पुणे के व्यापारियों ने प्रस्तावित यूपीआई शुल्क के विरोध में 2 अक्टूबर को ‘नो UPI डे’ मनाने का फैसला किया है। पूना मर्चेंट्स चैंबर ने शहर के व्यापारियों और कारोबारियों से अपील की है कि वे शुक्रवार को UPI के जरिए भुगतान स्वीकार न करें। व्यापारियों का कहना है कि 2,000 रुपये से अधिक के कुछ यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) से उनके ऊपर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

पूना मर्चेंट्स चैंबर के अध्यक्ष राजेंद्र बठिया ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि यह विरोध प्रस्तावित MDR को वापस लेने की मांग को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने पुणे के व्यापारियों से इस विरोध में शामिल होने और 2 अक्टूबर को यूपीआई भुगतान से बचने की अपील की है। उनके मुताबिक, देशभर में कई व्यापारी संगठन पहले ही इस प्रस्ताव को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं।

2,000 रुपये से ज्यादा के UPI भुगतान पर लगेगा MDR

प्रस्तावित नए नियमों के तहत 2,000 रुपये से अधिक के कुछ व्यक्ति से व्यापारी (पर्सन-टू-मर्चेंट) UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाया जाएगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये तक सीमित रहेगा। हालांकि, जिन छोटे व्यापारियों के यूपीआई क्यूआर कोड से हर महीने 1 लाख रुपये तक का लेनदेन होता है, उन्हें इस शुल्क से छूट दी जाएगी।

राजेंद्र बठिया ने कहा कि व्यापारी पहले से ही GST समेत कई तरह के करों का भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में UPI लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क उनके लिए एक और आर्थिक बोझ बन सकता है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के सामने आने वाली समस्याओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए सामूहिक रूप से आवाज उठाना जरूरी है।

MDR के विरोध में देशभर के व्यापारी संगठन

मर्चेंट्स चैंबर ने स्पष्ट किया कि उसका यह कदम देश के विभिन्न व्यापारी संगठनों की ओर से उठाई गई आपत्तियों के समर्थन में है। चैंबर के मुताबिक, व्यापारी संगठन इस मुद्दे को सरकार के सामने लगातार उठाते रहेंगे और प्रस्तावित MDR को लेकर अपनी मांग जारी रखेंगे।

चैंबर ने अपने सदस्यों और पुणे के अलग-अलग व्यापारी संगठनों से भी कहा है कि वे अपने सदस्यों को ‘नो UPI डे’ के बारे में जानकारी दें और उन्हें इसमें शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करें। प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होने वाली है। ऐसे में 2 अक्टूबर का विरोध व्यापारियों की ओर से इस मुद्दे पर अपनी चिंता दर्ज कराने की एक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

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मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि CJP 2 अक्टूबर से मुंबई में प्रदर्शन शुरू करेगी और यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।