पंजाब के संगरूर जिले के दलित मजदूर गुलजार सिंह ने कथित तौर पर उत्पीड़न का सामना करने के बाद आत्महत्या कर ली थी। अब उनके परिवार ने सरकार पर उनकी सहमति के बिना जबरन शव का अंतिम संस्कार करने का आरोप लगाया है।

गुलजार के बेटे लखविंदर सिंह ने आरोप लगाया कि परिवार को अंतिम संस्कार से पहले पिता का चेहरा देखने की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें उनके कपड़े या अन्य सामान भी नहीं मिले।

गुरुवार को न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए लखविंदर ने कहा, “सरकार ने हमारी सहमति के बिना शव का जबरन अंतिम संस्कार कर दिया। हमें न्याय मिलना चाहिए। चीमा साहब को जेल होनी चाहिए।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने परिवार को नौकरी और अन्य सहायता का वादा किया था, लेकिन उन्हें प्रदान करने में विफल रही। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने जबरन अंतिम संस्कार करवाया। उन्होंने हमें नौकरी और अन्य सुविधाएं देने का वादा किया था, लेकिन हमें कुछ नहीं मिला। मैं न्याय की मांग करता हूं।

गुलजार सिंह के एक एन्य पुत्र प्रभजोत सिंह ने कहा, “प्रशासन ने हमारी सहमति के बिना जबरन शव का अंतिम संस्कार कर दिया। हमें न्याय मिलना चाहिए। चीमा साहब को जेल होनी चाहिए।”

कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने क्या कहा?

इस घटना को लेकर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने राज्य सरकार के मंत्री हरपाल चीमा का इस्तीफा मांगा है। साथ ही सीबीआई जांच की मांग की है। बता दें, संगरूर जिले के दलित मजदूर गुलजार सिंह ने उत्पीड़न का सामना करने के बाद कथित तौर पर 6 सितंबर को जहरीला पदार्थ खा लिया था। जिसके बाद इलाज के दौरान 7 सितंबर को उनकी मौत हो गई थी।

चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, “गुलजार सिंह मामले में CBI जांच होनी चाहिए। हम चाहते हैं कि हरपाल चीमा का नाम FIR में शामिल किया जाए। उन्हें इस्तीफा देना चाहिए और उन्हें गिरफ़्तार किया जाना चाहिए। परिवार से कभी सहमति नहीं हुई। मैं रात के समय ही अस्पताल पहुंच गया था। इन लोगों ने जबरन उन्हें अस्पताल से उठाया और उनका अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस और सरकार सब जबरदस्ती कर रही है।” इससे पहले गुरुवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने गुलजार के परिवार से मुलाकात की।

क्या है मामला?

संगरूर जिले के दिरबा निवासी वाल्मीकि समुदाय के 47 वर्षीय सदस्य गुलजार सिंह की सोमवार रात कथित तौर पर जहर खाने से मौत हो गई थी। उनके परिवार ने आरोप लगाया कि 6 सितंबर को तूर बंजारा गांव में एक सार्वजनिक सभा के दौरान पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से मादक पदार्थों की समस्या के बारे में सवाल करने के बाद उन्हें परेशान किया गया, धमकाया गया और जाति आधारित दुर्व्यवहार का शिकार बनाया गया।

गुलजार के अंतिम बयान के एक कथित वीडियो में उन्हें चीमा के साथ इलाके में ‘चिट्टा’ (हेरोइन) की उपलब्धता के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए और यह कहते हुए दिखाया गया है कि उनका अपना बेटा भी नशे का आदी था। परिवार के अनुसार, घटना के बाद पुलिस और स्थानीय पंचायत सदस्यों ने उन पर माफी मांगने का दबाव डाला। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों ने उनके साथ जाति आधारित दुर्व्यवहार भी किया और उन्हें ग्राम पंचायत के समक्ष पेश होने के लिए कहा।

जहर खाने के बाद गुलजार को संगरूर और पटियाला के अस्पतालों में ले जाया गया। जिसके बाद उन्हें लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में ट्रांसफर किया गया, जहां उसी रात उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने तूर बंजारा के पांच निवासियों- बलजीत सिंह, सुखदेव सिंह, विक्की सिंह, गोना सिंह और बलजिंदर कौर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की है।

आरोपों के अनुसार, आरोपियों में ग्राम सरपंच और उनके पति शामिल हैं। सरपंच के पति ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि पंचायत के खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। दिरबा एसएचओ गुरविंदर सिंह ने कहा कि आगे की कार्रवाई चिकित्सा और जांच के निष्कर्षों पर आधारित होगी।

हालांकि, इस मामले ने पंजाब में राजनीतिक विवाद भी खड़ा कर दिया। जिसमें भाजपा और कांग्रेस ने चीमा के खिलाफ कार्रवाई और स्वतंत्र जांच की मांग की। भाजपा नेता अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि गुलजार पर आम आदमी पार्टी से जुड़े गांव के स्थानीय नेताओं ने चीमा से नशीली दवाओं के खतरे के बारे में पूछताछ करने के बाद दबाव डाला था।

भाजपा ने क्या कहा?

भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा, “पंजाब में नशे की समस्या को उठाने के लिए किसी नागरिक को अपनी जान नहीं गंवानी चाहिए। दिरबा निर्वाचन क्षेत्र के तूर बंजारा गांव के निवासी गुलजार सिंह ने कथित तौर पर आम आदमी पार्टी के मंत्री हरपाल सिंह चीमा से उनके दौरे के दौरान बेरोकटोक बिक रहे ‘चिट्टा’ (हेरोइन) के बारे में सवाल किया और बताया कि उनका अपना बेटा नशे की लत से जूझ रहा है और उसने परिवार का सारा सामान बेच दिया है। इसके बाद, आम आदमी पार्टी से जुड़े स्थानीय गांव के नेताओं ने उन पर दबाव बनाया और उन्हें परेशान किया। उन्होंने गुलजार सिंह से मंत्री से सवाल करने के लिए माफी मांगने की मांग की, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया।”

राहुल गांधी ने क्या कहा?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से चीमा के इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी ने कहा, “पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार में एक खतरनाक प्रवृत्ति उभर रही है। अगर आप सरकार की नाकामियों पर सवाल उठाते हैं, तो जवाब धमकियों और यातनाओं के रूप में मिलता है। दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले गुलजार सिंह जी, जिन्होंने अपने बेटे को नशे का शिकार होते देखा। उन्होंने वित्त मंत्री से बस इतना ही पूछा- सरकार नशीले पदार्थों के व्यापार को रोकने में इतनी बुरी तरह नाकाम क्यों रही? बस इसी बात पर उन्हें इतनी यातनाएं दी गईं, इतना अपमानित किया गया और माफी मांगने के लिए इतना दबाव डाला गया कि उन्होंने जहर खा लिया। इलाज न मिलने के कारण एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकते हुए, आखिरकार उन्होंने उनकी मौत हो गई।

राहुल गांधी ने आगे कहा, “पिछले हफ्ते मैंने युवा मोहनजीत सिंह से भी बात की, जिन्हें मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने पर यातनाएं दी गईं। सरकार का काम जनता को जवाब देना है, न कि सवाल पूछने वालों को कुचलना। गुलजार सिंह जी के परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिले। मुख्यमंत्री को तुरंत वित्त मंत्री के इस्तीफे की मांग करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो और उनका नाम FIR में दर्ज किया जाए।”

वीडियो में गुलजार ने क्या आरोप लगाए?

अपनी मौत से पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में गुलजार सिंह ने आरोप लगाया, “वित्त मंत्री चीमा रविवार को लोगों की शिकायतें सुनने के लिए गांव आए थे, जहां मैंने ‘चिट्टा’ (हेरोइन) के आसानी से मिलने का मुद्दा उठाया था। मेरा बेटा ड्रग्स का आदी है और अपनी लत को पूरा करने के लिए उसने घर का सामान तक बेच दिया है।”

दिरबा निर्वाचन क्षेत्र के रहने वाले गुलजार सिंह ने आरोप लगाया कि अगली सुबह कुछ लोग उनके घर आए और वित्त मंत्री के सामने ड्रग्स की समस्या का मुद्दा उठाने के लिए उन्हें धमकाया और बताया कि गांव के सरपंच और पंचायत सदस्य उनसे खेतों के पास मिलना चाहते हैं। वीडियो में गुलजार सिंह ने कहा, “अगर मेरी मौत हो जाती है, तो इसके लिए वे सभी जिम्मेदार होंगे।”

पंजाब में ‘खतरनाक पैटर्न’: ग्रामीण की ‘आत्महत्या’ मामले पर बोले राहुल गांधी, मान सरकार पर साधा निशाना

पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने राज्य की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर अपना हमला तेज कर दिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि भगवंत मान सरकार की किसी भी तरह की आलोचना करने पर लोगों को ‘धमकियों और प्रताड़ना’ का सामना करना पड़ता है। पंजाब मे अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। पढ़ें पूरी खबर।