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पंजाबः पांच दिन बाद CM अमरिंदर सिंह को आई बोरवेल में गिरे मासूम की याद, 24 घंटे में सूबे के सभी बोरवेल बंद करने के दिए आदेश

बचाव कार्य में जुटे अधिकारियों ने बताया कि बच्चे को खाना पीना तो नहीं दिया गया है लेकिन ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह। (Photo: Twitter@capt_amarinder)

पंजाब के संगरूर जिले में 150 फीट से भी अधिक गहरे बोरवेल में लगभग 98 घंटे से फंसे दो वर्षीय बच्चे फतहवीर को बाहर निकालने का अभियान शनिवार को भी जारी है। फतहवीर सिंह बृहस्पतिवार दोपहर करीब चार बजे अपने घर के नजदीक खेलते समय बोरवेल में गिर गया। बोरवेल कपड़े से ढका हुआ था और बच्चे ने दुर्घटनावश उसपर कदम रख दिया। उसकी मां ने उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रहीं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और सैन्य विशेषज्ञों की एक टीम पुलिस, असैन्य अधिकारियों, ग्रामीणों और स्वयंसेवकों के साथ मिल कर बचाव अभियान चला रही है। घटना के पांच दिन बाद राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को बच्चे की याद आयी है। उन्होंने बच्चे सही सलामत होने की प्रार्थना की और अधिकारियों को 24 घंटे में सूबे के सभी बोरवेल बंद करने के आदेश दिए हैं।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को ट्वीट किया, “एनडीआरएफएचक्यू, स्थानीय प्रशासन और बाहरी विशेषज्ञों द्वारा किए जा रहे बचाव अभियान की लगातार जानकारी ले रहा हूं। बचाव टीम गहराई तक पहुंच चुके हैं और फतेहवीर का पता लगा रहे हैं। हमारे मंत्री विजय इंदर सिंगला और संगरुर के जिलाधिकारी पूरे बचाव कार्य पर नजर बनाए हुए हैं। हम बच्चे के परिवार के साथ खड़े हैं। बच्चे की कुशलता के लिए प्रार्थना करते हैं।” पंजाब सीएम ने एक और ट्वीट किया, “मैंने सभी जिलाधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि किसी भी जिले में खुला बोरबेल न हो और वे मुझे 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट दें। आपको यदि कहीं भी खुले बोरवेल के बारे में जानकारी है तो आप हेल्प लाइन नंबर 0172-2740397 पर कॉल कर सकते हैं।”

बचाव कार्य में जुटे अधिकारियों ने बताया कि बच्चे को खाना पीना तो नहीं दिया गया है लेकिन ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है। बचाव दल में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), पुलिस, नागरिक प्रशासन, ग्रामीण और स्वयं सेवी लोग शामिल हैं। ये लोग तपती गर्मी की परवाह किए बगैर पूरी मेहनत से बचाव अभियान चला रहे है। बच्चे को बचाने के लिए बोरवेल के समांतर एक दूसर बोरवेल खोदा गया है और उसमें कंक्रीट के बने 36 इंच व्यास के पाइप डाले गए हैं।

घटना स्थल पर कैम्प लगा कर राहत अभियान पर नजर रख रहे पंजाब के सार्वजनिक निर्माण विभाग मंत्री विजय इंदर सिंगला ने कहा कि हमारा मकसद केवल बच्चे को सकुशल बाहर निकालना है। इस घटना से कुरूक्षेत्र में 2006 में गिरे बच्चे प्रिंस को बचाने की याद ताजा हो गई हैं। प्रिंस को करीब 48 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाल लिया गया था। बता दें कि इससे पहले, मार्च में हरियाणा के हिसार में भी 18 महीने का एक बच्चा बोरवेल में गिर गया था, जिसे दो दिन बाद बाहर निकाला गया था। (भाषा इनपुट के साथ)

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