ताज़ा खबर
 

पंजाबः खरीद के लिए आढ़तिया मांग रहे ‘साइन किए हुए ब्लैंक चेक’- किसानों का आरोप

BKU नेता जगसीर सिंह भी मानते हैं कि सूबे के कई हिस्सों में इस तरह की शिकायतें देखने को मिल रही हैं। उनका कहना है कि कई मामलों में किसानों से आधार भी मांगा जा रहा है। अभी हमने उन्हें ऐसा करने से रोका है। बड़े नेताओं को इस बारे में बता दिया गया है। उनके फैसले का इंतजार किया जा रहा है।

Punjab, Punjab Farmers, blank cheques, arhtiya demanding, BKU leaderमंडी में बेचने के लिए फसल को ट्रैक्टर में लोड करते श्रमिक (एक्सप्रेस फोटोः गुरमीत सिंह)

किसान आंदोलन का जनक पंजाब को कहा जा सकता है, लेकिन यहां के किसानों की हालत देखी जाए तो साफ है कि ये लोग अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भटिंडा के बलुआना गांव के निहाल सिंह (काल्पनिक नाम) का कहना है कि जब वह अपनी फसल को बेचने के लिए मंडी में गया तो आढ़ती ने उससे खाली चेक पर दस्तखत करने को कहा।

किसान का कहना है कि दो साल पहले आढ़ती से दो लाख का लोन लिया था। मूल रकम के बराबर वह भुगतान कर चुका है, लेकिन आढ़ती उससे कह रहा है कि अभी भी 1 लाख बकाया है। किसान का कहना है कि वह पिछले चार सीजन से लगातार किश्तें चुका रहा है। किसान ने आढ़ती को भरोसा भी दिलाया कि वह उसकी रकम पहले की तरह से चुकाता रहेगा, लेकिन वह उसकी बात सुनने को भी तैयार नहीं है। उसका कहना है कि खाली चेक पर दस्तखत करके नहीं दिया तो फसल मंडी में नहीं बिकेगी।

निहाल सिंह अकेला नहीं है जिसके साथ इस तरह का वाकया पेश आ रहा है। कमोवेश पंजाब में बहुत सारे किसान ऐसे हैं। जिनके पास निहाल सिंह की तरह से 5-7 एकड़ जमीन है। इन लोगों ने आढ़तियों से लोन के रूप में रकम ले रखी है। ये सारे अपनी किश्तें समय पर चुका रहे हैं, लेकिन फिर भी आढ़ती इनसे खाली चेक पर दस्तखत करके देने को लगातार बोल रहे हैं।

निहाल का कहना है कि उसने अभी तक चेक साइन करने के बारे में फैसला नहीं लिया है। उसे आशंका है कि वह दो किश्तों में आढ़ती को रकम देना चाहता है लेकिन अगर उसने चेक साइन कर गिया तो डर है कि कहीं एक बार में ही सारा पैसा खाते से न निकल जाए। पांच एकड़ की जमीन का मालिक यह किसान फिलहाल अपनी गेहूं की फसल को काटने से भी डर रहा है। पंजाब के जालंधर, खन्ना, संगरूर, मानसा में भी यही कहानी है।

BKU नेता जगसीर सिंह भी मानते हैं कि सूबे के कई हिस्सों में इस तरह की शिकायतें देखने को मिल रही हैं। उनका कहना है कि कई मामलों में किसानों से आधार भी मांगा जा रहा है। अभी हमने उन्हें ऐसा करने से रोका है। उनका कहना है कि आढ़तियों को डर है कि सरकार से डायरेक्ट पेमेंट मिलने के बाद किसान उनका पैसा देने से गुरेज करेंगे। जगसीर का कहना है कि बड़े नेताओं को इस बारे में बता दिया गया है। उनके फैसले का इंतजार किया जा रहा है। अभी किसानों से शांत रहने को कहा है।

उधर, आढ़ती एसोसिएशन के राज्य प्रधान रविंदर सिंह चीमा का कहना है कि किसान उनसे पैसे लेते हैं और फसल के समय किश्तों में रकम को वापस करते रहते हैं। यह लंबे समय से चलन में है। खन्ना के एक आढ़ती का कहना है कि वो किसानों से सिक्योरिटी के तौर पर खाली चेक ले रहे हैं। पहले कोई परेशानी नहीं थी, लेकिन डायरेक्ट पेमेंट के बाद यह दिक्कत शुरू हुई।

Next Stories
1 केरल में राज्‍यसभा चुनाव: केंद्र की राय पर चुनाव आयोग ने टाल द‍िया था, कोर्ट ने कहा- नहीं
2 2 स्क्रीन वाले फोन एलजी विंग पर मिल रहा है 40,000 रुपये तक का डिस्काउंट, जानें क्या है नई कीमत
यह पढ़ा क्या?
X