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PM नरेंद्र मोदी के लिए धमकी लेकर आए कबूतर के कतरे गए पर, राजनाथ को भेजा गया X-Ray रिपोर्ट

पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, 'इस कबूतर के पंख कतर दिए गए हैं, जिससे यह उड़कर फिर से पाकिस्तान न भाग सके।'
Author पठानकोट | October 13, 2016 16:45 pm
पंजाब पुलिस ने पठानकोट के बमियाल सेक्टस से पकड़े गए संदिग्ध कबूतर के पंख कतर दिये हैं, जिससे वह उड़कर भाग न सके।(Photo: PTI)

भारतीय सेना द्वारा पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने के बाद पंजाब में पाकिस्तान से लगती सीमा पर पुलिस ने एक कबूतर को हिरासत में लिया था। यह कबूतर पाकिस्तान से अपने साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए धमकी भरा संदेश लेकर आया था। पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, ‘इस कबूतर के पंख कतर दिए गए हैं, जिससे यह उड़कर फिर से पाकिस्तान न भाग सके।’ अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने इस कबूतर का एक्स रे रिपोर्ट गृह मंत्रालय के पास भेज दिया है और इसमें कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया है।

विगत 2 अक्टूबर को सीमा सुरक्षा बल ने पठानकोट के बमियाल सेक्टर से इस कबूतर को ‘हिरासत’ में लिया था, जिसके पैर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए धमकी भरा संदेश लिखकर फंसाया गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कबूतर जो संदेश लेकर आया था उसमें जैश-ए-मोहम्मद की तरफ से उर्दू में लिखा था, ‘मोदी जी! हम अब वैसे नहीं रहे जैसे 1971 में थे।’

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पठानकोट के बमियाल पुलिस स्टेशन में इंस्पेक्टर पद पर तैनात जवान ने बताया कि इस कबूतर के पंखों को एक पशु चिकित्सक की निगरानी में पिछले सप्ताह ही कतर दिया गया। उसने बताया, ‘हम कोई रिस्क लेना नहीं चाहते थे। हमने इस कबूतर के लिए एक पिजड़ा भी खरीदा है। हम इसे दाना खिलाते हैं।’ पुलिस कर्मी ने कहा, ‘हमें नहीं पता कि इस कबूतर को और कितने समय तक पुलिस स्टेशन में रखा जाएगा। स्थानीय निवासी इसे देखने के लिए पुलिस स्टेशन आते हैं। हमें तो यह भी नहीं पता है कि यह पाकिस्तान से आया है या हमारे देश का ही है। हमें बस इतना पता है कि यह एक मादा कबूतर है।’

पुलिस आॅफिसर से जब पूछा गया कि क्या कबूतर के पंख काटना क्रूरता नहीं है, इस पर उसका कहना था, ‘यह क्रूरता नहीं है, बल्कि पंख काट देने से बहुत जल्दी ही मजबूत और बड़े पंख उग आएंगे। हम उसे अच्छे से दाना भी दे रहे हैं।’ यह पहला मौका नहीं है जब कबूतर का इस्तेमाल कर जासूसी करने की कोशिश की गई है। इससे पहले भी दोनों देश एक दूसरे पर कबूतरों के जरिए जासूसी करने का आरोप लगाते रहे हैं।

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