पंजाब की विधानसभा ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के बेअदबी (अपमान) से जुड़ी घटनाओं को रोकने के लिए एक विधेयक पारित किया है। इससे पहले भी पंजाब में ‘बेअदबी’ के लिए कड़ी सजा देने वाले विधेयक पारित किए जा चुके हैं।
भगवंत मान सरकार ने जागृत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 में अन्य प्रावधानों के साथ-साथ ‘बेअदबी’ की घटनाओं को रोकने और श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्रता को बनाए रखने के लिए कठोर दंड का प्रस्ताव किया है।
नए कानून में क्या है?
नए कानून में श्री गुरु ग्रंथ साहिब का अपमान करने वाले किसी भी व्यक्ति को कम से कम सात वर्ष और अधिकतम 20 वर्ष तक के कारावास की सजा दी जाएगी। साथ ही, उस पर कम से कम 2 लाख रुपये और अधिकतम 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा।
इस विधेयक में श्री गुरु ग्रंथ साहिब को किसी भी तरह से नुकसान पहुंचाना, जलाना, फाड़ना, चुराना या अपमानित करने को बेअदबी के रूप में परिभाषित किया गया है। इस अपराध को संज्ञेय और गैर जमानती अपराध कहा गया है। इसका मतलब है कि पुलिस बिना वारंट के भी आरोपी को गिरफ्तार कर सकती है। विधेयक में यह भी कहा गया है कि ऐसे सीनियर पुलिस अफसर जिनका ओहदा डीएसपी या एसीपी रैंक से ऊपर का हो, वे ही ऐसे मामलों की जांच कर सकते हैं।
पंजाब में इस बात पर बहस हो चुकी है कि नेता और पुलिस ऐसे कानूनों का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं और अपने आलोचकों को परेशान कर सकते हैं। 2015 में बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटना हुई थी और इसके बाद ऐसे विधेयक बनाए जाने की मांग उठी थी।
अकाली दल-बीजेपी की सरकार लाई थी विधेयक
इससे पहले 2016 में शिरोमणि अकाली दल-भाजपा की सरकार ने ऐसे दो विधेयक पारित किए थे। इनका नाम भारतीय दंड संहिता (पंजाब संशोधन) विधेयक, 2016 और आपराधिक प्रक्रिया संहिता (पंजाब संशोधन) विधेयक, 2016 था। इनमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान के लिए आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया गया था। लेकिन केंद्र सरकार ने इन विधेयकों को लौटा दिया था और कहा था कि सभी धर्म के साथ एक जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए।
अमरिंदर सिंह की सरकार में भी हुई पहल
2018 में कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के दौरान विधानसभा में आईपीसी (पंजाब संशोधन) विधेयक, 2018 और दंड प्रक्रिया संहिता (पंजाब संशोधन) विधेयक, 2018 पारित किए थे। इन विधेयकों में गुरु ग्रंथ साहिब, भगवद गीता, कुरान और बाइबिल को चोट पहुंचाने, नुकसान पहुंचाने या उनका अपमान करने के लिए आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया।
आईपीसी (पंजाब संशोधन) विधेयक, 2018 में आईपीसी में धारा 295एए को शामिल करके संशोधन करने का प्रस्ताव था। इस धारा के तहत दोषी को जुर्माने के साथ या बिना जुर्माने के अधिकतम तीन साल की कैद की सजा दी जा सकती थी। साथ ही, धारा 295 आईपीसी (धर्म का अपमान करने के इरादे से पूजा स्थल को चोट पहुंचाना या अपवित्र करना) के तहत सजा को दो साल से बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया था। हालांकि, दोनों विधेयकों को राष्ट्रपति की मंजूरी नहीं मिली।
भगवंत मान सरकार का विधेयक किस तरह अलग है?
भगवंत मान सरकार के विधेयक में आईपीसी और सीआरपीसी में संशोधन का प्रस्ताव नहीं है। इसके बजाय, यह 2008 में अकाली दल-बीजेपी के कार्यकाल के दौरान बनाए गए कानून में संशोधन करता है। तब जागृत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम, 2008 नाम से विधेयक पारित किया गया था।
इसका मकसद श्री गुरु ग्रंथ साहिब का सम्मान और देखभाल करना था। इसमें कहा गया था कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब को स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में रखा जाए और व्यक्तियों, गुरुद्वारों और संस्थानों पर उचित देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी डाली गई थी। लेकिन इसमें सजा काफी हल्की थी। मान सरकार ने अब बेअदबी से संबंधित प्रावधान जोड़कर सख्त सजा का प्रावधान किया है।
आम आदमी पार्टी की सरकार ने पिछले साल जुलाई में पंजाब प्रिवेंशन ऑफ ऑफेंसेज अगेंस्ट होली स्क्रिप्चर्स विधेयक, 2025 पेश किया था। इस विधेयक को आप विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर की अध्यक्षता वाली विधानसभा की एक चयन समिति को भेजा गया था। यह विधेयक सदन में सर्वसम्मति से पारित हो गया था।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान पर होगी उम्रकैद
पंजाब की भगवंत मान सरकार ने गुरु ग्रंथ साहिब का अपमान करने वालों के लिए आजीवन कारावास की सजा से जुड़े एक विधेयक को मंजूरी दी है। पंजाब सरकार ने ऐसा ‘बेअदबी’ की घटनाओं को रोकने और गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्रता को बनाए रखने के लिए किया है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
