scorecardresearch

पुलवामा हमला: अंतिम संस्‍कार के 3 घंटे बाद पहुंचे सिद्धू, शहीद के परिवार ने कहा- फॉर्मेलिटी करने आए थे

शहीदों के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार (15 फरवरी, 2019) को एक प्रेस रिलीज जारी कर जानकारी दी कि उन्होंने शहीदों के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए काबीना मंत्रियों की ड्यूटी लगाई है जो वहां मौजूद रहेंगे।

navjot singh didhu
कांग्रेस नेता और पंजाब सरकार में कैबिनेट मिनिस्टर नवजोत सिंह सिद्धू। (इंडियन एक्सप्रेस फोटो)
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा आतंकी हमले में मारे गए पंजाब के शहीदों के अंतिम संस्कार में राज्य सरकार के किसी बड़े नेता के ना पहुंचने पर विवाद हो गया है। पुलवामा आतंकी हमले में पंजाब के भी चार जवान शहीद हुए। शहीदों के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार (15 फरवरी, 2019) को एक प्रेस रिलीज जारी कर जानकारी दी कि उन्होंने शहीदों के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए काबीना मंत्रियों की ड्यूटी लगाई है जो वहां मौजूद रहेंगे। खबर के मुताबिक मोगा में शहीद जयमल सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए कैबिनेट मिनिस्टर नवजोत सिंह सिद्धू की ड्यूटी लगाई गई। इसके अलावा स्थानीय विधायक और प्रशासन को भी जानकारी दे दी गई। मगर सिद्धू शहीद के अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचे। इसके उलट वो लुधियाना में नगर निगम के कार्यक्रम में पहुंच गए।

लुधियाना कार्यक्रम के बाद सिद्धू मोगा पहुंचे। खबर के मुताबिक यहां भी शहीद के परिजनों से मुलाकात करने से पहले सिद्धू अपने महकमें के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंच गए। आजतक वेबसाइट में छपी खबर के मुताबिक सिद्धू करीब तीन घंटे बाद शहीद के घर पहुंचे। यहां उन्होंने शहीद के परिवार और उनके भाई से मुलाकात की है। मुलाकत के बाद शहीद के भाई ने कहा कि सिद्धू सिर्फ एक फॉर्मेलिटी करने के लिए आए थे। उन्हें शहीद के अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहिए था।

बता दें कि सिद्धू पुलवामा आतंकवादी हमले पर अपनी टिप्पणी को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने शनिवार (16) को कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने कहा कि अगर करतारपुर गलियारे पर फैसला रद्द हो जाता है तो इससे आतंकवादी प्रोत्साहित होंगे। सिद्धू ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ सिखों का करतारपुर गलियारा रूक नहीं सकता है। क्या आप चाहते हैं कि दो प्रधानमंत्रियों द्वारा लिया गया फैसला रद्द हो? तो आप उन्हें (आतंकवादियों) प्रोत्साहित करेंगे… कोई भी देश को आतंकवाद के आगे झुका नहीं सकता है और यह बहुत साफ है।’’

पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हमले की पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद द्वारा जिम्मेदारी लेने के बाद शुक्रवार को सिद्धू ने कहा था कि कुछ लोगों के कृत्य के लिए क्या पूरे देश को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

पढें राष्ट्रीय (National News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

अपडेट