने सिद्धू को “पूर्ण अनुशासनहीन” कहा और हाल ही में संकेत दिया कि नेता विपक्षी आम आदमी पार्टी में शामिल हो सकते हैं।

सिद्धू ने मुख्यमंत्री से अपने आरोपों को साबित करने की मांग की थी। उन्होंने कहा, “AAP के साथ मेरी एक बैठक साबित करो? मैंने आज तक किसी से कोई पद नहीं मांगा है। मैं केवल पंजाब की समृद्धि चाहता हूं !! कई बार आमंत्रित किया गया और कैबिनेट बर्थ की पेशकश की गई लेकिन मैंने स्वीकार नहीं किया।”

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