पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने बुधवार रात को अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की है। इसके साथ ही पंजाब कांग्रेस का नया अध्यक्ष कौन होगा, इसे लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान दो दिन के अंदर नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर सकता है।

पंजाब में अगले साल फरवरी-मार्च में विधानसभा के चुनाव होने हैं। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग लुधियाना से सांसद हैं।

पिछले काफी दिनों से इस बात की अटकलें लगाई जा रही थीं कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को हटा सकता है। कुछ दिन पहले ही कांग्रेस नेतृत्व ने पंजाब कांग्रेस के प्रभारी के पद से भूपेश बघेल की भी छुट्टी कर दी थी और उनकी जगह राजस्थान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट को राज्य का नया प्रभारी बनाया गया था।

ये नेता हैं दौड़ में

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के लिए जिन नेताओं के नाम की चर्चा चल रही है उन्हें पूर्व सांसद विजय इंदर सिंगला, पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला, विधायक सुखबिंदर सिंह सरकारिया और परगट सिंह आदि नेताओं के नाम प्रमुख हैं।

देखना होगा कि क्या कांग्रेस प्रदेश की कमान किसी दलित चेहरे के हाथ में देगी या फिर से किसी जाट सिख नेता को ही प्रदेश अध्यक्ष बनाएगी। पूर्व सांसद विजय इंदर सिंगला पंजाब में कांग्रेस के हिंदू चेहरे हैं और नए प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर उनके नाम की भी चर्चा है।

चन्नी और वड़िंग के समर्थक आए आमने-सामने

कांग्रेस हाईकमान ने इस साल जुलाई में जब अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष के पद पर बनाए रखने का फैसला किया था तो पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थकों ने इसका विरोध किया था। इसके बाद पंजाब कांग्रेस में लगातार चन्नी और वड़िंग के समर्थक आमने-सामने दिखाई दिए। इसे लेकर पार्टी हाईकमान काफी गंभीर था और उसने गुटबाजी को खत्म करने के लिए भूपेश बघेल को उनके पद से हटा दिया था। चन्नी समर्थकों ने बघेल का भी विरोध किया था।

पंजाब के विधानसभा चुनाव में ज्यादा वक्त नहीं है। ऐसे में नए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को संगठन को एकजुट करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और चुनावी तैयारियों को रफ्तार देने की जिम्मेदारी संभालनी होगी। कांग्रेस राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनावी तैयारी में जुटी हुई है। प्रभारी बनने के बाद सचिन पायलट ने संगठन की एकजुटता और चुनावी तैयारियों पर जोर दिया है।

यह भी पढ़ें- ‘चन्नी बनाम वड़िंग’ की लड़ाई आई सड़कों पर

पंजाब कांग्रेस के द्वारा 2027 विधानसभा चुनाव से पहले शुरू किया गया राज्यव्यापी ‘हर बूथ कांग्रेस मजबूत’ अभियान अब पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी का मंच बनता नजर आ रहा है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।