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सुप्रीम कोर्ट में बोला चुनाव आयोग- कांग्रेस ने पेश की मतदाताओं की फर्जी लिस्ट, दी जाए सजा

कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल ने बताया कि कोर्ट में वही आंकड़े पेश किए गए, जो सार्वजनिक हैं। टेलीविजन चैनलों ने भी इसी को दिखाया और यही सूची ईसी को भी सौंपी गई।

चुनाव आयोग। (फाइल फोटो)

चुनाव आयोग (ईसी) ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि कांग्रेस ने मतदाताओं की फर्जी वोटर लिस्ट पेश की। ऐसा कर पार्टी ने कोर्ट को भटकाने का प्रयास किया, लिहाजा उसे इसके लिए सजा दी जानी चाहिए। ईसी की यह टिप्पणी कांग्रेस के उन आरोपों पर आई है, जिसमें पार्टी की ओर से कहा गया था कि मध्य प्रदेश और राजस्थान की वोटर लिस्टों में लाखों वोटरों के नाम दो बार आ गए। ये दावे कोर्ट के समक्ष पार्टी नेता कमलनाथ और सचिन पायलट ने किए थे, जिस पर कोर्ट ने ईसी को जवाब देने के लिए कहा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईसी ने कहा कि कांग्रेस ने जो लिस्ट जमा की उसमें लोगों के नामों और फोटो के साथ हेराफेरी की गई। ईसी के वकील विकास सिंह का इस बाबत कहना है कि याचिकाकर्ता ने नकली वोटर लिस्ट पेश की। ऐसा कर कोर्ट को इस मामले में गुमराह करने की कोशिश की गई है। उन्होंने इसी के साथ दावा किया कि वे आंकड़े ईसी के नहीं हो सकते। वे निजी हैं।

उधर, कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल ने पार्टी का पक्ष रखा और बताया कि कोर्ट में वही आंकड़े पेश किए गए, जो सार्वजनिक हैं। टेलीविजन चैनलों ने भी इसी को दिखाया और यही सूची ईसी को भी सौंपी गई। ईसी के वकील ने इस पर जवाब दिया कि उन्हें इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं है।

आपको बता दें कि कमलनाथ और पायलट का पक्ष वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने की बीते महीने कोर्ट में रखा था। उन्होंने उस दौरान कहा था कि मध्य प्रदेश में कमलनाथ ने खुद सर्वे कराया, जिसमें पता लगा कि वोटर लिस्ट में तकरीबन 60 लाख लोगों के नाम दो बार आए।

ईसी ने मामले की पिछली सुनवाई में कहा था कि याचिकाकर्ता कमलनाथ या उनकी पार्टी गुहार नहीं लगा सकती कि ईसी तो फलां तरीके से चुनाव करवाने का निर्देश दिया जाए। उसके काम में राजनीतिक दल किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं कर सकते। याचिका पर 23 अगस्त को कोर्ट ने ईसी को नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने इसके अलावा दोनों राज्यों (एमपी व राजस्थान) के राज्य चुनाव आयोगों को भी नोटिस जारी कर जवाब देने का निर्देश दिया था।

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