हाल ही में सम्पन्न हुए महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में पुणे नगर निगम (PMC) में बीजेपी ने जीत दर्ज की है। पुणे की 165 सीटों में से 83 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। पुणे के अगले महापौर पद के लिए भाजपा की पहली पसंद मंजुषा नागपुरे हैं जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कट्टर समर्थक परिवार से आती हैं। अन्य प्रमुख दावेदारों में चार बार की पार्षद वर्षा तापकिर और तीन बार की पार्षद मानसी देशपांडे हैं।

हाल ही में संपन्न पुणे नगर निगम चुनावों में तीसरी बार पार्षद चुनी गयी मंजुषा नागपुरे निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं। 15 जनवरी को हुए पीएमसी चुनावों में, नागपुरे सिंहगढ़ रोड स्थित सनसिटी-मानिकबाग वार्ड से निर्विरोध निर्वाचित हुई थीं। मंजुषा पहली बार 2012 में सिंहगढ़ रोड के आनंदनगर क्षेत्र से पार्षद के रूप में पीएमसी के लिए चुनी गई थीं और तब से वह तीन बार पार्षद के रूप में नगर निकाय में अपनी जगह बना चुकी हैं।

मंजुषा नागपुरे पीएमसी में चुने गए सबसे उच्च शिक्षित पार्षदों में से एक

मंजुषा नागपुरे ने 1999 में सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (एसपीपीयू) से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और 2021 में आईसीएफएआई विश्वविद्यालय से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) में मास्टर डिग्री हासिल की। 1979 में जन्मी मंजुषा नागपुरे, पीएमसी में चुने गए सबसे उच्च शिक्षित पार्षदों में से एक हैं। उन्होंने एक आईटी फर्म में काम किया लेकिन परिवार के आग्रह पर नगर निगम चुनाव लड़ने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी।

पढ़ें- पुणे में महिलाओं ने जीतीं रिज़र्व से भी अधिक पार्षद सीटें

मंजुषा के पति दीपक भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी हैं, उन्हीं के माध्यम से उन्होंने पीएमसी में महिलाओं के लिए आरक्षित सीट से चुनावी राजनीति में प्रवेश किया। कपल का अपना बिजनेस है। नागपुरे ने 3.22 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। मंजुषा और दीपक के दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र क्रमशः 17 और 5 वर्ष है।

मंजुषा के चुनावी वादे

पीएमसी चुनावों के लिए अपने प्रचार अभियान के दौरान, मंजुषा नागपुरे ने मतदाताओं को आश्वासन दिया कि वह ट्रैफिक सिग्नल में सुधार, सड़कों को चौड़ा करने और पुणे महानगर परिवहन महामंडल लिमिटेड (पीएमपीएमएल) बस सेवा को मजबूत करके शहर की यातायात समस्याओं को हल करने के लिए काम करेंगी। मंजुषा नागपुरे ने मुथा नदी के किनारे एक रिटेनिंग वॉल बनाने और निवासियों को पूर्व चेतावनी देने के लिए एक बाढ़ चेतावनी प्रणाली स्थापित करने की योजना बनाई है। वह पीएमसी द्वारा शुरू की गई नदी सुधार और सौंदर्यीकरण परियोजना को आगे बढ़ाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि वह नगर निगम के अस्पतालों को उन्नत बनाने और नगर निगम के स्कूलों में डिजिटल शिक्षा शुरू करने के लिए काम करेंगी।

पीएमसी की 83 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित

महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम के अनुसार स्थानीय निकायों में आधी सीटें महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित करना अनिवार्य है। पीएमसी की 165 सीटों में 83 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थीं। 40 वार्डों में दो-दो और एक वार्ड में तीन सीट रिज़र्व थी। परिणाम सामने आने पर सामान्य श्रेणी के वार्डों से 6 महिलाओं ने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इससे महिला पार्षदों की कुल संख्या 89 हो गई।

पढ़ें- पुणे और पिंपरी चिंचवड में क्यों साथ आया पवार परिवार?