Punjab Paper Leak Controversy: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार से शुरू होने वाला अपना तीन दिवसीय पंजाब दौरा रद्द कर दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है कि जब उनकी पार्टी की सरकार पेपर लीक के कथित मामले में विवादों का सामना कर रही है और विपक्षी दल सीधे तौर पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
इस मामले में एक तरफ मुख्यमंत्री भगवंत मान इस दावे पर अड़े हुए हैं कि आम आदमी पार्टी के साढ़े चार साल के शासनकाल में पंजाब में एक भी पेपर लीक मामला दर्ज नहीं हुआ है। वहीं विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को संसद में उठाया, जहां उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया और बैंस के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए।
क्या है पेपर लीक का मामला
हाल ही में 19 जुलाई को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज द्वारा आयोजित फार्मेसी अधिकारियों की भर्ती परीक्षा के दौरान पंजाब पुलिस द्वारा संचालित एक अंतरराज्यीय नकल रैकेट का भंडाफोड़ किए जाने के बाद कथित पेपर लीक का मुद्दा जोर पकड़ गया। उम्मीदवारों ने पेन कैमरों का उपयोग करके प्रश्न पत्र की तस्वीरें साझा कीं और परीक्षा के दौरान वायरलेस उपकरणों के माध्यम से रियलटाइम जवाब हासिल किए।
केजरीवाल ने खारिज किए आरोप
सोमवार को केजरीवाल ने पंजाब में किसी भी तरह के पेपर लीक होने से इनकार किया और कहा कि बीजेपी आप सरकार के नेतृत्व में सीमावर्ती राज्य पंजाब की शिक्षा रैंकिंग में 27वें स्थान से पहले स्थान पर पहुंचने की उपलब्धि को धूमिल करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में आप सरकार के 10 वर्षों के दौरान और पंजाब में लगभग पांच वर्षों के दौरान एक भी दस्तावेज़ लीक नहीं हुआ, जबकि बीजेपी शासित राज्यों में यह एक आम बात रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा न होने के कारण विपक्ष झूठ का सहारा ले रहा है
संगठनात्मक मामलों की समीक्षा
भगवंत मान ने केजरीवाल से मुलाकात की जिसमें आम आदमी पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद थे। भगवंत मान ने दावा किया कि यह बैठक संगठनात्मक मामलों की समीक्षा करने और आम आदमी पार्टी प्रमुख के पंजाब दौरे को अंतिम रूप देने के लिए पहले से ही योजनाबद्ध थी।
केजरीवाल पार्टी के हिंदू संपर्क अभियान के तहत मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को पटियाला, रोपड़ और मोहाली में आयोजित होने वाले एक शाम शिव के नाम कार्यक्रमों में शामिल होने वाले थे। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि केजरीवाल व्यस्त हैं। अब केवल मुख्यमंत्री ही शिव संध्या कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
संसद में हुआ विरोध
इस बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान मंगलवार को संसद में उपस्थित थे, जहां राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने केजरीवाल और पंजाब सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया और आरोप लगाया कि राज्य में पांच वर्षों में छह बड़े दस्तावेज़ लीक हुए हैं। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को आम आदमी पार्टी (AAP) की “बी टीम” भी कहा और दावा किया कि इसे केजरीवाल के सहयोगियों ने बनाया है। पंजाब में विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर हमले जारी रखे।
पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब में परीक्षा पेपर लीक के सभी कथित मामलों की उच्च न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग की। मजीठिया ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के शासनकाल में कम से कम छह बड़ी पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के 13 मार्च, 2023 के सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देते हुए कहा कि इसमें पंजाब राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (पीएसटीईटी) के पेपर लीक होने की बात स्वीकार की गई है।
मजीठिया ने कहा है कि पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की भर्ती में मनमाने ढंग से 30 इंटरव्यू अंक आवंटित किए जाने के बाद पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा और सुधारात्मक कार्रवाई का आदेश देना पड़ा। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय ने कथित बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के कारण आबकारी निरीक्षक भर्ती प्रक्रिया पर भी रोक लगा दी थी। उन्होंने हाल ही में हुई फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा का भी जिक्र किया और कथित पेपर लीक की घटनाओं के लिए मान, बैंस और स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
साइनबोर्ड पर पोता काला रंग
पंजाब युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने रोपड़ स्थित शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के आवास के बाहर उनके इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। पंजाब युवा कांग्रेस के प्रमुख शुभम शर्मा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई और उन्होंने मंत्री के आवास तक पहुंचने से पहले बैरिकेड तोड़ दिए। वहां पहुंचकर उन्होंने धरना दिया और विरोध के प्रतीक के रूप में आवास के बाहर लगे साइनबोर्ड पर काला रंग पोत दिया।
मंत्री की अनुपस्थिति में आनंदपुर साहिब के तहसीलदार ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन स्वीकार कर लिया। ज्ञापन में युवा कांग्रेस ने बैंस के इस्तीफे की मांग की और चेतावनी दी कि यदि वे पांच दिनों के भीतर पद नहीं छोड़ते हैं, तो संगठन चंडीगढ़ स्थित उनके कार्यालय का घेराव करेगा और राज्य भर के जिला मुख्यालयों पर उनके और पंजाब सरकार के पुतले जलाएगा।
मंत्री का इस्तीफा मांग रहे
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग पहले ही कह चुके हैं कि जवाबदेही तय होनी चाहिए और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा अनिवार्य है। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने स्वतंत्र जांच और सरकार से जवाबदेही की मांग की है। भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि नीट विवाद पर केंद्र ने जवाबदेही का जो मानक लागू किया, वही पंजाब में भी लागू होना चाहिए।
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