Bhagwant Mann Video Controversy: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक वायरल वीडियो के चलते उन पर गुरुओं के अपमान का गंभीर आरोप लगाया गया है। इसको लेकर मचे राजनीतिक बवाल पर विपक्ष में बैठी कांग्रेस और बीजेपी, मुख्यमंत्री के खिलाफ आक्रामक है। दोनों ही भगवंत मान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री लगातार अपने खिलाफ लगे आरोपों को झूठ और वायरल वीडियो को फर्जी बता रहे हैं।

न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में सीएम भगवंत मान के कथित वायरल वीडियो के मुद्दे पर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने हमला बोला है। इसमें अहम पहलू यह भी है कि हरियाणा पुलिस ने वायरल वीडियो को फर्जी बतानी वाली गलत रिपोर्ट बनाने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। तरुण चुघ ने भगवंत मान को ‘सत्ता के नशे में चूर’ तक बता दिया।

‘मुख्यमंत्री रहने का हक नहीं’

तरुण चुघ ने कहा, “जब श्री अकाल तक़्त साहिब ने उन्हें उस अपमानजनक वीडियो के बारे में फटकार लगाई, तो उन्होंने इससे इनकार करते हुए कहा कि यह वीडियो फर्जी है और AI जेनरेटेड बता दिया। भगवंत मान सत्ता के नशे में चूर हैं। उन्होंने अकाल तक़्त साहिब को चुनौती दी और झूठी रिपोर्ट पेश की। भगवंत मान को गद्दार घोषित कर दिया गया है। उन्हें पंजाब का मुख्यमंत्री बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।”

कांग्रेस ने की इस्तीफे और सार्वजनिक मांफी की मांग

दूसरी ओर मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस भी सीएम भगवंत मान के खिलाफ आक्रामक है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने भी उनके इस्तीफे और सार्वजनिक माफी की मांग की।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के इस्तीफे की मांग करती है, क्योंकि उन्होंने गुरु के हितों के विरुद्ध कार्य किया है। उन्हें इस उल्लंघन के लिए पंजाब की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

राजा वारिंग ने कहा, “उनके (भगवंत मान) अधिकारियों द्वारा गुरुग्राम के एक होटल में बैठक करना और अपनी निजी मंशा के अनुरूप रिपोर्ट तैयार करवाना, अकाल तख्त के उस फैसले की वैधता को पुष्ट करता है जिसमें उन्हें ‘गुरु दोषी’ (गुरु के विरुद्ध कार्य करने वाला) करार दिया गया है।”

जांच रिपोर्ट में हेराफेरी करने का आरोप

गौरतलब है कि गुरुग्राम के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) क्राइम नवीन शर्मा ने जानकारी दी है कि गुरुग्राम पुलिस ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े वायरल वीडियो मामले में कथित तौर पर फोरेंसिक रिपोर्ट में हेराफेरी करने के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फॉरेंसिंक एक्सपर्ट ने पंजाब के अधिकारियों पर रिपोर्ट के साथ हेराफेरी करने के लिए दबाव बनाने के साथ ही 10 लाख रुपये की पेशकश का आरोप भी लगाया है।

मुख्यमंत्री मान ने खारिज किए हैं सारे आरोप

वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को दावा किया कि बीजेपी ने फोरेंसिक प्रयोगशालाओं के मालिकों पर हमला किया है। उन्होंने वायरल वीडियो मामले में कथित तौर पर फोरेंसिक रिपोर्ट में हेराफेरी करने के आरोप में गुरुग्राम पुलिस द्वारा दो व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज मामलों को खारिज कर दिया है।

X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में भगवंत मान ने दावा किया कि सिख गुरुओं की तस्वीरों के अपमान को कथित तौर पर दिखाने वाला वीडियो फर्जी था। उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए भाजपा , कांग्रेस और अकाली दल पर उन्हें बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने विपक्ष पर धर्म का इस्तेमाल उनके खिलाफ करने का भी आरोप लगाया है।

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सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने वीडियो क्लिप को प्रामाणिक घोषित किया है और भगवंत मान को गुरु विरोधी और पंथ विरोधी बताया है। हालांकि, भगवंत मान का कहना है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वह नहीं बल्कि एक अभिनेता है जिसका इस्तेमाल उन्हें बदनाम करने के लिए किया गया है। पढ़िए पूरी खबर…