पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर जगतार सिंह हवारा को 10 दिन की पैरोल दिए जाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हवारा के लिए पैरोल की मांग उनकी मां के बेहद खराब स्वास्थ्य को देखते हुए मानवता के आधार पर की गई है।

हवारा 1995 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी है और जेल में बंद है। हाल ही में मान सरकार ने राज्यपाल को पत्र लिखकर हवारा को पैरोल दिए जाने की सिफारिश की थी।

राज्यपाल से मुलाकात के बाद भगवंत मान ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जगतार सिंह हवारा की मां की तबीयत ठीक नहीं है और वह अपने बेटे से मिलना चाहती हैं। हवारा 31 साल से जेल में बंद है।

10 दिन की पैरोल की मांग

मान ने कहा कि चूंकि राज्यपाल चंडीगढ़ के प्रशासक हैं और यह मामला चंडीगढ़ में चल रहा है तो इसकी सिफारिश करना राज्यपाल के हाथ में है और फिर इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय को फैसला लेना है कि हवारा को कितने दिनों की पैरोल दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मांग की है कि हवारा को 10 दिन की पैरोल दी जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि उन्हें पता चला है कि हवारा की मां बेहोशी की हालत में हैं। मान ने कहा, “जब मां के कान में जगतार सिंह हवारा का नाम लिया जाता है तो तो वह रिएक्ट करती हैं, आंखें हिलाती हैं।”

कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने नहीं देंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल को भरोसा दिलाया है कि पंजाब सरकार गारंटी लेती है कि कानून व्यवस्था की कोई स्थिति पैदा नहीं होने देंगे। इसके अलावा किसी तरह की हुल्लड़बाजी या जिंदाबाद-मुर्दाबाद नहीं होने देंगे और जगतार सिंह हवारा से जुड़े संगठनों ने भी पंजाब सरकार को इसका भरोसा दिया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्यपाल कटारिया ने उन्हें भरोसा दिया है कि और वादा किया है कि वे इस बारे में भारत सरकार के गृह मंत्रालय के सचिव से बात करेंगे और औपचारिकताएं पूरी करेंगे। मान ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही हवारा अपनी मां के पास बैठेंगे और इससे उनकी मां के कलेजे को शांति मिलेगी।

बेअंत सिंह की चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा सचिवालय के बाहर आत्मघाती बम धमाके में हत्या कर दी गई थी। हवारा को इस मामले में दोषी पाया गया था और उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी।

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