कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के मध्यस्थता के बाद भी पंजाब कांग्रेस के नेताओं के बीच मतभेद और भी बढ़ते दिख रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल और पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के करीबी नेताओं के बीच हुई बैठक के बाद मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि पार्टी को ऐसे नेता की जरूरत है जो मजबूती से बात रख सकें, न की किसी समझौता करने वाले नेता की।

चरणजीत सिंह चन्नी, जिन्हें इस गुट का मुख्य नेता माना जाता है, वे इस दौरान सुखजिंदर सिंह रंधावा के बगल में खड़े थे, वे इस पर अपना सिर हिलाते नजर आए।

राजा वंडिग ने दी तीखी प्रतिक्रिया

इधर प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “किसी मिलीभगत है? क्या उन्होंने किसी का नाम लिया है? अगर नहीं, तो आप लोग मुझ पर उंगली क्यों उठा रहे हैं? सुखजिंदर रंधावा एकदम सही कह रहे हैं, अगर किसी की मिलीभगत है तो वे हमारे साथ नहीं रह सकते।”

राजा वडिंग ने आगे कहा, “हमें अपनी पार्टी में किसी स्लीपर सेल या ऐसे नेता की जरूरत नहीं है जिनकी निष्ठा संदिग्ध हो।”

उन्होंने कहा कि कई नेताओं पर भाजपा नेताओं और झाड़ु पार्टी के (आप) नेताओं से मिलने के आरोप लगे हैं। उन्होंने कहा, “मेरे और सुखजिंदर सिंह रंधावा के बीच जो भी मुद्दे हैं, हम उन्हें जल्द ही सुलझा लेंगे।”

सुखजिंदर ने राजा वडिंग का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया। उन्होंने कहा कि बैठक में पार्टी को मजबूत करने और पंजाब में कांग्रेस को फिर से खड़ा करने को लेकर जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की चिंताओं पर बात हुई। साथ ही यह भी कहा गया कि कभी-कभी पार्टी में लिए गए फैसलों को वापस लेना पड़ता है।

भूपेश बघेल बयान से दिखे सहमत

इस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर भूपेश बघेल ने कहा कि वह सैद्धांतिक रूप से इस बात से सहमत हैं। उन्होंने कहा, “हां, मैं सहमत हूं कि कोई भी ऐसा नेता जो समझौता कर चुका हो, काम नहीं करेगा। अगर कोई नेता बीजेपी के साथ समझौता कर लेता है, तो वह काम नहीं करेगा। यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं ऐसा नहीं होने दूंगा।”

चंडीगढ़ में शनिवार को सीनियर कांग्रेस नेता राणा गुरजीत सिंह के घर पर 80 मिनट की मीटिंग के बाद भूपेश बघेल ने यह बातें कहीं। इस मीटिंग में बघेल के साथ चन्नी और उनके करीबी नेता- जैसे सुखजिंदर रंधावा, भारत भूषण आशु और विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा शामिल थे। राजा वडिंग इस मीटिंग में शामिल नहीं हुए।

मीटिंग में कही ये बात

भूपेश बघेल ने बताया कि यह बैठक पार्टी की कोई औपचारिक मीटिंग नहीं थी। उन्होंने कहा, “राणा गुरजीत ने मुझे बुलाया था, इसलिए मैं उनसे मिलने गया, जब आप परिवार की तरह रहते हैं, तो कई बातें होती हैं जिनका सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया जाता।”

साथ ही उन्होंने उन अटकलों को भी खारिज कर दिया कि चन्नी को 2027 के चुनावों के लिए पार्टी के मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर पेश किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “यह गलत है। ऐसी कोई बात नहीं हुई है। हम बस इतना चाहते हैं कि कांग्रेस सरकार बनाए।”

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पंजाब कांग्रेस में चल रही उथल-पुथल के बीच पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को पूर्व केंद्रीय मंत्री बूटा सिंह के परिवार का समर्थन मिला है। बूटा सिंह केंद्र की सरकार में गृह मंत्री रहे और सिख राजनीति के बड़े चेहरे थे। बूटा सिंह के बेटे सरबजोत सिंह और बेटी गुरकीरत कौर ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी से उनके घर पर मुलाकात की। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें